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जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील जिला प्रशासन, डीएम सविन बंसल के हस्तक्षेप से त्वरित हुआ समाधान।
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मसूरी विधानसभा क्षेत्र में दो करोड़ से अधिक की लागत के, विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।
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2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, शुरू हुआ सनातन संस्कृति का स्वर्णिम काल, मुख्यमंत्री धामी।
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सचिव आपदा प्रबंधन ने लिया स्थिति का जायजा, प्रशासन अलर्ट जनपदों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश।
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श्री केदारनाथ धाम यात्रा सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच, उमड़ा आस्था का सैलाब, अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन।
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सीएम धामी ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याओं को सुना, संबंधित विभागों के अधिकारियों को निस्तारण के दिए निर्देश।
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भूमि फर्जीवाडे़ पर बडी कार्रवाई, गढ़वाल आयुक्त ने 24 मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के दिए निर्देश।
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नए सहकारी बैंक खोलने को आरबीआई को भेजे प्रस्ताव, डॉ धन सिंह रावत।
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उत्तराखण्ड, विवाह पंजीकरण में 24 गुना वृद्धि, यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखण्ड।

उत्तराखण्ड, विवाह पंजीकरण में 24 गुना वृद्धि, यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखण्ड।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दूसरे राज्यों के लिए पेश की मिसाल।

देहरादून :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है। इस कानून के अस्तित्व में आने के बाद आम लोगों में विवाह पंजीकरण को लेकर जागरूकता बढ़ी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पुराने एक्ट के मुकाबले विवाह पंजीकरण कराने वालों की प्रतिदिन की औसत संख्या में 24 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का संकल्प लिया था और सत्ता में आने के बाद उन्होंने यह संकल्प पूरा किया। मुख्यमंत्री धामी ने पहली कैबिनेट बैठक में ही राज्य में यूसीसी लागू करने का निर्णय लिया। सभी औपचारिकताओं और व्यापक जनमत संग्रह के बाद प्रदेश में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी कानून लागू कर दिया गया।

मुख्यमंत्री का यह ऐतिहासिक फैसला सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और समान अधिकारों की दिशा में उठाया गया साहसिक कदम है। यह कानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को, विशेष रूप से महिलाओं को, समान अधिकार और सम्मान प्रदान करना है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव-इन रिलेशनशिप और इनसे जुड़े प्रावधानों को यूसीसी में शामिल किया गया है। इस कानून के तहत महिला एवं पुरुषों के लिए विवाह की आयु निर्धारित की गई है, वहीं सभी धर्मों में तलाक एवं अन्य प्रक्रियाओं के लिए समान और कड़े प्रावधान किए गए हैं। यूसीसी के लागू होने से महिलाओं को बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं से मुक्ति मिली है।

यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में विवाह पंजीकरण में उल्लेखनीय तेजी आई है। आंकड़ों के अनुसार 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू होने के बाद जुलाई 2025 तक छह माह की अवधि में विवाह पंजीकरण की संख्या तीन लाख से अधिक हो गई है। वहीं, वर्ष 2010 में लागू पुराने अधिनियम के अंतर्गत 26 जनवरी 2025 तक कुल 3 लाख 30 हजार 064 विवाह पंजीकरण हुए थे। प्रतिदिन के औसत पर नजर डालें तो पुराने अधिनियम के तहत प्रतिदिन केवल 67 विवाह पंजीकरण होते थे, जबकि यूसीसी लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 1634 प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू करना राज्य सरकार का ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय है। यूसीसी का उद्देश्य किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार, समान अवसर और समान सम्मान देना है। विवाह पंजीकरण में आई अभूतपूर्व वृद्धि यह दर्शाती है कि जनता ने इस कानून को स्वीकार किया है और इसे सामाजिक सुधार के रूप में देखा है। उत्तराखण्ड ने पूरे देश को एक नई दिशा देने का कार्य किया है और मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाएंगे।”

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