देहरादून :- रविवार को कॉंग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि आज समानता बंधुत्व और राष्ट्र की अखंडता के लिए सद्भावना मार्च का आयोजन किया गया। लालचंद शर्मा ने उत्तराखंड के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह से उत्तराखंड की शांत वादियों को अशांत करने के प्रयास हो रहे है झूठी कहानियों के सहारे राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे प्रयासों को राजनीतिक संरक्षण की भी बात सामने आ रही है। नागरिक समाज का सदस्य होने के नाते हम सब का कर्तव्य है कि ऐसी घटनाओं को रोकने व संप्रदाय एकता वह बंधुत्व बढ़ाने तथा भाईचारा बिगड़ना व नफरत फैलाने वाले को कड़ा संदेश देने के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है।
लालचंद शर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष लव जिहाद के नाम पर एक समुदाय के लोगों को पुरोला उत्तरकाशी छोड़ने को विवश किया गया। चमोली के घाट में नाबालिक से छेड़छाड़ पर सामुदायिक विशेष के खिलाफ अभियान चलाया गया, टिहरी के चौरास के साथ ही हल्द्वानी और देहरादून में बार-बार इस तरह की घटनाओं को दोहराया गया रुद्रप्रयाग जिले की कुछ गांव में खास समुदाय के लोगों का प्रवेश वर्जित संबंधी बोर्ड भी इस नफरती अभियान का हिस्सा थे हमारा मानना है कि एक व्यक्ति के अपराध के लिए पूरे समुदाय के खिलाफ अभियान चलाना एक सोची समझी साजिश है। सांप्रदायिक घटनाओं में कुछ नाम हर बार सामने आए ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर तो होती है लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो पाती। देहरादून में रेलवे स्टेशन पर हुई घटना में दंगाई को जागरण थाने से छुड़ाना इसका उदाहरण है इन स्थितियों में जब दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने में पुलिस व प्रशासन विफल है। या उन्हें ऐसा करने से रोका जा रहा है तो नागरिक समुदाय को आगे आने की जरूरत है।
लालचंद शर्मा ने कहा कि हम उन अधिकारियों की आचरण की तारीफ करते हैं जो भीड़ के दबाव में झुके नहीं और भारत के संविधान के प्रति वफादार रहे। उत्तराखंड में अल्पसंख्यक समुदायों को बिना कारण निशाना बनाए जाने की घटनाओं से हम चिंतित हैं हमें अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि हाल के दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर महिला संगठनों के खुले पत्र और वरिष्ठव जनों व जाने-माने लोगों द्वारा बार-बार आवाज उठाए जाने के बावजूद उत्तराखंड सरकार नफरत फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने से बच रही है। यहां बढ़ती नफरत देश की एक उत्तराखंडता के लिए खतरा है। हम सरकार से मांग करते हैं कि प्रत्येक नागरिक की सेवा किसी भी धर्म जाति क्षेत्र लिंग का हो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए नफरत फैलाने वाले और सांप्रदायिक हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
इस अवसर पर डॉक्टर शेखर पाठक, डॉक्टर रवि चोपड़ा, प्रोफेसर उमा भट्ट, राधा बहन, विभा पूरी दास जगमोहन मेहंदीरत्ता, गोदावरी थापली, समर भंडारी, इन्द्रेश मैखुरी, वीरेंद्र पोखरियाल, निर्मला बिष्ट, कमला पंत, शीशपाल बिष्ट, गरिमा माहरा दसोनी, मनमोहन शर्मा, संजय थापा आदि उपस्थित रहे।