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धामी सरकार की झीलों को नई पहचान देने की तैयारी।
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जनपद में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार, घबराने की आवश्यकता नहीं-जिला पूर्ति अधिकारी।
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उच्च शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं है, बल्कि विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की आधारशिला, मुख्यमंत्री धामी।
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विकसित भारत 2047 सरकार का सपना ही नहीं बल्कि, 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है, नितिन नबीन।
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पूरे क्षेत्र की तस्वीर तकदीर बदललेगी सतपुली झील, महाराज।
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संघर्ष और समर्पण के सीख देता है खेल, रेखा आर्या।
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टपकेश्वर महादेव मंदिर में, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ की पूजा अर्चना, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।
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गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, प्रजेंटेशन में ही न ही बल्कि धरातल पर दिखें सकरात्मक परिणाम, डीएम।
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पार्टी विचार बढ़ाने के लिए सांसद और विधायक निभाए अहम योगदान, नवीन।
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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग वाली याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग वाली याचिका

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी। यह याचिका कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला चिकित्सक के रेप और हत्या की घटना के बाद दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि ममता बनर्जी को इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

कोर्ट का निर्णय:
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के पास किसी राजनेता से इस्तीफा मांगने का अधिकार नहीं है। पीठ ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा, “हम यहां किसी राजनीतिक व्यक्ति के बारे में आपके विचार सुनने नहीं बैठे हैं। हमारा काम कानूनी मुद्दों का निपटारा करना है, न कि राजनीतिक मंच की तरह कार्य करना।”

चिकित्सकों की सुरक्षा पर ध्यान:
न्यायालय ने बलात्कार और हत्या की घटना की गंभीरता को स्वीकार किया, लेकिन जोर दिया कि उनका ध्यान इस समय चिकित्सकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर है। न्यायालय ने ममता बनर्जी से इस्तीफा मांगने के प्रयास को खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।

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