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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में, राज्य जनजातीय महोत्सव में किया प्रतिभाग।
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तकनीकी शिक्षा के विस्तार को खुलेंगे 8 नये पाॅलीटेक्निक काॅलेज, डाॅ. धन सिंह रावत।   
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आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने दिए सख्त निर्देश, एम्पैनलमेंट प्रक्रिया में आएगी पारदर्शिता और तेजी।
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प्रदेश के संतुलित एवं समावेशी विकास के लिए, प्रदेश सरकार संकल्पित, मुख्यमंत्री।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से, बार एसोसिएशन देहरादून के प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट।
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मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को दी रामनवमी की शुभकामनाएं।
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प्राचीन माँ अम्बिका देवी मंदिर राजपुर में, नवरात्रि पर्व पर भव्य आयोजन 26 को माता का जागरण 27 को विशाल भण्डारा।
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सीएम धामी कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर।
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चार धाम यात्रा-2026 की तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी। 
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कम होगा बच्चों के बस्ते का बोझ, माह में एक दिन रहेगा बैग फ्री डे।

कम होगा बच्चों के बस्ते का बोझ, माह में एक दिन रहेगा बैग फ्री डे।

निजी विद्यालयों में भी लागू होगी ‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ पुस्तक।

निजी व सरकारी स्कूलों के बीच चलेगा ‘टीचिंग शेयरिंग प्रोग्राम।

देहरादून :- राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा तैयार ‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ पुस्तकें अब प्रदेश के सभी निजी विद्यालयों में पढ़ाई जायेगी। इसके अलावा निजी विद्यालयों में बच्चों के बस्तों का भार कम करने और प्रत्येक माह में एक दिन बैग फ्री डे मनाया जायेगा। इसकी विधिवत शुरूआत अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में की जायेगी, जिस पर निजी विद्यालय संगठनों एवं स्कूल संचालकों ने अपनी हामी भर दी है।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों को प्रदेशभर में तेजी से लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में विगत शुक्रवार को प्रदेशभर के निजी विद्यालय संगठनों एवं संचालकों के साथ अहम बैठक हुई, जिसमें राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा तैयार ‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ पुस्तकों को कक्षावार निजी विद्यालयों में लागू करने का निर्णय लिया गया। डॉ. रावत ने बताया कि निजी विद्यालयों में पुस्तकें लागू होने से यहां अध्ययनरत देश-विदेश के बच्चे उत्तराखंड की समृद्ध लोक विरासत, सांस्कृतिक विविधता, पृथक राज्य आंदोलन, सांस्कृतिक व सामाजिक चेतना से जुड़े आंदोलन, लोकगीत, लोकनृत्य, पर्यटक व ऐतिहासिक स्थल सहित राज्य की महान विभूतियों के बारे में जान सकेंगे। इसके अलावा सरकारी विद्यालयों की भांति निजी विद्यालयों में भी कक्षावार बस्तों का निर्धारित वजन लागू किया जायेगा, ताकि बच्चों को बस्ते का अनावश्यक बोझ न ढोना पड़े।

इसके अलावा प्रत्येक महीने एक दिन निजी विद्यालयों में भी ‘बैग फ्री डे’ लागू किया जायेगा, ताकि बच्चों में पढ़ाई का तनाव कम हो और बच्चों को नई शिक्षण विधियों को अपनाने का अवसर मिल सके। इसकी विधिवत शुरूआत अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में की जायेगी। विभागीय मंत्री ने बताया कि बैठक में सकल नामांकन अनुपात बढ़ाने में निजी विद्यालयों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये सभी प्राइवेट स्कूलों को विद्या समीक्षा केन्द्र से जोड़ने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा बैठक में निजी एवं सरकारी विद्यालयों के बीच टीचिंग शेयरिंग प्रोग्राम चलाने, प्रयोगशाला व खेल मैदानों को आपस में साझा करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।

विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने निजी विद्यालयों के प्रत्येक शिक्षक को साक्षर उत्तराखंड अभियान का हिस्सा बनकर एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने तथा स्कूल संचालकों को टीबी मुक्त भारत अभियान में सामाजिक सहभागिता के तहत निःक्षय मित्र बनकर टीबी मरीज को गोद लेने का भी अह्वान किया। जिस पर सभी निजी विद्यालयों के संचालकों ने अपनी सहमती व्यक्त की।

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