Breaking News
त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा अभियान, देहरादून में 14 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए।
त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा अभियान, देहरादून में 14 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए।
कांग्रेस के बेशर्मी भरे दोगलापन और विकास विरोधी चेहरे से उठा पर्दा, महेंद्र भट्ट।
कांग्रेस के बेशर्मी भरे दोगलापन और विकास विरोधी चेहरे से उठा पर्दा, महेंद्र भट्ट।
सोंग नदी की सेहत का ‘बायो इंडिकेटर’ प्रोजेक्ट से लगेगा पता, सारा (SARRA) के तहत शोध शुरू। 
सोंग नदी की सेहत का ‘बायो इंडिकेटर’ प्रोजेक्ट से लगेगा पता, सारा (SARRA) के तहत शोध शुरू। 
स्वदेशी एलईडी लड़ियों की रोशनी और मिलेट्स उत्पादों का स्वाद बढ़ाएगा दीपावली की खुशियां।
स्वदेशी एलईडी लड़ियों की रोशनी और मिलेट्स उत्पादों का स्वाद बढ़ाएगा दीपावली की खुशियां।
मुख्यमंत्री धामी ने 37वें अखिल भारतीय खेलकूद समारोह के, विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित।
मुख्यमंत्री धामी ने 37वें अखिल भारतीय खेलकूद समारोह के, विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित।
श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में गोल्डन कार्ड पर मिल रहीं अनुमन्य चिकित्सा सुविधाएं।
श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में गोल्डन कार्ड पर मिल रहीं अनुमन्य चिकित्सा सुविधाएं।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए, ₹22.15 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृति का किया अनुमोदन।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए, ₹22.15 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृति का किया अनुमोदन।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन मंत्री से की भेंट, हल्द्वानी में उच्च न्यायालय के स्थायी परिसर निर्माण के प्रस्ताव पर की चर्चा।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन मंत्री से की भेंट, हल्द्वानी में उच्च न्यायालय के स्थायी परिसर निर्माण के प्रस्ताव पर की चर्चा।
त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, मिठाई की दुकानों पर छापेमारी तेज।
त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, मिठाई की दुकानों पर छापेमारी तेज।

हल्द्वानी हिंसा- 14 दिन बाद कुछ ऐसा दिख रहा बनभूलपुरा का नजारा

हल्द्वानी हिंसा- 14 दिन बाद कुछ ऐसा दिख रहा बनभूलपुरा का नजारा

हल्द्वानी। हिंसा आठ फरवरी को भड़क गई थी। अवैध मदरसे को ढहाने गई नगर निगम और पुलिस की टीम पर हमला कर दिया गया था। इस हिंसा में छह लोगों की मौत हुई है और 300 से अधिक पुलिस, नगर निगम और मीडियाकर्मियों घायल हुए थे। आज 14 दिन बाद बनभूलपुरा का नजारा कुछ ऐसा है। मालिक के बगीचे में चारों ओर जहां भी नजर डालें, वहां घरों में ताले ही लटके दिखाई दे रहे हैं। कई घरों के दरवाजे और शटर टूटे हुए हैं। पत्थर लगने के निशान भी दिखाई दे रहे हैं। एक-दो घर जहां ताला नहीं है, वहां सिर्फ महिलाएं दिखाई दे रही हैं। शांति के बीच सिर्फ पोकलैंड चलने और मजदूरों की आवाज सुनाई दे रही है। वहीं, इसके बगल में कुर्क किया गया सामान खुले में रखा है। इसे काली पॉलिथिन से ढका गया है।

चारों ओर नजर दौड़ाने पर अधिकतर घरों में ताले लगे हैं। घर के बाहर लगे शीशे पत्थर से टूटे दिख रहे हैं। कुछ दुकानों के शटर टूटे हैं। कुछ घर खुले हैं। इनमें पुरुष नहीं दिखाई दे रहे हैं। तभी एक व्यक्ति मिलता है वह बताता है कि सभी लोग भाग गए हैं। घरों में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे हैं। बताया कि परिधि के 100 मीटर के दायरे में मात्र 10 पुरुष रह गए होंगे। इसके अलावा सभी यहां से छोड़कर जा चुके हैं। जिस निर्माण को लेकर इतना उपद्रव हुआ अब उसे पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया।

अवैध रूप से बने मदरसे का भवन ढहा दिया गया है। उसका मलबा नमाज स्थल के बेसमेंट में भर दिया गया है। मंगलवार को एक पोकलैंड अवैध संरचना को पूरी तरह तोड़ने में लगी थी। नगर निगम की ओर से लगाए गए मजदूर तोड़े गए मलबे से सरिया एकत्र कर रहे थे। बगीचे में पुलिस चौकी में अर्द्धसैनिक बल और पुलिस के जवान तैनात दिखे। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top