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विकास भी, विरासत भी: निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और उपलब्धियों से उत्तराखण्ड ने रचा नया इतिहास।
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सम्मान और सेवा का संगम: धामी सरकार ने आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन को दिया सशक्त सहारा।
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चार साल बेमिसाल: सशक्त नेतृत्व में बदला उत्तराखण्ड का स्वरूप, ऐतिहासिक फैसलों से विकास को नई दिशा।
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डीएम सविन बसंल LPG गैस की कालाबाजारी को लेकर सख्त, 90 हजार सिलेंडर बैकलॉग, 37 शिकायतों पर प्रशासन अलर्ट।
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मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला के कार्यो के साथ ही, प्रदेश की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की वित्तीय स्वीकृति।
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केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने की, सीएम धामी की जमकर तारीफ, कहा धाकड़ धामी से बने अब “धुरंधर धामी। 
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भाजपा सबको अपनाती है, कांग्रेस अपनों को भी नहीं स्वीकारती, महेंद्र भट्ट।
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डीएम सविन बसंल ने नवरात्र के पावन पर्व पर, देवियों की स्तुति कर की 10 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित। 
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वन संरक्षण का अर्थ केवल पेड़ लगाना ही नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण करना भी जरूरी, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव। 
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सम्मान और सेवा का संगम: धामी सरकार ने आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन को दिया सशक्त सहारा।

सम्मान और सेवा का संगम: धामी सरकार ने आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन को दिया सशक्त सहारा।

देहरादून :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में राज्य आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन के सम्मान व कल्याण को प्राथमिकता देते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

*आंदोलनकारियों और सैनिकों को सम्मान*

राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को सम्मान देते हुए सरकारी नौकरियों में उन्हें 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही उनके आश्रितों की पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹5500 प्रतिमाह कर दी गई है। वहीं, राज्य आंदोलन के दौरान 7 दिन जेल गए अथवा घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन भी ₹6000 से बढ़ाकर ₹7000 प्रतिमाह कर दी गई है, जो उनके संघर्ष के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

सैनिकों के सम्मान में भी बड़े फैसले लिए गए हैं। शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है। वहीं, परमवीर चक्र विजेताओं के लिए यह राशि ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है। इसके अलावा, राज्य में अग्निवीर योजना के अंतर्गत सेवा देने वाले युवाओं को भी सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।

*सेवा का संकल्प’ से जन-जन तक पहुंची सरकार*

धामी सरकार की “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” पहल ने जनसेवा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में 686 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 5.37 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया।इन शिविरों के माध्यम से 2.96 लाख से अधिक नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। वहीं, प्राप्त 51,317 शिकायतों में से 33,990 का मौके पर ही समाधान किया गया, जो प्रशासन की तत्परता को दर्शाता है। डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देते हुए अपुणि सरकार पोर्टल के माध्यम से करीब 950 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है, जिससे आम नागरिकों को घर बैठे सुविधाएं मिल रही हैं।

*समाज के हर वर्ग का ध्यान*

सरकार ने वृद्धजनों के लिए वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर ₹1500 कर दी है, जिससे अब बुजुर्ग दंपत्ति दोनों को इसका लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, वृद्ध एवं आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों और लेखकों की मासिक पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹6000 करने का निर्णय लिया गया है।

*समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम*

चार वर्षों में लिए गए इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने न केवल विकास को गति दी है, बल्कि समाज के हर वर्ग—आंदोलनकारी, सैनिक, बुजुर्ग, महिलाएं और आम नागरिक—को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है।

सरकार का लक्ष्य “सेवा, सम्मान और सुशासन” के मूल मंत्र के साथ उत्तराखण्ड को एक सशक्त और संवेदनशील राज्य के रूप में स्थापित करना है।

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