राजभवन घेराव को राज्य के हर कोने से निकले कांग्रेसियों के किया शक्ति प्रदर्शन।
वरिष्ठ नेताओं के बीच जमी बर्फ पिघली, नारों के बीच 2027 की जीत का लिया संकल्प।
देहरादून :- राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, भर्ती घोटालों और महंगाई के मुद्दे को लेकर हजारों कांग्रेसियों ने राजभवन कूच कर सत्तारूढ़ दल को कड़ी चुनौती दी है। सियासी तौर पर इस आंदोलन के जोशीले नारे को कांग्रेस की बढ़ती ताकत के रूप में गिना जा रहा है। गणेश गोदियाल के अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस का राज्य में ये पहला बड़ा प्रदर्शन है।
सोमवार की सुबह ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में उमड़े कांग्रेसियों के सैलाब ने 2027 के विधानसभा चुनाव की ठोस तैयारी पर भी मानो मुहर लगा दी। राजभवन कूच में पार्टी प्रभारी कुमारी शैलजा की मौजूदगी में सभी वरिष्ठ नेता एक साथ खड़े नजर आए और जोशीले अंदाज में भाजपा की कमियों को गिनाते हुए 2027 में विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने का संकल्प लिया।
प्रदेश के 13 जिलों से परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए कांग्रेसियों ने लगभग 4 किमी लम्बे कूच के दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। कांग्रेस की चुनावी टीम बनने के बाद गोदियाल के नेतृत्व में यह पहला बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम था। इस कूच में वक्ताओं ने कानून व्यवस्था, भ्र्ष्टाचार व महंगाई के अलावा अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पर भी खूब सवाल उठाए।
राजभवन कूच से कांग्रेस के नेताओं के बीच एकजुटता की नजर आयी। सभी बड़े नेता आज के प्रदर्शन में ” मुट्ठी” की शक्ल में नजर आए। इसी एकजुटता के संकल्प के साथ कांग्रेस अगला बड़ा प्रदर्शन कुमाऊं में करेगी। पार्टी ने लगभग तीन महीने पहले नवंबर माह में कांग्रेस हाईकमान ने गणेश गोदियाल-हरक व प्रीतम सिंह को विधानसभा चुनाव की कमान सौंपते हुए पार्टी को ताकत को एकजुट करने का फ़ैसला लिया था जिसका नतीजा आज कांग्रेस के लिए सुखद रहा।
इधऱ, गोदियाल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के बाद पार्टी खेमे में विशेष उत्साह भो देखा जा रहा है। कूच के बाद शैलजा ने सभी नेताओं को बधाई देते हुए पीठ भी थपथपाई। इसके साथ ही लंबे समय बाद वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर कदमताल ने सत्तारूढ़ दल को निश्चित तौर पर सोचने को मजबूर कर दिया है।

राजभवन कूच से पहले सोमवार की सुबह से ही परेड ग्राउंड में हजारों कार्यकर्ता जुटने लगे। सुबह से गढ़वाल और कुमाऊं के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता बसों और निजी वाहनों से पहुंचे। महिला कांग्रेस और युवा कांग्रेस की भी बड़ी भागीदारी रही। हाथों में बैनर और झंडे लेकर कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और सरकार से जवाब मांगा। सभा के बाद जुलूस निकालते हुए राजभवन देहरादून की ओर कूच किया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदेश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। हाथीबड़कला के समीप बैरिकेडिंग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ काफी देर तक धक्का मुक्की होती रही। बाद में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया। बाद में सभी गिरफ्तार कांग्रेसियों को रिहा कर दिया गया।
इससे पूर्व, परेड ग्राउंड में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में निकले मार्च में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा, प्रभारी शैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, विधायक प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, मंत्री प्रसाद नैथानी, हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक मनोज रावत, विधायक मदन बिष्ट, पूर्व विधायक रंजीत रावत, राजकुमार, उत्तराखण्ड महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला, सह प्रभारी पूनम पंडित, पूर्व मुख्य प्रवक्ता व पीसीसी उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर शिवानी थपलियाल मिश्रा, पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर राजीव महर्षि, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री राजेंद्र भंडारी, राजेंद्र शाह, मनीष नागपाल, नवीन जोशी, महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा, समेत पार्टी विधायक, पूर्व मंत्री व विधायक मौजूद रहे।
नेताओं ने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही हत्या, लूट, महिलाओं पर अपराध और नशे के बढ़ते मामलों से आम जनता में भय का माहौल है। गणेश गोदियाल एवं प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता जिस उत्साह से हजारों की संख्या में भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध करने के लिए देहरादून के परेड ग्राउंड में एकजुट हुए उससे आने वाले समय में पार्टी संगठन को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी तथा हम और अधिक ताकत से भाजपा सरकारों की जन विरोधी नीतियों तथा अलोकतांत्रिक हिटलरशाही का जवाब देने के लिए तत्पर रहेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के कोने-कोने से हजारों की सुख्या में पहुंचकर ऐतिहासिक राजभवन घेराव कर भाजपा की धामी सरकार के ताबूत में अंतिम कील ठोकी है। गोदियाल ने राजभवन घेराव कार्यक्रम में प्रदेश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में आये कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार की जड़ों को हिलाने का काम कर दिया है और आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में निश्चित रूप से इसका लाभ कांग्रेस पार्टी को मिलेगा और जनता भाजपा सरकार की तानाशाही, जनविरोधी नीतियों और कुशासन से निजात पायेगी।
सभा को संबोधित करते हुए करन माहरा ने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रही है। बेरोजगार युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, भर्ती परीक्षाओं में लगातार घोटाले सामने आ रहे हैं और महंगाई से आम जनता त्रस्त है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जनता की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया तो कांग्रेस जिला और ब्लॉक स्तर पर आंदोलन तेज करेगी। हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश में विकास की गति थम गई है और युवाओं का पलायन बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा, छोटे व्यापारी मंदी से जूझ रहे हैं और पर्यटन उद्योग भी अपेक्षित सहयोग न मिलने से प्रभावित है। .नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता का विषय है और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
जुलूस जब हाथी बड़कला क्षेत्र में पहुंचा तो पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। बाद में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आगे बढऩे की अनुमति दी गई और उन्होंने राजभवन में ज्ञापन सौंपा। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा के लिए कई थानों की फोर्स तैनात की गई थी और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
गंभीर अपराधों की समयबद्ध जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई।
भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया।
बेरोजगार युवाओं के लिए विशेष रोजगार पैकेज महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान महंगाई नियंत्रण और किसानों के लिए राहत पैकेज।
सुबह से गढ़वाल और कुमाऊं के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता बसों और निजी वाहनों से पहुंचे। महिला कांग्रेस और युवा कांग्रेस की भी बड़ी भागीदारी रही। हाथों में बैनर और झंडे लेकर कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और सरकार से जवाब मांगा।
