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नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के तत्वावधान में, श्रीलंका के 40 सिविल सेवा अधिकारी पहुंचे एसईओसी।
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मुख्य सचिव ने किया भवाली-रातिघाट बाईपास, श्री कैंचीधाम मंदिर में निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण।
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मंत्री रेखा आर्या ने 50 से अधिक शिकायतों का किया मौके पर निस्तारण।
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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने, कुठालवाली में सामुदायिक भवन का किया लोकार्पण क्षेत्रवासियों को मिली नई सौगात।
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मुख्यमंत्री धामी ने सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा, प्रकाशित स्मारिका “प्रयास बेहतर कल के लिए” का किया विमोचन।
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सीएम धामी ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की, पुण्य तिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
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गैस संकट पर केंद्र सरकार की अदूरदर्शी नीतियां जिम्मेदार, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में भारी अनियमितताएं, डॉ. हरक सिंह रावत।
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वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत, 402 करोड़ के नए विकास प्रस्तावों को मंजूरी।
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मुख्यमंत्री धामी ने कुंभ मेला तैयारियों की समीक्षा की, कुंभ मेले के दिव्य-भव्य बनाने को अधिकारियों को दिए निर्देश।
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गैरसैंण बजट सत्र में देवभूमि परिवार समेत कई विधेयक पेश, आईडी में मुखिया के तौर पर परिवार की, वरिष्ठतम महिला सदस्य का होगा नाम। 

गैरसैंण बजट सत्र में देवभूमि परिवार समेत कई विधेयक पेश, आईडी में मुखिया के तौर पर परिवार की, वरिष्ठतम महिला सदस्य का होगा नाम। 

कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए देवभूमि परिवार विधेयक पेश।

देहरादून/गैरसैंण :- कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से सहायता पहुँचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने मंगलवार को “देवभूमि परिवार विधेयक- 2026” को सदन पटल पर रख दिया है। इस विधेयक के कानून बन जाने पर प्रदेश में एकीकृत और सत्यापित परिवार-आधारित डेटाबेस “देवभूमि परिवार” की स्थापना हो सकेगी। विधेयक का उद्देश्य विभिन्न विभागों में बिखरे लाभार्थी डेटा को एक मंच पर लाकर योजनाओं के संचालन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समन्वित बनाना है। देवभूमि परिवार आईडी में मुखिया के तौर पर परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य का नाम दर्ज होगा।

वर्तमान में राज्य के अलग-अलग विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लिए अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं। इसके कारण कई बार लाभार्थी आंकड़ों का दोहराव, पुनः सत्यापन की जटिल प्रक्रियाएँ और विभागों के बीच समन्वय की कमी जैसी समस्याएँ सामने आती हैं। इससे न केवल प्रशासनिक संसाधनों पर अतिरिक्त भार पड़ता है, बल्कि योजनाओं के आकलन और प्रभावी क्रियान्वयन में भी बाधाएँ उत्पन्न होती हैं।

अब इस विधेयक के माध्यम से राज्य में एक एकीकृत परिवार-स्तरीय डेटा भंडार स्थापित किया जाएगा, जो विभिन्न विभागों और एजेंसियों के लिए लाभार्थी संबंधी सूचनाओं का एक विश्वसनीय स्रोत (Single Source of Truth) के रूप में कार्य करेगा। इससे योजनाओं का बेहतर लक्ष्योन्मुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता अधिक प्रभावी ढंग से पहुँच सकेगी।

इसके साथ ही, इस डेटा प्रणाली के प्रभावी प्रबंधन, संरक्षण और संरचनात्मक सुधारों के लिए एक उपयुक्त संस्थागत तंत्र का भी गठन किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत विभागों के बीच सुरक्षित और विनियमित डेटा आदान-प्रदान की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी, जिससे योजनाओं के बेहतर लक्षित वितरण और समन्वय को मजबूती मिलेगी।

यह पूरी व्यवस्था डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 (DPDP Act 2023) के प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जाएगी, ताकि नागरिकों के डेटा का उपयोग सहमति, पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ सुनिश्चित किया जा सके।

*देवभूमि परिवार विधेयक- 2026” सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और उत्तराखंड के नागरिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुँच सकेगा। *पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड *

*ये विधेयक भी प्रस्तुत किए गए*

उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक – 2026

उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (संशोधन) विधेयक – 2026

उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1993) (संशोधन) विधेयक 2026

उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026

उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026

उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम, विधेयक, 2026

उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2026

उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026

उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक, 2026

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