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शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण का होमवर्क करे विभाग, डाॅ. धन सिंह रावत।
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आपदा प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय, संवेदनशील इलाकों में आपदा न्यूनीकरण कार्यो को मिली मंजूरी।
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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने की, 22 लाख रुपये की घोषणाएं।
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राज्य में विकास को मिली नई गति, नियोजन विभाग की संस्तुति के उपरांत, मुख्यमंत्री ने बहु-क्षेत्रीय परियोजनाओं को दी स्वीकृति।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले सीएम पुष्कर धामी, उत्तराखंड आगमन का दिया निमंत्रण।
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कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने, श्री दरबार साहिब में टेका मत्था।
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राजकीय शिक्षक संघ चुनाव में प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लेंगे शिक्षक, डॉ धन सिंह रावत। 
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डॉ. तन्वी आत्महत्या मामले में विस्तृत जांच जरुरी, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने एसएसपी को लिखा पत्र।
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एसजीआरआर विश्वविद्यालय को मिला, “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” अवार्ड।

एसजीआरआर विश्वविद्यालय को मिला, “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” अवार्ड।

देहरादून :- श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय को महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित स्थिरता शिक्षा प्रशिक्षण के दौरान “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” अवार्ड प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण आईसीटी अकादमी और हनीवेल वेंचर द्वारा एक सीएसआर पहल के तहत साझेदारी में पटेलनगर स्थित एसजीआरआर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एवं क कॉमर्स स्टडीज के सेमीनार हाल में स्नातक की छात्राओं के लिए आयोजित किया जा रहा है। 

27 फरवरी से शुरु इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ट्रेनर सतपाल कलसी ने बताया गया कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए स्नातक विद्यार्थियों के लिए स्थिरता शिक्षा अत्यंत आवश्यक हो गई है। प्रशिक्षण 13 मार्च तक चलेगा। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि आईपीसीसी ने चेतावनी दी है कि विनाशकारी प्रभावों को रोकने के लिए हमें ग्लोबल वार्मिंग को औद्योगिक क्रांति-पूर्व स्तर से 1.5°C तक सीमित करने के लिए त्वरित कदम उठाने होंगे। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने भी पर्यावरणीय खतरों को वैश्विक स्थिरता के लिए प्रमुख चुनौतियों में से एक बताया है। लगभग 10 लाख प्रजातियां मानव गतिविधियों के कारण विलुप्ति के कगार पर हैं, इसकी गंभीरता को देखते हुए स्नातकों के लिए पारिस्थितिक, सामाजिक और आर्थिक प्रणालियों के परस्पर संबंध को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।

इसके अलावा स्थिरता ज्ञान से रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। 86% नियोक्ता इसे महत्व देते हैं। साथ ही, कंपनियां भी स्थिरता संबंधी पहलों के वित्तीय लाभ को स्वीकार कर रही हैं, जिससे आर्थिक प्रदर्शन और शेयर बाजार में लाभ भी बेहतर हो रहा है।

भविष्य की पीढ़ी को सशक्त बनाने की दिशा में अपनी आईसीटी अकादमी और हनीवेल ने कॉलेज के विद्यार्थियों को स्थिरता अध्ययन में प्रशिक्षित करने की एक नई पहल की है। यह प्रशिक्षण उन्हें संगठनों और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डालने में मदद करेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से एक नई पीढ़ी के कुशल पेशेवर तैयार किए जाएंगे जो वैश्विक स्तर पर स्थिरता में योगदान दे सकें।

इस मौके पर माननीय कुलपति प्रो. कुमुद सकलानी, रजिस्ट्रार लोकेश गंभीर, सलाहकार माननीय प्रेजीडेंट प्रो. जेपी पचौरी, आईक्यूएसी डायरेक्टर प्रो. दिब्या जुयाल, डीन एसएमसीएस प्रो. सोनिया गंभीर, प्रो. विपुल जैन, डा. दीप्ति, डा. ममता बंसल, डा. मोनिका बंगारी, ईशा शर्मा एवं आईसीटी के प्रतिनिधि आदित्य कुमार भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

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