Breaking News
जनपद में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार, घबराने की आवश्यकता नहीं-जिला पूर्ति अधिकारी।
जनपद में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार, घबराने की आवश्यकता नहीं-जिला पूर्ति अधिकारी।
उच्च शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं है, बल्कि विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की आधारशिला, मुख्यमंत्री धामी।
उच्च शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं है, बल्कि विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की आधारशिला, मुख्यमंत्री धामी।
विकसित भारत 2047 सरकार का सपना ही नहीं बल्कि, 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है, नितिन नबीन।
विकसित भारत 2047 सरकार का सपना ही नहीं बल्कि, 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है, नितिन नबीन।
पूरे क्षेत्र की तस्वीर तकदीर बदललेगी सतपुली झील, महाराज।
पूरे क्षेत्र की तस्वीर तकदीर बदललेगी सतपुली झील, महाराज।
संघर्ष और समर्पण के सीख देता है खेल, रेखा आर्या।
संघर्ष और समर्पण के सीख देता है खेल, रेखा आर्या।
टपकेश्वर महादेव मंदिर में, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ की पूजा अर्चना, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।
टपकेश्वर महादेव मंदिर में, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ की पूजा अर्चना, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।
गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, प्रजेंटेशन में ही न ही बल्कि धरातल पर दिखें सकरात्मक परिणाम, डीएम।
गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, प्रजेंटेशन में ही न ही बल्कि धरातल पर दिखें सकरात्मक परिणाम, डीएम।
पार्टी विचार बढ़ाने के लिए सांसद और विधायक निभाए अहम योगदान, नवीन।
पार्टी विचार बढ़ाने के लिए सांसद और विधायक निभाए अहम योगदान, नवीन।
मुख्यमंत्री धामी के विजन को मिल रही गति, बागवाला में बने 1872 प्रधानमंत्री आवास जल्द होंगे लाभार्थियों को आवंटित।
मुख्यमंत्री धामी के विजन को मिल रही गति, बागवाला में बने 1872 प्रधानमंत्री आवास जल्द होंगे लाभार्थियों को आवंटित।

कुमाऊं से अगर हाईकोर्ट शिफ्ट हुआ तो रोजगार भी हो जाएगा शिफ्ट – युवा, छात्र और लॉ विद्यार्थी

कुमाऊं से अगर हाईकोर्ट शिफ्ट हुआ तो रोजगार भी हो जाएगा शिफ्ट – युवा, छात्र और लॉ विद्यार्थी

पढ़िए हाईकोर्ट शिफ्ट को लेकर क्या कहना है लॉ स्टूडेंट और छात्रों का 

नैनीताल। हाईकोर्ट को कुमाऊं से गढ़वाल शिफ्ट किए जाने की कवायद के बीच युवा, छात्र और लॉ विद्यार्थी भी मुखर हो गए हैं। उनका की कहना है कि हाईकोर्ट कुमाऊं से अन्यत्र शिफ्ट कतई नहीं किया जाना चाहिए। अगर नैनीताल से शिफ्ट किया जाना जरूरी ही है तो इसे हल्द्वानी, रामनगर या ऊधमसिंह नगर जिले में कहीं किया जाना चाहिए। कइयों का कहना है कि कुमाऊं से अगर हाईकोर्ट शिफ्ट हुआ तो रोजगार भी शिफ्ट हो जाएगा, जो कुमाऊं के साथ गलत होगा। सभी का मत है कि जगह की कमी के कारण हाईकोर्ट को यहां से गढ़वाल शिफ्ट करना सही नहीं है, जगह तो कुमाऊं में भी कम नहीं है। नैनीताल में अगर जगह नहीं है तो ऊधमसिंह नगर में हाईकोर्ट के लिए पर्याप्त जगह है।

हाईकोर्ट तो कुमाऊं में ही रहना चाहिए। अगर जनमत संग्रह हो रहा है तो राज्य की राजधानी को लेकर भी इस विषय पर राय ली जानी चाहिए। आखिर कुमाऊं के साथ यह अन्याय कब तक चलता रहेगा।– रवि बिष्ट, हल्द्वानी।

उच्च न्यायालय का स्थानांतरण न्यायिक व्यवस्था के लिए नुकसानदेह होगा। नैनीताल में हाईकोर्ट के लिए पर्याप्त जगह व व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, इसका विस्तार भी किया जा सकता है। अगर शिफ्टिंग पर जनमत हो रहा है तो राजधानी के लिए भी होना चाहिए। – निमिष अग्रवाल, रामनगर

जगह की कमी के कारण हाईकोर्ट को ऋषिकेश शिफ्ट करना ठीक नहीं है। कुमाऊं क्षेत्र के अधिकारियों और लोगों की जेब ढीली होगी। आर्थिक भार पड़ने के साथ ही उनका समय बर्बाद होगा। हाईकोर्ट के लिए कुमाऊं क्षेत्र में जगह तलाशनी चाहिए।    – -संदीप रावत, छात्र, चंपावत, महाविद्यालय।

हाईकोर्ट को ऋषिकेश शिफ्ट करने का फैसला भविष्य को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। चंपावत क्षेत्र के लोगों और अधिकारियों के लिए इतनी दूर आना आसान नहीं होगा। इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
– लीलावती भट्ट, छात्रा, चंपावत, महाविद्यालय।

पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए गढ़वाल में राजधानी स्थापित हुई तो कुमाऊं के हिस्से में एकमात्र हाईकोर्ट आया है। गढ़वाल में राजधानी, एम्स अस्पताल, उच्च स्तरीय संस्थान समेत सभी विभागों के मुख्यालय हैं।
-गौरव जोशी, रिसर्च स्कॉलर, लॉ।

जन सुविधाओं को देखते हुए हाईकोर्ट को गौलापार में बनाना चाहिए, इससे क्षेत्र का विकास होगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के लिए नए विकल्प खुलेंगे। बेहतर होगा कि हाईकोर्ट आसपास के ही क्षेत्र में रहे।
-आराध्या मिश्रा, बीए एलएलबी, तृतीय वर्ष।

हाईकोर्ट को कुमाऊं से बाहर नहीं जाना चाहिए। हाईकोर्ट के लिए जनमत संग्रह की बात उठी है तो राजधानी के लिए जनमत होना कोई गलत नहीं है। जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय लेना चाहिए।
– अनिता शर्मा, अध्यक्ष उत्तराखंड महिला संघ काशीपुर।

हाईकोर्ट की बेंच खोलना उचित नहीं है। हाईकोर्ट कुमाऊं में ही रहना चाहिए। यदि हाईकोर्ट शिफ्ट करना आवश्यक है तो इसे रुद्रपुर में किया जाना चाहिए जहां भूमि पर्याप्त उपलब्ध है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, रोडवेज सहित अन्य सुविधाएं है।
– सुरेंद्र शर्मा, अध्यक्ष बाजपुर बार एसोसिएशनहाईकोर्ट को नैनीताल से स्थानांतरित करना पर्यटकों और कानून सहयोगियों दोनों के लिए एक बुनियादी जरूरत बन गई है। क्योंकि भीड़ बहुत ज्यादा है और सुविधाएं कम। जब हाईकोर्ट के लिए जनमत संग्रह कराया जा रहा है तो इसी तरह राजधानी के लिए भी कराया जाना चाहिए।
– अरुण कोली, एलएलबी छठवां सेमेस्टर रुद्रपुर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top