Breaking News
समाधान दिवस में 145 से अधिक फरियादियों की सुनी समस्याएं, लंबित शिकायतों पर आयुक्त सख्त।
समाधान दिवस में 145 से अधिक फरियादियों की सुनी समस्याएं, लंबित शिकायतों पर आयुक्त सख्त।
हर-हर महादेव जयघोष के बीच निकली, ओलंपिक-2036 के संकल्प के साथ रेखा आर्या की कांवड़ यात्रा।
हर-हर महादेव जयघोष के बीच निकली, ओलंपिक-2036 के संकल्प के साथ रेखा आर्या की कांवड़ यात्रा।
सीएम धामी ने युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में कहा, आज के विद्यार्थी ही भविष्य में उत्तराखंड और देश का करेंगे नेतृत्व।
सीएम धामी ने युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में कहा, आज के विद्यार्थी ही भविष्य में उत्तराखंड और देश का करेंगे नेतृत्व।
सीएम धामी ने समस्त जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक, 15 अक्टूबर तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने के दिए निर्देश।
सीएम धामी ने समस्त जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक, 15 अक्टूबर तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने के दिए निर्देश।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के, डाॅ जयकृृत चौधरी कार्डियोलाॅजी राष्ट्रीय क्विज प्रतियोगिता में दूसरा स्थान।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के, डाॅ जयकृृत चौधरी कार्डियोलाॅजी राष्ट्रीय क्विज प्रतियोगिता में दूसरा स्थान।
2036 ओलंपिक की भारत में मेजबानी की मनोकामना, खेल मंत्री रेखा आर्या ने उठाई ‘संकल्प कांवड़ यात्रा।
2036 ओलंपिक की भारत में मेजबानी की मनोकामना, खेल मंत्री रेखा आर्या ने उठाई ‘संकल्प कांवड़ यात्रा।
नेता प्रतिपक्ष का आचरण पद की गरिमा के विपरीत, अमर्यादित और अलोकतांत्रिक, खजान दास। 
नेता प्रतिपक्ष का आचरण पद की गरिमा के विपरीत, अमर्यादित और अलोकतांत्रिक, खजान दास। 
कदम सलामत, कल सलामत” के संदेश के साथ, अंग-विच्छेदन मुक्त उत्तराखंड की दिशा में बढ़ रहे कदम, सुबोध उनियाल।
कदम सलामत, कल सलामत” के संदेश के साथ, अंग-विच्छेदन मुक्त उत्तराखंड की दिशा में बढ़ रहे कदम, सुबोध उनियाल।
मैं पर्यटन के लिए नहीं, अपने लोगों और जनता के लिए उत्तराखंड आया हूं, मल्लिकार्जुन खड़गे।
मैं पर्यटन के लिए नहीं, अपने लोगों और जनता के लिए उत्तराखंड आया हूं, मल्लिकार्जुन खड़गे।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के, डाॅ जयकृृत चौधरी कार्डियोलाॅजी राष्ट्रीय क्विज प्रतियोगिता में दूसरा स्थान।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के, डाॅ जयकृृत चौधरी कार्डियोलाॅजी राष्ट्रीय क्विज प्रतियोगिता में दूसरा स्थान।

जेड.वाई.एम.ई.ए. कार्डियोलाॅजी क्विज के नेशनल फिनाले में उत्तराखण्ड से एकमात्र कार्डियोलॉजिस्ट।

देश की शीर्ष 6 फाइनलिस्ट टीमों में बनाई जगह।

श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने डॉ. जयकृत चौधरी एवं कार्डियोलॉजी विभाग को दी बधाई।

देहरादून :- श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के डीएम कार्डियोलॉजी फाइनल ईयर रेजीडेंट डॉ. जयकृत चौधरी ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा, चिकित्सकीय ज्ञान और क्लिनिकल समझ का शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिष्ठित जेड.वाई.एम.ई.ए. कार्डियोलाॅजी नेशनल क्विज फिनाले में दूसरा स्थान प्राप्त किया। काबिलेगौर है कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के काॅर्डियोलाॅजी विभाग में 6 डीएम काॅर्डियोलाॅजी सीटंे उपलब्ध हैं। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के माननीय चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने डॉ. जयकृत चौधरी की इस उपलब्धि पर उन्हें और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कार्डियोलाॅजी विभाग की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

देश के विभिन्न प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों से प्रतिभाग करने वाले चिकित्सकों के बीच आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की क्विज प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में डॉ. जयकृत चौधरी ने गहन चिकित्सकीय ज्ञान, क्लिनिकल समझ, त्वरित निर्णय क्षमता और विश्लेषणात्मक कौशल का प्रभावी प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के सभी चरणों में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने देश की शीर्ष 6 फाइनलिस्ट टीमों में अपनी जगह सुनिश्चित की और नेशनल फिनाले के लिए क्वालीफाई किया। इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ डॉ. जयकृत ने न केवल श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल और देहरादून का गौरव बढ़ाया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड की मेडिकल प्रतिभा को भी नई पहचान दिलाई है। नेशनल फिनाले में देशभर की शीर्ष 6 फाइनलिस्ट टीमों ने हिस्सा लिया।

डॉ. जयकृत चौधरी की इस सफलता की विशेष उपलब्धि यह है कि वे उत्तराखण्ड से इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के नेशनल फिनाले के लिए चयनित होने वाले एकमात्र कार्डियोलॉजिस्ट हैं। देश के विभिन्न नामचीन मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों से प्रतिभाग करने वाले चिकित्सकों के बीच अपनी जगह बनाना उनके लिए महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करना प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कैथ लैब डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. तनुज भाटिया ने डॉ. जयकृत चौधरी की सफलता पर हर्ष एवं प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे विभाग के लिए गौरव और उत्साह का क्षण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के नेशनल फिनाले तक पहुंचना डॉ. जयकृत की प्रतिभा और मेहनत का परिणाम है।

जेड.वाई.एम.ई.ए. कार्डियोलाॅजी नेशनल क्विज फिनाले देशभर के युवा एवं प्रतिभाशाली पोस्टग्रेजुएट चिकित्सकों के बीच चिकित्सा ज्ञान, क्लिनिकल समझ, त्वरित निर्णय क्षमता और नवीनतम चिकित्सकीय जानकारी को परखने वाली प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की अकादमिक प्रतियोगिता है। प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रतिभाग करने वाले चिकित्सकों ने अपनी विशेषज्ञता और ज्ञान का प्रदर्शन किया। कठिन एवं प्रतिस्पर्धात्मक चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शीर्ष 6 फाइनलिस्ट टीमें नेशनल फिनाले के लिए चुनी गई। प्रतियोगिता में कार्डियोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी और इंटरनल मेडिसिन जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सा क्षेत्रों से संबंधित विषयों के माध्यम से प्रतिभागियों की विशेषज्ञता, क्लिनिकल सोच और नवीनतम चिकित्सकीय ज्ञान का आकलन किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top