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दून में सेवा संकल्प अभियान का पुरकुल गांव से आगाज, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सुनी समस्याएं।
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आंगनबाड़ी कार्यकत्रि हैं विभाग की मजबूत रीढ़, विषम परिस्थितियों में करती हैं अपने दायित्वों का निर्वहन, रेखा आर्या।
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मजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से समृद्ध उत्तराखण्ड बनेगा, मुख्यमंत्री धामी।
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मुख्यमंत्री धामी से मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला ने की शिष्टाचार भेंट।
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खेल मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर दिया खेल में आगे बढ़ने का संदेश, कहा युवा है देश का भविष्य।
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धामी सरकार की दूरगामी सोच, धार्मिक और पर्यटन स्थलों व 51 रोपवे के साथ 160 किमी लंबा नेटवर्क जोड़ने की तैयारी।
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राजेन्द्र नगर में नवनिर्मित पार्क का किया लोकार्पण, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।
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देवभूमि की लोक संस्कृति हमारी पहचान, नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी, मुख्यमंत्री धामी।
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विद्यालयों में विकसित भारत की तस्वीरें उकेरेंगे छात्र-छात्राएं, डॉ धन सिंह रावत।
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दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर, 22 मई 2026 से 08 जून तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर, 22 मई 2026 से 08 जून तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के गणेशपुर–देहरादून सेक्शन पर ढलान स्थिरीकरण कार्य हेतु यातायात डायवर्जन योजना होगी लागू।

हाईवे के लगभग 1.250 किलोमीटर हिस्से पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा।

यातायात संचालन एवं यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए 24 घंटे फ्लैगमैन तैनात किए जाएंजाएंगे।

देहरादून :- दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के चौथे चरण (गणेशपुर–देहरादून सेक्शन) पर ढलान स्थिरीकरण कार्य हेतु यातायात डायवर्जन योजना लागू की जाएगी। सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से एनएचएआई द्वारा अब ढलान स्थिरीकरण कार्य कराने की योजना बनाई गई है। इसके लिए अतिरिक्त वन भूमि भी डायवर्ट की गई है। यह कार्य 22 मई 2026 से प्रारंभ किया जाएगा और वर्षा ऋतु से पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रस्तावित कार्यों के अंतर्गत पहाड़ी ढलानों की स्केलिंग एवं अतिरिक्त मलबे को हटाने का कार्य किया जाएगा। इन कार्यों के दौरान यातायात की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हाईवे के लगभग 1.250 किलोमीटर हिस्से पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा।

यह डायवर्जन व्यवस्था 22 मई 2026 से लागू होकर 08 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। हाईवे का शेष भाग यातायात के सुरक्षित संचालन हेतु खुला रहेगा। यातायात संचालन एवं यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए 24 घंटे फ्लैगमैन तैनात किए जाएंगे।

देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों को किलोमीटर 14+650 पर लेफ्ट हैंड साइड (एलएचएस) कैरिजवे से राइट हैंड साइड (आरएचएस) कैरिजवे पर डायवर्ट किया जाएगा। इसके बाद लगभग 1.250 किलोमीटर तक यातायात आरएचएस कैरिजवे पर संचालित होगा। तत्पश्चात दात काली टनल एलएचएस से पहले किलोमीटर 15+900 पर यातायात को पुनः एलएचएस कैरिजवे पर स्थानांतरित किया जाएगा।

दिल्ली एवं सहारनपुर की ओर जाने वाले वाहनों को डाट काली टनल (आरएचएस) पार करने के बाद पुराने हाईवे सेक्शन पर डायवर्ट किया जाएगा। लगभग 1.3 किलोमीटर पुराने हाईवे मार्ग का उपयोग करने के पश्चात यातायात को पुनः दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के आरएचएस कैरिजवे (14+650) पर वापस लाया जाएगा। इस परियोजना का नाम- भारतमाला परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश में डिज़ाइन चैनज गणेशपुर से आशारोड़ी तक एनएच-72ए के गणेशपुर–देहरादून सेक्शन का छह-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे निर्माण कार्य है।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का गणेशपुर–देहरादून सेक्शन पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस सेक्शन के कुछ हिस्सों के चौड़ीकरण कार्य में पहाड़ों की कटिंग की गई है। हाईवे पर पत्थरों के गिरने की आशंका को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा संवेदनशील स्थानों पर पहले ही स्टोन कैचर लगाए जा चुके हैं।

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