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सूबे में शिक्षकों को मिलेगी अब ऑनलाइन छुट्टी, डाॅ. धन सिंह रावत।
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केन्द्र सरकार द्वारा ऋषिकेश में विद्युत लाईनों को, भूमिगत किये जाने हेतु प्रदान की गई ₹489 करोड़ की धनराशि।
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बिना तैयारी बैठक में पहुंचे अधिकारियों पर, सीएम धामी सख्त, जताई कड़ी नाराजगी।
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आयुक्त गढ़वाल ने की श्री केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश।
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सब रजिस्टार कार्यालय विकासनगर में, डीएम सविन बंसल का औचक निरीक्षण, गंभीर अनियमितताएं हुई उजागर।
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बंगाल और असम में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर, पार्टी पदाधिकारियों के साथ किया मिष्ठान वितरित, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।
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बंगाल की जीत ने गंगोत्री से, गंगासागर तक भारत को भगवामय किया, मुख्यमंत्री धामी।
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मंत्री खजानदास ने दिया वरिष्ठ नागरिक संगठन को समस्याओ के समाधान का आश्वासन।
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ग्लेशियर झीलों की प्रभावी निगरानी जरूरी, जल्द शुरू हो उपकरण लगाए जाने का कार्य, मुख्य सचिव। 
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हल्द्वानी हिंसा- 14 दिन बाद कुछ ऐसा दिख रहा बनभूलपुरा का नजारा

हल्द्वानी हिंसा- 14 दिन बाद कुछ ऐसा दिख रहा बनभूलपुरा का नजारा

हल्द्वानी। हिंसा आठ फरवरी को भड़क गई थी। अवैध मदरसे को ढहाने गई नगर निगम और पुलिस की टीम पर हमला कर दिया गया था। इस हिंसा में छह लोगों की मौत हुई है और 300 से अधिक पुलिस, नगर निगम और मीडियाकर्मियों घायल हुए थे। आज 14 दिन बाद बनभूलपुरा का नजारा कुछ ऐसा है। मालिक के बगीचे में चारों ओर जहां भी नजर डालें, वहां घरों में ताले ही लटके दिखाई दे रहे हैं। कई घरों के दरवाजे और शटर टूटे हुए हैं। पत्थर लगने के निशान भी दिखाई दे रहे हैं। एक-दो घर जहां ताला नहीं है, वहां सिर्फ महिलाएं दिखाई दे रही हैं। शांति के बीच सिर्फ पोकलैंड चलने और मजदूरों की आवाज सुनाई दे रही है। वहीं, इसके बगल में कुर्क किया गया सामान खुले में रखा है। इसे काली पॉलिथिन से ढका गया है।

चारों ओर नजर दौड़ाने पर अधिकतर घरों में ताले लगे हैं। घर के बाहर लगे शीशे पत्थर से टूटे दिख रहे हैं। कुछ दुकानों के शटर टूटे हैं। कुछ घर खुले हैं। इनमें पुरुष नहीं दिखाई दे रहे हैं। तभी एक व्यक्ति मिलता है वह बताता है कि सभी लोग भाग गए हैं। घरों में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे हैं। बताया कि परिधि के 100 मीटर के दायरे में मात्र 10 पुरुष रह गए होंगे। इसके अलावा सभी यहां से छोड़कर जा चुके हैं। जिस निर्माण को लेकर इतना उपद्रव हुआ अब उसे पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया।

अवैध रूप से बने मदरसे का भवन ढहा दिया गया है। उसका मलबा नमाज स्थल के बेसमेंट में भर दिया गया है। मंगलवार को एक पोकलैंड अवैध संरचना को पूरी तरह तोड़ने में लगी थी। नगर निगम की ओर से लगाए गए मजदूर तोड़े गए मलबे से सरिया एकत्र कर रहे थे। बगीचे में पुलिस चौकी में अर्द्धसैनिक बल और पुलिस के जवान तैनात दिखे। 

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