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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने गदरपुर में, ₹2,830.07 लाख की विकास परियोजनाओं का किया  लोकार्पण एवं शिलान्यास।
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मुख्यमंत्री धामी ने NDRF बटालियन गदरपुर का किया भ्रमण, जवानों से संवाद कर आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की ली जानकारी।
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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के निर्देश पर, पुलिस कर्मियों के कल्याण हेतु नई टिहरी में हुई निःशुल्क भूमि आवंटित।
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जिला चिकित्सालय के घटते राजस्व के कारणों की जांच कर, विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के डीएम ने दिए निर्देश।
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मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं, निर्माण कार्यों के लिए ₹ 227 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
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मुख्यमंत्री धामी ने सुनीं जन समस्याएं, अधिकारियों को जन समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश।
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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने, शहीद ऊधम सिंह को दी श्रद्धांजलि।
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फ्लड का अलर्ट किया जारी, आठ जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड पर।
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कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर, चाय की ब्रांडिंग और किसानों के लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने के दिए निर्देश।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर, चाय की ब्रांडिंग और किसानों के लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने के दिए निर्देश।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देहरादून में किया, 11 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का शुभारंभ।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देहरादून में किया, 11 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का शुभारंभ।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा – *Prevention is better than cure (इलाज से बेहतर रोकथाम है।) – की भावना को साकार करता है योग।

योग भारत की सॉफ्ट पावर का एक सशक्त उदाहरण है।

उत्तराखंड भारत के योग, चेतना और विरासत का केंद्र।

देहरादून :- महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देहरादून में 11 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का शुभारंभ करते हुए योग को भारत की चेतना और विरासत का केंद्र कहा तथा इसे भारत की सॉफ्ट पावर का भी सशक्त उदाहरण बताया।

महामहिम राष्ट्रपति ने कहा कि योग एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से, एक समुदाय को दूसरे समुदाय से तथा एक देश को दूसरे देश से जोड़ने का काम करता है। दुनिया भर के लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब व्यक्ति स्वस्थ रहता है, तो परिवार स्वस्थ रहता है। और जब परिवार स्वस्थ रहता है, तो देश स्वस्थ रहता है। उन्होंने सभी को योग को जीवन जीने का माध्यम बनाने की प्रेरणा दी तथा सभी संस्थाओं से अपील की कि योग को जनसुलभ बनाया जाए।

योग भारत की प्राचीनतम सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का हिस्सा है; जिसने संपूर्ण विश्व को जोड़ने का कार्य किया है।– राज्यपाल

राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.) ने 11 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला। राज्यपाल ने कहा कि योग भारत की प्राचीनतम सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का हिस्सा है जिसने संपूर्ण विश्व को जोड़ने का कार्य किया है। प्रसन्नता की बात है कि आज यह दिवस न केवल भारत के लिए अपितु संपूर्ण विश्व के लिए स्वास्थ्य, शांति और समरसता का प्रतीक बन चुका है।

राज्यपाल ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने की प्रक्रिया है। यह आत्मानुशासन, संयम, और मानसिक शांति का मार्ग है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग एक वैश्विक अभियान बन चुका है, और यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि दुनिया भारत की इस विरासत को स्वीकार करके और अपनाकर लाभान्वित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष *अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग।”* भारत की सनातन सोच ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्’’ की वैश्विक अभिव्यक्ति है जो हमें याद दिलाता है कि हमारा व्यक्तिगत स्वास्थ्य, हमारी प्रकृति, हमारा पर्यावरण और हमारी सामाजिक संरचना – सभी परस्पर गहराई से गूंथे हुए हैं।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड जैसी आध्यात्मिक और प्राकृतिक भूमि पर योग का अभ्यास विशेष महत्व रखता है। उन्होंने इस अवसर पर युवाओं से आह्वान किया कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दें।

इस अवसर पर उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से उत्तराखंड द्वारा तैयार की गई भारत की पहली *योग नीति- 2025* की विशेषताएं और लक्ष्य बताए। कहा कि यह नीति भारत का पहला योग उद्यमिता और अनुसंधान हब बनाएगी।

* इसमें योग और ध्यान केंद्रों की स्थापना हेतु अधिकतम 20 लाख रुपए तक का पूंजीगत अनुदान है।

* योग अनुसंधान कार्यों हेतु 10 लाख रुपए तक का शोध अनुदान।

* मौजूद संस्थानों में योग को बढ़ावा देने के लिए योग अनुसंधान एवं पारिश्रमिक प्रतिपूर्ति की व्यवस्था।

* योग शिक्षकों के प्रमाणन हेतु योग सर्टिफिकेशन बोर्ड के माध्यम से प्राप्त प्रमाणन को प्राथमिकता।

* योग निदेशालय की स्थापना को भी इसकी कार्ययोजना में सम्मिलित किया गया है।

* उत्तराखंड की योग नीति 2025 के लक्ष्य* बताते हुए कहा कि वर्ष 2030 तक उत्तराखंड में कम – से – कम-पांच नए *योग हब्स* की स्थापना।

* मार्च 2026 तक राज्य के सभी आयुष हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर्स में योग सेवाओं की उपलब्धता।

* समुदाय आधारित माइंडफूलनेस कार्यक्रम की शुरुआत जो विभिन्न आयु, लिंग और वर्ग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किए जाएंगे।

* योग संस्थाओं का शत – प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

* एक विशेष ऑनलाइन योग प्लेटफार्म विकसित किया जाएगा।

* मार्च 2028 तक 15 से 20 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ साझेदारी विकसित करने का भी इसमें लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि यह योग्य नीति राज्य के पारंपरिक ज्ञान, आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक धरोहर को समसामयिक अवसरों से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

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