देहरादून :- गुरुवार को वरिष्ठ कांग्रेसजनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन को देहरादून आईटी पार्क की जमीन को प्राइवेट बिल्डर को 90 साल की लीज पर आबंटित किये जाने के सरकार के निर्णय के खिलाफ ज्ञापन सौंपा।
चकराता विधायक प्रीतम सिंह बृहस्पतिवार को उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव को देहरादून स्थित IT पार्क के दो भूखंडों के 90 साल की लीज़ पर RCC Developer को आबंटित किये जाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकार के इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए इसे युवाओं और IT उद्योग के हित के खिलाफ बताया।
ज्ञापन में बताया गया कि IT पार्क का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार सृजन और IT एवं सॉफ्टवेयर उद्योग को बढ़ावा देना था। लेकिन वर्तमान आवंटन निर्णय में सरकारी भूमि का रियल एस्टेट विकास के लिए इस्तेमाल किया जाना इस उद्देश्य के बिल्कुल विपरीत है। विशेष रूप से, दोनों भूखंड (R-1 = 4 एकड़, R-2 = 1.5 एकड़) केवल RCC Developer के पक्ष में दिए गए, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी द्वारा SIDCUL की स्थापना का उद्देश्य वास्तविक औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन था। उन्होंने सरकार से मांग की कि IT पार्क का उद्देश्य केवल रियल एस्टेट निर्माण न बने, बल्कि वास्तविक उद्योग और रोजगार बढ़ाने वाला केंद्र बने। उन्होंने इस विषयक सरकार से तत्काल समीक्षा और हस्तक्षेप की अपील की। साथ ही कहा कि युवाओं के रोजगार और राज्य के हित को प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी है। असफल और गलत नीतियों से युवाओं के भविष्य को खतरे में डालना स्वीकार्य नहीं है। इस मामले से राज्य में IT पार्क भूमि के आवंटन की पारदर्शिता और सरकारी नीतियां सवालों के घेरे में आ गई हैं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, अजय सिंह और मोंटी रतूड़ी भी मौजूद रहे।
