Breaking News
सरकार ने जनता को संकट से बचाए रखा, विपक्ष दो महीने से वृद्धि कराना चाहता था, महेंद्र भट्ट।
सरकार ने जनता को संकट से बचाए रखा, विपक्ष दो महीने से वृद्धि कराना चाहता था, महेंद्र भट्ट।
राज्य सरकार के कार्मिकों का बढ़ा महंगाई भत्ता।
राज्य सरकार के कार्मिकों का बढ़ा महंगाई भत्ता।
दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहन से अचानक उपनल मुख्यालय पहुंचे, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी।
दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहन से अचानक उपनल मुख्यालय पहुंचे, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी।
उच्च शिक्षा विभाग में किताबों का संकट दूर करेगी ई-लाइब्रेरी, डाॅ. धन सिंह रावत।
उच्च शिक्षा विभाग में किताबों का संकट दूर करेगी ई-लाइब्रेरी, डाॅ. धन सिंह रावत।
श्रमिक हितों के संरक्षण एवं औद्योगिक शांति बनाए रखने के निर्देश।
श्रमिक हितों के संरक्षण एवं औद्योगिक शांति बनाए रखने के निर्देश।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने SIR को लेकर की, राजनैतिक दलों के साथ बैठक।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने SIR को लेकर की, राजनैतिक दलों के साथ बैठक।
मसूरी विधानसभा क्षेत्र में, सिंचाई विभाग के विकास कार्यों की समीक्षा की, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।
मसूरी विधानसभा क्षेत्र में, सिंचाई विभाग के विकास कार्यों की समीक्षा की, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।
ऊर्जा संरक्षण व संसाधनों को लेकर, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी बड़ा बयान, प्रत्येक शनिवार को “नो व्हीकल डे” के रूप में मनाने के निर्देश जारी।
ऊर्जा संरक्षण व संसाधनों को लेकर, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी बड़ा बयान, प्रत्येक शनिवार को “नो व्हीकल डे” के रूप में मनाने के निर्देश जारी।
मानकों के विपरित संचालित 96 होमस्टे के पंजीकरण, डीएम सविन बंसल ने किए निरस्त।
मानकों के विपरित संचालित 96 होमस्टे के पंजीकरण, डीएम सविन बंसल ने किए निरस्त।

सात नई पिरुल ब्रिकेट्स यूनिट, तैयार होंगी वनाग्नि सत्र से पहले।

सात नई पिरुल ब्रिकेट्स यूनिट, तैयार होंगी वनाग्नि सत्र से पहले।

वनाग्नि प्रबंधन की कार्ययोजना केंद्र को भेजी।

देहरादून :- वन विभाग आगामी वनाग्नि सत्र से पहले प्रदेश में सात नई पिरुल ब्रिकेट्स यूनिट तैयार कर देगा। इससे पिरुल एकत्रितकरण के जरिए वनाग्नि रोकथाम में मदद मिलेगी। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर वन विभाग ने वनाग्नि रोकथाम के लिए पांच साल की योजना तैयार करते हुए, केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजी है।

प्रदेश में वनाग्नि का मुख्य कारण, जंगलों में चीड़ वन की अधिकता है। वन विभाग के नियंत्रणाधीन वनाच्छादित क्षेत्र में लगभग, 15.25 प्रतिशत चीड़ वन है। इसलिए वन विभाग चीड़ पिरुल को एकत्रित करते हुए, इसका प्रयोग पैलेट्स, ब्रिकेट्स बनाने में कर रहा है। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों की मदद ली जा रही है, वर्तमान में विभाग इन समूहों को प्रति कुंतल तीन रुपए की दर से चीड़ एकत्रित करने का भुगतान करता है, जिसे मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में बढ़ाए जाने की तैयारी है। गत वर्ष विभाग ने स्वयं सहायता समूहों के जरिए, 38299.48 कुंतल चीड़ पिरुल एकत्रित किया, जिसके बदले समूहों को 1.13 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया।

अब यूनिट बढ़ाने की तैयारी
अपर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक निशांत वर्मा के मुताबिक पिरुल एकत्रितकरण से वनाग्नि रोकथाम में प्रभावी कमी आती है। इसलिए वर्तमान में चल रही ब्रेकेटस यूनिट की संख्या बढ़ाकर 12 किए जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, जल्द ही अल्मोड़ा, चम्पावत, गढ़वाल और नरेंद्र नगर वन प्रभाग में सात नई यूनिट स्थापित हो जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी हो सकेगा।

वनाग्नि रोकथाम के लिए, विभागों को समय से तैयारी करने को कहा गया है। प्रदेश में सात जगह नई ब्रेकेटस यूनिट बनने से ग्रामीणों को रोजगा मिलेगा, साथ ही पिरुल से लगने वाली वनाग्नि में भी प्रभावी कमी आएगी। इसके साथ ही वनाग्नि रोकथाम के लिए भारत सरकार के पास पांच साल की कार्ययोजना तैयार करके भेजी गई है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

हाईलाट्स

15 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र में हैं चीड़ वन

05 स्थानों पर वर्तमान में हैं ब्रिकेट्स यूनिट

05 साल की कार्ययोजना भेजी गई भारत सरकार के पास

1.13 करोड़ रुपए गत वर्ष स्वयं सहायता समूहों को दिए गए पिरुल जमा करने पर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top