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चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माँ कालिका मंदिर में की पूजा-अर्चना। 
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स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने के लिए, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ और राज्य सरकार एकजुट।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने, चार वर्ष के कार्यकाल पर दी राज्य सरकार को बधाई।  
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शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में पदयात्रा का आयोजन।
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कृषि मंत्री गणेश जोशी के सख्त निर्देश, किसानों के खातों में ससमय मिले एप्पल मिशन का बजट।
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स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने किया, दून अस्पताल का निरीक्षण व्यवस्थाओं की ली जानकारी।
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चार साल बेमिसालः परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री धामी ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन।
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मुख्यमंत्री ने किया ‘‘उत्तराखण्ड़ की मिट्टी से – नायक से जन नायक पुष्कर सिंह धामी’’ पंचाग टेबल कैलेंडर का विमोचन।
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पूरा हो रहा देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प, सीएम धामी।
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श्री केदारनाथ धाम के कपाट, 23अक्टूबर को शीतकाल के लिए होंगे बंद।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट, 23अक्टूबर को शीतकाल के लिए होंगे बंद।

देहरादून/रुद्रप्रयाग,उखीमठ :- विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट 23अक्टूबर को भैया दूज के पावन पर्व पर प्रातः 08:30 बजे शीतकाल के लिए बंद होंगे। कपाट बंद होने के बाद इसी दिन बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली पहले पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान करेगी।

श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जारी संदेश में ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ के कपाट बंद पश्चात पंचमुखी डोली प्रस्थान कार्यक्रम सहित श्री मदमहेश्वर तथा श्री तुंगनाथ जी के कपाट बंद होने की तिथि निश्चित होने प्रसन्नता जतायी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कपाट बंद होने तर तीर्थस्थलों में दर्शन का पुण्य लाभ अर्जित करें।

बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण तथा उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल तथा केदारनाथ धाम प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान ने पंच केदारों में शामिल मंदिरों के कपाट बंद होने पर शुभकामनाएं दी हैं। बताया कि अभी यात्रा निरंतर गतिमान है। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि भैयादूज गुरुवार 23 अक्टूबर को कपाट बंद के बाद बाबा केदार की पंचमुखी देव डोली प्रथम पड़ाव रामपुर रात्रि विश्राम को पहुंचंगी।शुक्रवार 24 अक्टूबर रामपुर से प्रस्थान कर रात्रि विश्राम श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी और शनिवार 25 अक्टूबर गुप्तकाशी से शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी।

वहीं द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट मंगलवार 18 नवंबर को प्रातः शुभमुहूर्त में बंद हो जायेंगे।श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में रावल गद्दी को साक्षी मानकर वेदपाठी आचार्यों की उपस्थिति में द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट बंद होने की तिथि तय की गयी। पुजारी शिवशंकर लिंग, वेदपाठी यशोधर मैठाणी वेदपाठी विश्व मोहन जमलोकी, प्रभारी दीपक पंवार, प्रेम सिंह रावत, सहित पंचगाई हकहकूकधारी मौजूद रहे।

कपाट बंद होने के बाद श्री मद्महेश्वर जी की देवडोली 18 नवंबर को प्रथम पड़ाव गौंडार को पहुंचेगी दूसरे दिन 19 नवंबर को राकेश्वर मंदिर तीसरे दिन 20 नवंबर को गिरिया तथा चौथे दिन शुक्रवार 21 नवंबर को पंच केदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी इसी दिन मुख्य रूप से मद्महेश्वर मेला भी आयोजित होगा।

तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट शीतकाल हेतु गुरूवार 6 नवंबर को पूर्वाह्न 11 बजकर 30 मिनट पर बंद होंगे।

आज श्री तुंगनाथ जी के शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में मठापति रामप्रसाद मैठाणी की उपस्थिति में कपाट बंद होने की तिथि तय हुई।

इस अवसर पर प्रबंधक बलबीर नेगी, चंद्र मोहन बजवाल,पुजारी अतुल मैठाणी अजय मैठाणी, मुकेश मैठाणी,प्रकाश डिमरी, विनोद डिमरी सहित अधिकारी कर्मचारी हक हकूकधारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम अनुसार कपाट बंद होने के बाद 6 नवंबर श्री तुंगनाथ जी की विग्रह डोली प्रथम पड़ाव चौपता 7 नवंबर दूसरे दिन भनकुन तथा शनिवार 8 नवंबर तीसरे दिन गद्दी स्थल श्री मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंचेगी।

 

 

 

 

 

 

 

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