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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर, मुख्यमंत्री धामी ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया।
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पीएम मोदी के जन्मदिवस पर 2100 दीपों से जगमगाया यमुना तट, सीएम धामी ने 7.52 करोड़ के स्नान घाट का किया लोकार्पण।
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प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर, “आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम मे की शिरकत, प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन की कामना की। 
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आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में बोले कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर सेवा और राष्ट्र निर्माण का लें संकल्प।
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कालसी में गूंजा माँ यमुना का जयघोष, मुख्यमंत्री धामी ने किया, माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण व हरिघाट का लोकार्पण।
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जन सेवा केंद्रों पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 4 जन सेवा केंद्र किए गए सील।
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अग्निवीर योजना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़, गणेश गोदियाल।
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एसजीआरआरयू में छात्रों के समग्र स्वास्थ्य विकास को लेकर हुआ प्रेरणादायी कार्यक्रम।
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खेल मंत्री रेखा आर्या ने महिला स्पोर्ट्स कॉलेज व स्टेडियम का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दिए निर्देश।
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केंद्र सरकार ने पंद्रहवें वित्त आयोग का अनुदान किया जारी, उत्तराखंड को पहली किस्त में, 93 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि की गई जारी।

केंद्र सरकार ने पंद्रहवें वित्त आयोग का अनुदान किया जारी, उत्तराखंड को पहली किस्त में, 93 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि की गई जारी।

केंद्र सरकार ने पंजाब, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग का अनुदान किया जारी।

ग्रामीण शासन को मजबूत करने के लिए उत्तराखंड को 93 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मिली।

देहरादून/नई दिल्ली :- केंद्र सरकार ने पंजाब, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदान जारी किया है। पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई)/ ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को प्रदान किए गए ये अनुदान जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पंजाब के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 225.1707 करोड़ रुपये की अप्रतिबंधित अनुदान (स्थानीय निकायों को उनके क्षेत्र में विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दी जाने वाली धनराशि) की पहली किस्त जारी की गई है। ये धनराशि राज्य की 13144 ग्राम पंचायतों, 146 ब्लॉक पंचायतों और सभी 22 जिला पंचायतों के लिए है। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान जारी पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदान में वित्तीय वर्ष 2024-25 के अप्रतिबंधित अनुदानों की 237.1393 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2024-25 के अप्रतिबंधित अनुदानों की पहली किस्त की रोकी गई राशि 6.9714 करोड़ रुपए शामिल है। ये धनराशि राज्य की 11548 ग्राम पंचायतों, सभी 146 ब्लॉक पंचायतों और सभी 27 जिला पंचायतों के लिए है। वहीं उत्तराखंड में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अप्रतिबंधित अनुदानों की 93.9643 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी की गई है।

पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय ( पेयजल और स्वच्छता विभाग ) के माध्यम से भारत सरकार ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए राज्यों को पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदान जारी करने की सिफारिश करती है, जिसे बाद में वित्त मंत्रालय जारी करता है। आवंटित अनुदानों की सिफारिश की जाती है जिसे एक वित्तीय वर्ष में 2 किस्तों में जारी किया जाता है। वेतन और अन्य स्थापना लागतों को छोड़कर, संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निहित उनतीस ( 29 ) विषयों के तहत स्थान-विशिष्ट में महसूस की जाने वाली जरूरतों को पूरा करने के लिए पंचायती राज संस्थान (पीआरआई) ग्रामीण स्थानीय निकाय (आरएलबी) इस अनबंधित अनुदानों का उपयोग करता है। इन अनुदानों का उपयोग (ए) स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव की बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है, और इसमें विशेष रूप से घरेलू कचरे का प्रबंधन और उपचार, और मानव मल और मल कीचड़ प्रबंधन शामिल होना चाहिए

इस अनुदान का उपयोग (क) घरेलू कचरे का प्रबंधन और उपचार, विशेष रूप से मानव मल और मल कीचड़ का प्रबंधन शामिल करते हुए स्वच्छता और खुले में शौच से मुक्ति की स्थिति को बनाए रखने और (ख) पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन तथा जल पुनर्चक्रण जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है।

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