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धामी सरकार की झीलों को नई पहचान देने की तैयारी।
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जनपद में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार, घबराने की आवश्यकता नहीं-जिला पूर्ति अधिकारी।
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उच्च शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं है, बल्कि विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की आधारशिला, मुख्यमंत्री धामी।
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विकसित भारत 2047 सरकार का सपना ही नहीं बल्कि, 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है, नितिन नबीन।
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पूरे क्षेत्र की तस्वीर तकदीर बदललेगी सतपुली झील, महाराज।
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संघर्ष और समर्पण के सीख देता है खेल, रेखा आर्या।
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टपकेश्वर महादेव मंदिर में, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ की पूजा अर्चना, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।
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गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, प्रजेंटेशन में ही न ही बल्कि धरातल पर दिखें सकरात्मक परिणाम, डीएम।
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पार्टी विचार बढ़ाने के लिए सांसद और विधायक निभाए अहम योगदान, नवीन।
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विधि विधान के साथ शुभ मुहूर्त में खोले गए यमुनोत्री धाम के कपाट

विधि विधान के साथ शुभ मुहूर्त में खोले गए यमुनोत्री धाम के कपाट
श्रद्धालुओं ने गर्म जल कुंडों में स्नान कर किए मां यमुना के दर्शन 
उत्तरकाशी। चारधामों में प्रथम यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। शीतकालीन पड़ाव खरसाली से ढोल-दमाऊ की थाप और होम गार्ड के बैंड धुन के साथ सुबह सवा छह बजे मां यमुना की डोली धाम के लिए रवाना हुई। धाम पहुंचते ही मां यमुना की विशेष पूजा अर्चना के बाद विधि विधान के साथ शुभ मुहूर्त में 10:29 बजे धाम के कपाट खोले गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में धाम पहुंचे श्रद्धालुओं ने यमुना मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि के लिए मनौतियां मांगी।
शुक्रवार तड़के ही यमुनोत्री धाम के कपाट उद्घाटन के लिए यमुना के शीतकालीन पड़ाव खरसाली खुशीमठ स्थित यमुना मंदिर में पूजा अभिषेक शुरू हो गया था। मंदिर में विशेष पूजा अर्चना के बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में सवा छह बजे मंदिर से मां यमुना की डोली बाहर लाई गई। जो अपने भाई शनि महाराज की डोली के साथ श्रद्धालुओं के जयकारों के साथ धाम के लिए रवाना हुई। जानकीचट्टी से पांच किमी का पैदल मार्ग तय कर डोली यात्रा करीब 10 बजे यमुनोत्री धाम पहुंची। यहां मां यमुना की विशेष पूजा अर्चना संपन्न की गई। बाद में विधि विधान के साथ शुभ मुहूर्त में ठीक 10:29 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर धाम पहुंचे श्रद्धालुओं ने गर्म जल कुंडों में स्नान कर मां यमुना के दर्शन किए।

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