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क्वानू–मीनस मोटर मार्ग दुर्घटना में, घायल यात्रियों का हाल पूछने दून अस्पताल पहुँचे, मुख्यमंत्री धामी।
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मुख्यमंत्री धामी ने पंचमुखी बजरंग बली के सामने झुकाया सिर, किया बजरंग बली का उद्घोष।
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धामी सरकार ने उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का किया गठन।
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धामी सरकार के नाम एक और कीर्तिमान, उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या ने बनाया नया रिकॉर्ड।
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कोडीन युक्त कफ़ सिरप बिक्री पर, औषधि विभाग की सख्त कार्यवाही।
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने, विधवा शांति राणा की 8वीं में पढ रही बेटी की, कक्षा 12 तक की एकमुश्त 1.62 लाख फीस कराई स्कूल प्रबन्धन के खाते में जमा।  
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शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी के 2364 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, आउटसोर्स के माध्यम से प्रत्येक विद्यालयों में होंगे तैनात।   
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केंद्रीय बजट, महिला सशक्तिकरण, युवा नेतृत्व और नवाचार को नई दिशा देने वाला दस्तावेज, रुचि भट्ट। 
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जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर, पिटकुल को किया बैन XEN, ठेकेदार पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज।
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क्या आपको भी है हर टाइम नाखून खाने की आदत, जानें इसके पीछे की वजह

क्या आपको भी है हर टाइम नाखून खाने की आदत, जानें इसके पीछे की वजह

नाखून खाने की आदत को नेल बाइटिंग भी कहा जाता है. वहीं काफी बड़ी संख्या में लोग इस आदत का शिकार हो जाते हैं और फिर लाख कोशिशों के बाद भी इस आदत से छुटकारा नहीं मिल पाता है। यह आदत बच्चों और किशोरावस्था में काफी ज्यादा देखने को मिलती है। वहीं एक्सपर्ट के मुताबिक नेल बाइटिंग हमारी सेहत के लिए काफी ज्यादा हानिकारक है। वहीं अक्सर देखा गया है कि लोग नाखून स्ट्रेस और एंग्जायटी की वजह से चबाते है. आइए आपको इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताते है।

इस वजह से चबाते है नाखून
काफी लोगों में ये दिक्कत एग्जाम, स्ट्रेस, एंग्जायटी, वर्कलोड जैसी दिक्कतों की वजह से नाखून चबाने लग जाते है.  इसके अलावा काफी लोग बोरियत की वजह से भी नेल बाइटिंग करने लगते हैं. वहीं कुछ लोगों की नेल बाइटिंग आदत बन जाती है. जब यह आदत बन जाती है, तो व्यक्ति बिना सोचे समझे या बिना किसी विशेष कारण के नाखून चबाने लगते हैं।

इस कारण होती है ये दिक्कत
वहीं एक्सपर्ट के मुताबिक  किशोरावस्था के दौरान हॉर्मोनल चेंजेस और शारीरिक बदलाव भी नेल बाइटिंग की आदत को बढ़ावा दे सकते हैं. इस दौरान मानसिक और भावनात्मक उतार-चढ़ाव सामान्य होते हैं, जो इस आदत को प्रभावित कर सकते हैं. कुछ रिसर्च की मानें तो नेल बाइटिंग एक जेनेटिक आदत हो सकती है. अगर परिवार के किसी सदस्य में यह आदत है, तो यह बाकी लोगों को भी हो सकती है।

क्या होता है इससे नुकसान
एक्सपर्ट के अनुसार नाखून चबाने से होथों और मुंह में इंफेक्शन का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है. वहीं लगातार नाखून चबाने से नाखूनों की क्वालिटी भी खराब हो जाती है और इससे आसपास की स्किन में भी काफी बीमारियां फैल जाती है. वहीं नाखून चबाने का इस पर काफी असर पड़ता है और कई तरह की परेशानियां पैदा हो सकती हैं।

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