देहरादून :- उत्तराखंड कांग्रेस में संगठन को नई मजबूती देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंचीं और पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में संगठन सृजन कार्यक्रम और राज्य में कांग्रेस की आंदोलनात्मक रणनीति को लेकर गहन चर्चा हुई।
कुमारी शैलजा लगभग एक साल बाद देहरादून आईं। पिछली बार वह वर्ष 2024 में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के दौरान यहां आई थीं। इस बार उन्होंने जिला पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और संगठन को पुनर्गठित करने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सह प्रभारी परगट सिंह और सुरेंद्र शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सितंबर से जिलों में शुरू होगा अभियान
बैठक के बाद कुमारी शैलजा ने बताया कि सितंबर से राष्ट्रीय पर्यवेक्षक उत्तराखंड का दौरा करेंगे। प्रत्येक जिले में एक राष्ट्रीय पर्यवेक्षक के साथ प्रदेश के तीन-तीन पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। ये पर्यवेक्षक 7 से 12 दिनों तक जिलों में रहकर कार्यकर्ताओं, स्थानीय नेताओं और विभिन्न संगठनों से संवाद करेंगे और अपनी रिपोर्ट एआईसीसी को भेजेंगे। इसी आधार पर नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी।
शैलजा ने कहा कि यदि कोई जिलाध्यक्ष संगठन को मजबूती से चला रहा है तो उसे दोबारा मौका मिल सकता है, वहीं कई जिलों में बदलाव भी किए जाएंगे। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मंशा है कि नए लोगों को भी संगठन में शामिल किया जाए, ताकि संगठन में नई ऊर्जा और जोश आ सके।
कांग्रेस प्रभारी ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनावों में जनता ने बदलाव का संदेश दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने धनबल और सत्ताबल का इस्तेमाल करके पंचायतों में कब्जा जमाने की कोशिश की, लेकिन जनता अब सरकार से नाराज़ है।
प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि संगठन सृजन कार्यक्रम लंबे समय से अपेक्षित था। अब इसे लेकर कांग्रेस कैडर बेस्ड पार्टी बनने की दिशा में काम कर रही है। पर्यवेक्षक जिलों में दो से ढाई हजार लोगों से संवाद करेंगे और उसी आधार पर जिला अध्यक्षों का चयन किया जाएगा।
