Breaking News
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में, बुधवार को दिल्ली में होगी भाजपा प्रदेश कोर ग्रुप बैठक।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में, बुधवार को दिल्ली में होगी भाजपा प्रदेश कोर ग्रुप बैठक।
राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान, अल्मोड़ा का होगा सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण, आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद।
राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान, अल्मोड़ा का होगा सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण, आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद।
महाराज की राजस्थान के मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार पर हुई चर्चा।
महाराज की राजस्थान के मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार पर हुई चर्चा।
सड़क सुरक्षा पर डीएम डॉ. आशीष चौहान का सख्त एक्शन, ब्लैक स्पॉट होंगे सुरक्षित, हर माह होगी प्रगति समीक्षा।
सड़क सुरक्षा पर डीएम डॉ. आशीष चौहान का सख्त एक्शन, ब्लैक स्पॉट होंगे सुरक्षित, हर माह होगी प्रगति समीक्षा।
उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने दी बधाई।
उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने दी बधाई।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं, निर्माण कार्यों के लिए ₹ 5 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं, निर्माण कार्यों के लिए ₹ 5 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
पुष्पवर्षा, चरण प्रक्षालन के साथ ही, सीएम धामी ने अपने हाथों से भोजन परोसकर किया कांवड़ियों का स्वागत। 
पुष्पवर्षा, चरण प्रक्षालन के साथ ही, सीएम धामी ने अपने हाथों से भोजन परोसकर किया कांवड़ियों का स्वागत। 
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने मसूरी विधानसभा में, विभिन्न विकास योजनाओं का किया लोकार्पण शिलान्यास। 
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने मसूरी विधानसभा में, विभिन्न विकास योजनाओं का किया लोकार्पण शिलान्यास। 
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में दिया संदेश, अंगदान: मृत्यु के बाद भी जीवन का उपहार।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में दिया संदेश, अंगदान: मृत्यु के बाद भी जीवन का उपहार।

महिला आरक्षण बिल लोकसभा में अटका, दो-तिहाई बहुमत न मिलने से नहीं हो सका पारित।

महिला आरक्षण बिल लोकसभा में अटका, दो-तिहाई बहुमत न मिलने से नहीं हो सका पारित।

देहरादून/नई दिल्ली :- महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े बहुप्रतीक्षित महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में शुक्रवार को झटका लगा। सदन में हुई वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। बावजूद इसके, यह विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका, जिसके चलते इसे पारित नहीं किया जा सका।

संविधान संशोधन होने के कारण अटका बिल

महिला आरक्षण बिल एक संविधान संशोधन विधेयक है, जिसे पारित करने के लिए उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई समर्थन की जरूरत होती है। इस महत्वपूर्ण आंकड़े तक सरकार नहीं पहुंच पाई, जिससे बिल पास होने से रह गया।

सदन में गरमाया माहौल

वोटिंग से पहले लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। विपक्षी दलों ने बिल के कुछ प्रावधानों, खासकर इसके लागू होने की समयसीमा और प्रक्रिया पर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना था कि महिलाओं को आरक्षण का लाभ तुरंत मिलना चाहिए, जबकि सरकार ने जनगणना और परिसीमन के बाद इसे लागू करने की बात दोहराई। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखा टकराव देखने को मिला।

राजनीतिक सहमति का अभाव

हालांकि महिला आरक्षण के मुद्दे पर लगभग सभी दल सिद्धांत रूप से सहमत नजर आते हैं, लेकिन व्यावहारिक और राजनीतिक मतभेद इसके पारित होने में बाधा बन गए। कई दलों ने वोटिंग के दौरान सरकार का साथ नहीं दिया, जिससे दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा अधूरा रह गया।

क्या है महिला आरक्षण बिल?

इस बिल का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना है। इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जाता है।

लोकसभा में बिल पारित न होने के बाद अब सरकार के सामने इसे दोबारा पेश करने या सभी दलों के साथ व्यापक सहमति बनाने की चुनौती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस बिल पर सहमति बनती है, तो यह भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा दे सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top