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मुख्यमंत्री धामी ने गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेले में किया प्रतिभाग।
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खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा उत्तराखंड को खेलभूमि के रूप में दिलाएगी नई पहचान, रेखा आर्या।
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त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 83 खाद्य पदार्थों की जांच में 15 मानकों पर नहीं उतरे खरे।
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वीर केसरी चन्द के 107वे जन्मदिवस पर श्रद्धा-सुमन किए अर्पित, मंत्री खजानदास।
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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी कौथिग 2026’ में हुए शामिल, लोकसंस्कृति के संरक्षण पर दिया जोर।
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क्षेत्र पंचायत निधि पुनः प्रारंभ करने तथा क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय एवं भत्तों में वृद्धि के लिए की जाएगी कार्यवाही, मुख्यमंत्री।
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मुख्यमंत्री ने खेल महाकुम्भ एवं मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के समापन समारोह में किया प्रतिभाग।
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मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं, निर्माण कार्यों के लिए ₹ 805 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
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राजपुर वार्ड में विकास योजनाओं का किया शिलान्यास, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।
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श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में, पीजी मेडिकल स्टूडेंट्स ने जानी, एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की बारीकियां। 

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में, पीजी मेडिकल स्टूडेंट्स ने जानी, एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की बारीकियां। 

फोग्सी – आईएजीई के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन। 

विशेषज्ञों ने लाइव सर्जरी के दौरान सांझा की महत्वपूर्णं जानकारियां। 

देहरादून :- श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के स्त्री एवम् प्रसूति विभाग की ओर से एक दिवसीय एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जरी ट्रेनिंग वर्कशाॅप का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्त्री एवम् प्रसूति विभाग के पोस्ट ग्रेजुएट डाॅक्टर्स ने आधुनिक लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की विधाओं को जाना समझा। विशिषज्ञों ने ओपरेशन थियेटर से लाइव सर्जरी के द्वारा मिनिमली इनवेज़िव गाइनी प्रोसिज़र की जानकारियों को युवा डाॅक्टरों के साथ सांझा किया। 

बुधवार को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के स्त्री एवम् प्रसूति रोग विभाग में कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज़ के प्राचार्य डाॅ अशोक नायक, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की स्त्री एवम् प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डाॅ विनीता गुप्ता, डाॅ आरती लूथरा, डाॅ अनुपमा सेठी, डाॅ रोबिना मक्कड़ ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया। फोग्सी – आईएजीई द्वारा आयोजित इस कार्यशाला ईगल प्रोजेक्ट का उद्देश्य मेडिकल काॅलेजों में कार्यशालाओं का आयोजन कर पोस्ट ग्रेजुएट प्रशिक्षुओं के सर्जिकल कौशल को सैद्धांतिक ज्ञान व व्यावहारिक लैप्रोस्कोपिक तकनीकों से समन्वय बढ़ाना था। इस कार्यशाला में लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टाॅमी, मयोमैक्टाॅमी, ओवेरियन सिस्टेक्टाॅमी, एंडोमेट्रियोसिस सर्जरी और हिस्ट्रोस्कोपिक सर्जरी जैसी मुख्य प्रक्रियाओं का लाइव प्रदर्शन, सिम्यूलेशन आधारित प्रशिक्षण और इंट्रैक्टिव सैशन का आयोजन भी किया गया।

डाॅ विनीता गुप्ता ने एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के मेडिकल पक्ष को समझाया। उन्होंने कहा कि लैप्रोस्कोपिक सर्जरी में बड़े आॅपरेशनों में भी कम टांके लगाकर सफल सर्जरी सम्भव है। इससे रोगी को सर्जरी के बाद जल्द स्वास्थ्य लाभ में मदद मिलती है। यह कार्यशाला शिक्षा और वास्तविक सर्जिकल प्रैक्टिस के बीच की खाई को बांटने के लिए डिजाइन की गई है। पोस्ट ग्रेजुएट छात्र-छात्राओं के लिए एंडोस्कोपिक सर्जरी में आत्मविश्वास और विशेषज्ञता विकसित करने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्णं है। देहरादून गाइनकोलाॅजी सोसाइटी की अध्यक्ष डाॅ रीना आहूजा भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। डाॅ नम्रता सक्सैना ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। 

प्रतिभागियों ने व्यावहारिक अनुभव व मेंटरशिप के लिए आयोजकों की प्रशंसा की। विशेष रूप से सिम्यूलेटर आधिारित प्रशिक्षण को कार्यशाला की एक प्रमुख विशेषता के रूप में सराहा। कार्यक्रम के दौरान पीजी डाॅक्टरों ने विशेषज्ञों से कई महत्वपूर्ण प्रश्न किये विशेषज्ञों ने जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। शिक्षण एवम् शोध कार्य हेतु कार्यशाला में डाटा फीडबैक संग्रहण भी किया गया।

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