उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के आने के बाद बदली तस्वीर, अवैध निर्माण पर ऐतिहासिक कार्रवाई।
अब तक 10 हजार बीघा भूमि पर चला बुलडोजर, 1000 से अधिक अवैध निर्माण सील।
देहरादून :- मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ जो सख़्त रुख अपनाया है, वह अब पूरे प्रदेश में मिसाल बनता जा रहा है। खास बात यह है कि उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के पदभार संभालने के बाद प्राधिकरण की कार्रवाई न सिर्फ तेज़ हुई है, बल्कि पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी और ज़मीनी नज़र आ रही है।
जहां पूर्व में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई सीमित और छिटपुट देखने को मिलती थी, वहीं वर्तमान नेतृत्व में एमडीडीए ने ज़ीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया है। नतीजतन अब तक लगभग 10 हजार बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चलाया जा चुका है, जबकि 1000 से अधिक अवैध निर्माणों को सील किया गया है। यह कार्रवाई न केवल आंकड़ों के लिहाज़ से ऐतिहासिक है, बल्कि इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि अब नियमों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
एमडीडीए की यह मुहिम किसी एक दिन या प्रतीकात्मक अभियान तक सीमित नहीं है। हर दिन फील्ड में टीमें सक्रिय हैं, अवैध निर्माण चिन्हित किए जा रहे हैं और नियमानुसार तत्काल सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि नक्शा पास नहीं, नियमों का पालन नहीं—तो कार्रवाई तय है।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान को नई दिशा मिली है। पदभार संभालते ही उन्होंने फील्ड-लेवल मॉनिटरिंग, तकनीकी जांच और शिकायत-आधारित कार्रवाई को प्राथमिकता दी। प्राधिकरण का मानना है कि अवैध कॉलोनियां न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि भविष्य में जलभराव, ट्रैफिक जाम, पेयजल संकट और आपदा जैसे गंभीर खतरे भी पैदा करती हैं। एमडीडीए ने अवैध प्लॉटिंग कर भोले-भाले लोगों को ठगने वालों पर भी कड़ा रुख अपनाया है। ऐसे मामलों में सीलिंग, ध्वस्तीकरण, कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने की चेतावनी दी गई है।
अब तक सबसे अधिक कार्रवाई विकासनगर, सहसपुर, सेलाकुई, हरबर्टपुर, मेहूंवाला माफी, माजरीग्रांट, पोखरी, नौगांव मांडूवाला, शिमला बाईपास रोड, प्रेमनगर, सहस्रधारा रोड, छिदरवाला, पित्थूवाला, हरभवाला, धर्मावाला, धौलास, लांघा रोड सहित डोईवाला क्षेत्र के तेलपुरा, थानो रोड, भोगपुर, भानियावाला, रानीपोखरी, लालतप्पड़, कुआंवाला, हर्रावाला, बालावाला, नकरौंदा, नथुवाला, मोहकमपुर, दूधली, शेरपुरा, बीएफ कैंप तथा रायपुर और धर्मपुर क्षेत्रों में की गई है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्रवाई आगे और तेज़ होगी तथा यह अभियान रुकने वाला नहीं है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि भूमि खरीदने या निर्माण से पहले एमडीडीए से विधिवत अनुमति अवश्य लें।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की टीमें लगातार फील्ड में तैनात हैं और अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। चिन्हित होते ही बिना किसी देरी के सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
एमडीडीए का साफ संदेश है—नियमों के दायरे में रहकर विकास करें, अन्यथा बुलडोजर के लिए तैयार रहें।
