देहरादून :- उत्तराखंड ने जन्म के समय लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार दर्ज करते हुए देश के बड़े राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा सैंपल रजिस्ट्रेशन रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 1000 पुरुषों पर अब 868 महिलाओं का अनुपात दर्ज किया गया है, जो पिछले आंकड़ों की तुलना में 11 अंकों की वृद्धि है। यह वृद्धि देश के बड़े राज्यों में सर्वाधिक मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यह उपलब्धि जागरूकता अभियानों, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और पीसीपीएनडीटी एक्ट के सख्त पालन का परिणाम है। राज्य में अवैध लिंग जांच पर सख्ती और अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी से भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का व्यापक असर उत्तराखंड में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 में राज्य का प्रदर्शन काफी नीचे था, लेकिन अब लिंगानुपात में तेजी से सुधार हुआ है और उत्तराखंड बेटियों के जन्म अनुपात को बढ़ाने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी भी इस दिशा में और काम करने की आवश्यकता है, लेकिन यह उपलब्धि समाज में बेटियों के प्रति बढ़ते सम्मान और सकारात्मक सोच का प्रमाण है।
