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गणेश गोदियाल का नगर निगम पर तीखा हमला, कहा सत्ता पक्ष के लिए अलग नियम, विपक्ष के लिए अलग।
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सीएम, प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में, भाजपा परिवार ने किया अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का भव्य अभिनंदन।
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एसजीआरआर एजुकेशन मिशन की, मेगा शिक्षक चयन प्रक्रिया में दिखा युवाओं का उत्साह।
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मुख्यमंत्री धामी की पहल से पेंशनरों के लिए, जीवन प्रमाण का सत्यापन करना हुआ आसान।
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एनआईटी श्रीनगर के निर्माण कार्यों में लायें तेजी, डाॅ. धन सिंह रावत।
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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने, मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा की।
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सृष्टि की सृजनकर्ता है नारी, रेखा आर्या।
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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने, ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का किया विमोचन।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, गजा घण्टाकर्ण महोत्सव का किया भव्य शुभारम्भ।
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UCC विधेयक पर लगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मुहर, नियमावली बनते ही उत्तराखंड में होगा लागू

UCC विधेयक पर लगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मुहर, नियमावली बनते ही उत्तराखंड में होगा लागू

नई दिल्ली। पिछले महीने उत्तराखंड विधानसभा में पारित विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से मंजूरी दिए जाने के बाद उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) कानून बन गया है। यह कानून उत्तराखंड में विवाह, तलाक, संपत्ति की विरासत के लिए एक सामान्य कानून प्रस्तुत करता है।

राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ ही उत्तराखंड आजादी के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बन गया। यह कानून राज्य के अंदर या बाहर रहने वाले निवासियों के लिए लिव-इन रिलेशनशिप के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाता है। लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा हुए बच्चे वैध माने जाएंगे। इसके अलावा, अपने लिव-इन पार्टनर की तरफ से छोड़ी गई महिलाएं भरण-पोषण की हकदार होंगी।

यह कानून मुसलमानों के एक वर्ग में प्रचलित बहुविवाह और ‘हलाला’ पर भी प्रतिबंध लगाता है। हालांकि, यह कानून आदिवासियों पर उनकी परंपराओं, प्रथाओं और अनुष्ठानों के संरक्षण के लिए लागू नहीं होगा।

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