देहरादून :- प्रधानमंत्री के देहरादून दौरे और हवाई सर्वेक्षण को लेकर कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी 4:30 बजे उत्तराखंड में हवाई सर्वेक्षण करने आ रहे हैं, जबकि पहाड़ों में उस समय तक अंधेरा हो जाता है। ऐसे में यह सर्वेक्षण आपदा की वास्तविक स्थिति जानने के लिए है या सिर्फ कैमरों और प्रचार के लिए यह बड़ा सवाल है।
लालचंद शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड की बाढ़ और आपदा से हुए भारी नुकसान को देखते हुए केंद्र से 5000 करोड़ रुपये की मांग की थी, वहीं कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट रूप से 20,000 करोड़ रुपये की मांग की थी ताकि राहत और पुनर्वास के कार्य समय पर पूरे किए जा सकें। लेकिन प्रधानमंत्री ने केवल 1200 करोड़ रुपये की घोषणा कर दी। यह मदद नहीं, बल्कि पहाड़ और यहां की जनता के साथ मज़ाक है।
लालचंद शर्मा ने यह भी याद दिलाया कि 2013 में जब उत्तराखंड में भीषण आपदा आई थी तब तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने तुरंत ही 1000 करोड़ रुपये की सहायता राशि का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि पीड़ित जनता राहत और पुनर्वास की उम्मीद लगाए बैठी है, लेकिन भाजपा सरकार खोखले वादों और फोटोशूट तक ही सीमित है। जब तक केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर ठोस और पारदर्शी रोडमैप नहीं बनातीं, तब तक पहाड़ की जनता को केवल आश्वासन ही मिलता रहेगा।
