Breaking News
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, छात्र कौशल संवर्धन हेतु लैब ऑन व्हील्स, इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड का किया फ्लैग ऑफ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, छात्र कौशल संवर्धन हेतु लैब ऑन व्हील्स, इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड का किया फ्लैग ऑफ।
गौमाता में बसती है सनातन की आत्मा, महाराज।
गौमाता में बसती है सनातन की आत्मा, महाराज।
सेवा सप्ताह के तहत कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने, छात्र–छात्राओं को ब्लैंकेट किए वितरित, बच्चों ने एक स्वर में बोला थैंक्यू मंत्री जी।
सेवा सप्ताह के तहत कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने, छात्र–छात्राओं को ब्लैंकेट किए वितरित, बच्चों ने एक स्वर में बोला थैंक्यू मंत्री जी।
सीएम धामी के नेतृत्व में जनसेवा का नया रिकॉर्ड, 484 कैम्पों से 3.89 लाख से अधिक लोग लाभान्वित।
सीएम धामी के नेतृत्व में जनसेवा का नया रिकॉर्ड, 484 कैम्पों से 3.89 लाख से अधिक लोग लाभान्वित।
सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार ने की, राज्य स्तर पर योजनाओं की सघन समीक्षा।
सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार ने की, राज्य स्तर पर योजनाओं की सघन समीक्षा।
गंगा की पवित्रता से समझौता नहीं, डीएम सविन बंसल ने चन्द्रेश्वर नाला क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण।
गंगा की पवित्रता से समझौता नहीं, डीएम सविन बंसल ने चन्द्रेश्वर नाला क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण।
डीएम सविन बंसल का सब रजिस्ट्रार कार्यालय में छापा, करोड़ों की स्टाम्प चोरी की आशंका।
डीएम सविन बंसल का सब रजिस्ट्रार कार्यालय में छापा, करोड़ों की स्टाम्प चोरी की आशंका।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने, विशेष एनएसएस शिविर से जनजागरूकता की अलख जगाई।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने, विशेष एनएसएस शिविर से जनजागरूकता की अलख जगाई।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सेवा सप्ताह के अंतर्गत, छात्र छात्राओं को गर्म स्वेटर एवं खेल सामग्री किट की वितरित।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सेवा सप्ताह के अंतर्गत, छात्र छात्राओं को गर्म स्वेटर एवं खेल सामग्री किट की वितरित।

सीएम के निर्देश पर बच्चों की जान का जोखिम बने, जिले के 76 जर्जर स्कूल भवन एक झटके में ध्वस्त, डीएम सविन बसंल।

सीएम के निर्देश पर बच्चों की जान का जोखिम बने, जिले के 76 जर्जर स्कूल भवन एक झटके में ध्वस्त, डीएम सविन बसंल।

हजारों नौनिहालों की जीवन सुरक्षा सर्वाेपरि; लंबे समय से जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों पर डीएम सख्त 7 दिन भीतर रिपोर्ट एस्टीमेट निर्मित कर ध्वस्तीकरण स्वीकृत। 

जिलें में वर्षों से जर्जर पड़े स्कूल भवन पहलीबार हुए निष्प्रोज्य; ध्वस्तीकरण जल्द; 1 करोड़ स्वीकृत। 

नौनिहालों के जीवन से नही होगा खिलवाड़ बर्दाश्तः माननीय मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश। 

जिलें में जर्जर भवनों की रिपोर्ट में देरी पर डीएम सख्त, डीएम ने दिखाई सख्ती तो 10 दिन में आ गई 100 स्कूलों के जर्जर भवन की रिपोर्ट।

डीएम ने लोनिवि को दिए थे पूर्ण एवं आंशिक निष्प्रोज्य भवनो के आंगणन तैयार करने के निर्देश थे। 

देहरादून :- जनपद में वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े विद्यालय भवनों को लेकर जिला प्रशासन ने पहली बार ठोस एवं निर्णायक कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश है कि नौनिहालों के जीवन से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में जर्जर एवं निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों की पहचान, आकलन और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।

जिलाधिकारी की सख्ती के बाद महज 10 दिनों के भीतर 100 विद्यालयों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सूची पूर्ण रिपोर्ट के साथ जिला प्रशासन को सौंप दी है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को निष्प्रोज्य एवं आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के आंगणन (एस्टिमेट) तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए ₹1 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि ध्वस्तीकरण एवं आवश्यक सुरक्षा उपायों में कोई विलंब न हो। जनपद में कुल 79 विद्यालयों के सम्पूर्ण भवन निष्प्रोज्य पाए गए हैं, इनमें 13 माध्यमिक एवं 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। 63 विद्यालयों में शिक्षण की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है। 16 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। इनके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। 17 विद्यालय आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किए गए हैं। 8 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं पाई गई है। जिलाधिकारी ने पूर्णतः निष्प्रोज्य विद्यालयों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। जिन विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था नहीं है, वहाँ पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर उसके बाद ध्वस्तीकरण किया जाएगा। आंशिक निष्प्रोज्य भवनों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक मरम्मत/प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी विद्यालय में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण संचालित नहीं होगा। प्रशासन समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top