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भाजपा NGO प्रकोष्ठ द्वारा NGO’S समन्वय एवं विकास सम्मेलन का भव्य आयोजन।
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जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ कार्यक्रम के दूसरे चरण में 1.34 लाख लोगों की भागीदारी।
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एमडीडीए की नई पहचान जनता करेगी तय, मैस्कॉट डिज़ाइन पर ₹50 हजार का इनाम।
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दायित्वधारी सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु, जनसमस्याओं के समाधान में निभाएं सक्रिय भूमिका, मुख्यमंत्री धामी।
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फिटनेस का मूल मंत्र है खेल के प्रति जागरूकता, रेखा आर्या।
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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल एवं विधायक किशोर उपाध्याय ने की भेंट।
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अगले तीन सप्ताह सिर्फ SIR पर फोकस करें जिलाधिकारी, सीईओ।
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डीएवी (पीजी) कॉलेज में 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और कैबिनेट मंत्री खजान दास ने किया लोकार्पण।
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प्रकृति और आधुनिकता का अनूठा संगम बनेगा राष्ट्रपति उद्यान, डीएम डॉ. आशीष चौहान।
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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग वाली याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग वाली याचिका

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी। यह याचिका कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला चिकित्सक के रेप और हत्या की घटना के बाद दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि ममता बनर्जी को इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

कोर्ट का निर्णय:
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के पास किसी राजनेता से इस्तीफा मांगने का अधिकार नहीं है। पीठ ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा, “हम यहां किसी राजनीतिक व्यक्ति के बारे में आपके विचार सुनने नहीं बैठे हैं। हमारा काम कानूनी मुद्दों का निपटारा करना है, न कि राजनीतिक मंच की तरह कार्य करना।”

चिकित्सकों की सुरक्षा पर ध्यान:
न्यायालय ने बलात्कार और हत्या की घटना की गंभीरता को स्वीकार किया, लेकिन जोर दिया कि उनका ध्यान इस समय चिकित्सकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर है। न्यायालय ने ममता बनर्जी से इस्तीफा मांगने के प्रयास को खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।

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