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भाजपा NGO प्रकोष्ठ द्वारा NGO’S समन्वय एवं विकास सम्मेलन का भव्य आयोजन।
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जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ कार्यक्रम के दूसरे चरण में 1.34 लाख लोगों की भागीदारी।
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एमडीडीए की नई पहचान जनता करेगी तय, मैस्कॉट डिज़ाइन पर ₹50 हजार का इनाम।
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दायित्वधारी सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु, जनसमस्याओं के समाधान में निभाएं सक्रिय भूमिका, मुख्यमंत्री धामी।
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फिटनेस का मूल मंत्र है खेल के प्रति जागरूकता, रेखा आर्या।
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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल एवं विधायक किशोर उपाध्याय ने की भेंट।
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अगले तीन सप्ताह सिर्फ SIR पर फोकस करें जिलाधिकारी, सीईओ।
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डीएवी (पीजी) कॉलेज में 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और कैबिनेट मंत्री खजान दास ने किया लोकार्पण।
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प्रकृति और आधुनिकता का अनूठा संगम बनेगा राष्ट्रपति उद्यान, डीएम डॉ. आशीष चौहान।
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मुख्यमंत्री का बयान संवेदना नहीं, जिम्मेदारी से बचने की कोशिश है, गणेश गोदियाल।

मुख्यमंत्री का बयान संवेदना नहीं, जिम्मेदारी से बचने की कोशिश है, गणेश गोदियाल।

देहरादून :- उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उर्मिला सनावर के सनसनीखेज खुलासों को 15 से 20 दिन बीतने के बाद अब मुख्यमंत्री का बयान आना बताता है कि उत्तराखंड की जनता के प्रति सरकार का रवैया कितना संवेदनहीन है। गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि “हम किसी भी जांच के लिए तैयार हैं”, यह सवाल खड़ा करता है कि तीन साल तक सरकार किस जांच के लिए तैयार थी। अगर सरकार वास्तव में तैयार थी तो तीन साल तक CBI जांच से क्यों बचती रही और हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच से डर क्यों दिखाया गया?

गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाया जिसमें कहा गया कि “अंकिता के माता-पिता जो आदेश करेंगे, वही सरकार करेगी।” गोदियाल ने कहा कि यह बयान संविधान और कानून दोनों का अपमान है, क्योंकि जांच कानून के अनुसार होती है, किसी व्यक्ति या परिवार के आदेश से नहीं। मुख्यमंत्री का कर्तव्य निर्णय लेना है, जिम्मेदारी से बचना नहीं। साथ ही गोदियाल ने कहा कि प्रदेश सरकार अब केवल दबाव में आकर बयानबाजी कर रही है। “अंकिता भंडारी को न्याय दो” पदयात्रा, जनता का आक्रोश और सच सामने आने का भय – इन तीनों कारणों से सरकार को अब प्रतिक्रिया देनी पड़ रही है। मगर केवल बयान देने से न्याय नहीं मिलेगा।

उन्होंने कहा कि रिसॉर्ट तोड़ा गया, पुलिस कस्टडी में दो बार आग लगी, सबूतों के साथ छेड़छाड़ हुई, और आज सरकार तीन साल बाद जांच की बात कर रही है। कांग्रेस की मांगें आज भी वही हैं – मामले की CBI जांच हो, हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच हो, VIP की पहचान सार्वजनिक की जाए, और सबूत मिटाने वालों पर कार्रवाई की जाए।

गणेश गोदियाल ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री सच में गंभीर हैं, तो वे आज ही कैबिनेट में निर्णय लें, क्योंकि न्याय केवल घोषणा से नहीं, आदेश से मिलता है। उन्होंने कहा कि अंकिता उत्तराखंड की बेटी है और उसके न्याय पर कोई राजनीति स्वीकार्य नहीं होगी।

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