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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने, 26 जून को रुद्रपुर में ‘खेत बचाओ अभियान‘ तैयारियों को अंतिम रूप देने के दिए निर्देश।
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मुख्यमंत्री धामी की घोषणा को मिली रफ्तार, बागेश्वर में बनेगा आधुनिक राज्य अतिथि गृह, डॉ. आर. राजेश कुमार।
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विकास योजनाओं एवं सीएम घोषणाओं की समीक्षा बैठक में, डीएम आशीष चौहान ने कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश।
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साल में दो बार लिया जाएगा P-SAT, हर शनिवार होगी वर्चुअल ट्रेनिंग, खेल मंत्री रेखा आर्या।
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मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में, राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर।
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मानसून से पहले अलर्ट मोड में देहरादून, प्रमुख सचिव ने की आपदा तैयारियों एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा।
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व, मुख्यमंत्री धामी ने किया योगाभ्यास, नियमित योग अपनाने किया आह्वान।
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धामी मंत्रिमंडल की बैठक में, पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी और पद्मश्री जसपाल राणा को, दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि।
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उद्योग मित्रों की समस्याओं का समाधान करना, जिला प्रशासन की प्राथमिकता, डीएम आशीष चौहान।
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देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश में आधुनिक ट्रांजिट नेटवर्क पर मंथन, ई0-बी0आर0टी0एस0, पीआरटी और रोपवे परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा।

देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश में आधुनिक ट्रांजिट नेटवर्क पर मंथन, ई0-बी0आर0टी0एस0, पीआरटी और रोपवे परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा।

धामी सरकार की उत्तराखण्ड में ट्रांसपोर्ट क्रांति की तैयारी, ई0-बी0आर0टी0एस0, पीआरटी और रोपवे परियोजनाओं को मिली रफ्तार, प्राथमिकता पर होगा क्रियान्वयन।

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने की ई0-बी0आर0टी0एस0 की विभिन्न परियोजनाओं की मैराथन समीक्षा।

आईएसबीटी-मसूरी डायवर्जन कॉरिडोर का स्थलीय निरीक्षण।

देहरादून :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रदेश की शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड ई0-बी0आर0टी0एस0 की विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें देहरादून और हरिद्वार सहित ऋषिकेश क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं की प्रगति पर गंभीर मंथन हुआ। बैठक में उत्तराखण्ड मैट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और विभिन्न परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति का प्रस्तुतीकरण किया। सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

*त्रिवेणी घाट-नीलकंठ रोपवे को मिली अहम स्वीकृति*

बैठक में जानकारी दी गई कि त्रिवेणी घाट से नीलकंठ मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना को आवश्यक एनओसी/अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। निगम द्वारा स्टेज-1 फॉरेस्ट क्लीयरेंस हेतु आवेदन भी कर दिया गया है। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाएगी बल्कि पर्वतीय यातायात दबाव को कम करने में भी सहायक होगी। सचिव ने 30 वर्ष के कंसेशन पीरियड को भविष्य की परियोजनाओं में बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए, ताकि निजी निवेश आकर्षित किया जा सके और परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता मजबूत हो।

*हरिद्वार में इंटीग्रेटेड रोपवे और पी0आर0टी0 सिस्टम*

हरिद्वार शहर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना (डी0डी0यू0 पार्किंग-चण्डी देवी-मनसा देवी एवं मल्टीमॉडल हब) की डी0एफ0सी कराये जाने हेतु अनुरोध बैठक में किया गया। सचिव ने 18.02.2026 की तिथि डी0एफ0सी प्रक्रिया के लिए निर्धारित करते हुए निर्देश दिया कि परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट को पी0पी0पी0 सेल से वेटिंग कराया जाए। हरिद्वार शहर में पी0आर0टी परियोजना के अंतर्गत चार कॉरिडोर प्रस्तावित हैं-

1- सीतापुर से भारत माता मंदिर

2- सिटी अस्पताल से दक्ष मंदिर

3- लालतारा चौक से भूपतवाला

4- गणेशपुरम से डीएवी पब्लिक स्कूल

इस परियोजना में 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं तथा कुल लंबाई 20.73 किमी होगी। यह योजना विशेष रूप से तीर्थ सीजन के दौरान यातायात प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।

*देहरादून में ई-बीआरटीएस- 31.52 किमी का मेगा कॉरिडोर*

देहरादून शहर में प्रस्तावित ई-बी0आर0टी0एस0 परियोजना के अंतर्गत दो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। प्रथम कॉरिडोर आईएसबीटी से रायपुर तक होगा, जिसमें 35 स्टेशन प्रस्तावित हैं और कुल लंबाई 31.52 किमी होगी। बैठक के उपरांत सचिव ने निगम अधिकारियों के साथ प्रथम कॉरिडोर का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजधानी की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर शहर के मुख्य आवागमन मार्गों को कवर करेगा और सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देगा।

*देहरादून पी0आर0टी0 के तीन कॉरिडोर देहरादून में पी0आर0टी0 परियोजना के अंतर्गत तीन प्रमुख कॉरिडोर प्रस्तावित हैं*

1- क्लेमेंटटाउन से बल्लूपुर चौक

2- पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन

3- गांधी पार्क से आईएसबीटी पार्क

निगम द्वारा इन कॉरिडोर की डीपीआर तैयार कर अनुमोदन के अनुरूप कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया। सचिव ने निर्देश दिया कि परियोजना को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (ज्व्क्) मॉडल से जोड़ा जाए, जिससे शहरी विस्तार सुनियोजित ढंग से हो सके।

*17 स्टेशन का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण* 

बैठक के उपरांत सचिव द्वारा निगम के अधिकारियों के साथ प्रथम कॉरिडोर (आईएसबीटी से मसूरी डायवर्जन, कुल 17 स्टेशन) का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित आईएसबीटी स्टेशन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई, जिसमें अवगत कराया गया कि स्टेशन निर्माण हेतु 0.64 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। संबंधित भूमि का स्वामित्व मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के अधीन है। इस पर प्रबंध निदेशक ने परियोजना में शामिल विभिन्न शासकीय भूमि को शीघ्र निगम को हस्तांतरित किए जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से प्रारंभ हो सके।

*पार्किंग पॉलिसी और समन्वित विकास पर जोर*

बैठक में सचिव ने उत्तराखण्ड की कार पार्किंग पॉलिसी-2022 का गहन अध्ययन कर भविष्य की सभी शहरी परिवहन परियोजनाओं में समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उनका मानना है कि बिना पार्किंग प्रबंधन के कोई भी ट्रांजिट सिस्टम प्रभावी नहीं हो सकता। सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि त्रिवेणी-नीलकंठ रोपवे और हरिद्वार रोपवे परियोजनाएं एडवांस स्टेज में हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र क्रियान्वित किया जाए। बैठक में उत्तराखण्ड मैट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा, निदेशक (वित्त) संजीव मेहता, महाप्रबंधक (सिविल) संजय जी0 पाठक, संयुक्त महाप्रबंधक (एचआर) कृष्णा नन्द शर्मा, संयुक्त महाप्रबंधक (एस0एण्ड0टी0) अजय बाबू, संयुक्त महाप्रबंधक (विद्युत) सौरभ शेखर, संयुक्त महाप्रबंधक (सिविल) जयनन्दन सिन्हा, उप-महाप्रबंधक (सिविल) गुरूलाल सिंह, सेक्शन इंजीनियर सर्वेश कुमार तथा सेक्शन इंजीनियर अशोक डोभाल उपस्थित रहे।

*शहरी परिवहन के नए युग की शुरुआत*

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि उत्तराखण्ड में शहरी परिवहन के क्षेत्र में व्यापक बदलाव की तैयारी है। ई0-बी0आर0टी0एस0, पीआरटी और रोपवे परियोजनाओं को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार की जा रही है। यदि निर्धारित समयसीमा में ये परियोजनाएं धरातल पर उतरती हैं, तो देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र में यातायात प्रबंधन, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। धामी सरकार की यह पहल प्रदेश को आधुनिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित कर सकती है।

*परिवहन नेटवर्क विकसित करने पर फोकस -डॉ आर राजेश कुमार*

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड को आधुनिक, सुरक्षित और सतत शहरी परिवहन व्यवस्था से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देहरादून और हरिद्वार जैसे तीव्र गति से विकसित हो रहे शहरों में समेकित ट्रांजिट सिस्टम समय की मांग है। रोपवे, पी0आर0टी और ई-बी0आर0टी0एस0 परियोजनाएं न केवल यातायात दबाव कम करेंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन संवर्धन में भी सहायक होंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ आगे बढ़ाई जाएं। निजी निवेश आकर्षित करने, पीपीपी मॉडल को मजबूत करने और तकनीकी व्यवहार्यता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड के प्रमुख शहरों में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का सशक्त नेटवर्क विकसित हो।

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