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मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं, निर्माण कार्यों के लिए ₹ 5 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
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पुष्पवर्षा, चरण प्रक्षालन के साथ ही, सीएम धामी ने अपने हाथों से भोजन परोसकर किया कांवड़ियों का स्वागत। 
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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने मसूरी विधानसभा में, विभिन्न विकास योजनाओं का किया लोकार्पण शिलान्यास। 
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श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में दिया संदेश, अंगदान: मृत्यु के बाद भी जीवन का उपहार।
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विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा को लेकर, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी ने, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक।
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मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का हो तय समय पर सत्यापन, सीईओ।
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मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं, निर्माण कार्यों के लिए ₹ 150 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
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उत्तराखण्ड : आध्यात्मिक राजधानी की दिशा में बढ़े कदम, चारधाम के साथ ही अन्य मंदिरों में भी भक्तों की संख्या बढ़ी।
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समाधान दिवस में डीएम ने 109 फरियादियों की सुनी समस्याएं, अधिकांश मामलों का मौके पर किया निस्तारण।
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उत्‍तराखंड के तीन एनसीसी कैडेट्स ने, माउंट एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा।

उत्‍तराखंड के तीन एनसीसी कैडेट्स ने, माउंट एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा।

देहरादून :- साहस, दृढता और अनगिनत चुनौतियों को पार करने की अदभुत मिसाल पेश करते हुए उत्तराखण्ड के तीन युवा राश्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट्स ने माउंट एवरेस्ट, दुनिया की सबसे ऊॅंची चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। यह एतिहासिक उपलब्धि 18 मई 2025 को प्राप्त हुई जो यह सिद्ध करती है कि जब सपनों में विश्वास और कठिन परिश्रम होता है तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

इन साहसी युवा पर्वतारोहियों – कैडेट वीरेन्द्र सामन्त, 29 उत्तराखण्ड वाहिनी राष्ट्रीय कैडेट कोर, देहरादून, कैडेट मुकुल बंगवाल, 4 उत्तराखण्ड वाहिनी राष्ट्रीय कैडेट कोर, पौडी, कैडेट सचिन कुमार, 3 उत्तराखण्ड वाहिनी राष्ट्रीय कैडेट कोर, उत्तरकाशी ने दुनिया की सबसे ऊॅंची पर्वत चोटी को चढकर ना केवल अपने व्यक्तिगत साहस को परखा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि भारत के युवा अगर ठान लें तो कोई भी चुनौती उनके रास्ते में नहीं आ सकती।

कैडेट वीरेन्द्र सामन्त ने कहा, “यह हमारी जीत नहीं है, यह हर उस युवा की जीत है जो सपने देखता है। हमने कडी चुनौतियों का सामना किया लेकिन हर कदम में हमारे अंदर विश्वास था- अपने आप पर, अपनी टीम पर और इस सपने को पूरा करने पर। यह अभियान एन0सी0सी0 के द्वारा आयोजित किया गया था जिसका उद्दश्य भारतीय युवाओं को साहसिक खेलों, नेतृत्व और आत्मनिर्भता के प्रति प्रेरित करना है। इस कठिन यात्रा में इन कैडेट्स ने न केवल भयंकर मौसम का सामना किया, बल्कि मानसिक और शारीरिक थकावट को भी पार किया। फिर भी उनके अथक प्रयासों और टीमवर्क ने उन्हैं सफलता की ऊॅंचाइयों तक पहुॅंचाया।

एन0सी00सी0 में हम हमेशा कहते हैं कि नेतृत्व कठिन समय में ही पैदा होता है। इन युवा पर्वतारोहियों ने इस सिद्धांत को अपने कार्य से साबित किया है। उत्तराखण्ड एन0सी0सी0 के अपर महानिदेशक, मेजर जनरल रोहन आनन्द, सेना मेडल ने कहा “जो उन्होंने किया है वह एक पीढी को प्रेरित करेगा, ताकि वे अपने डर को पार कर सकें और असाधारण उपलब्धियॉं हासिल कर सकें।“

यह उपलब्धि केवल इन कैडेट्स की नहीं बल्कि पूरे देश की है। उनका साहस और समर्पण भारत के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा का श्रोत बनेगा। उनकी सफलता एन0सी0सी के मूल्यों-अनुशासन, टीमवर्क और उतकृश्टता की ओर निरंतर प्रयास का प्रतीक है।

इस यात्रा में उन्हें अनुभवी पर्वतारोहियों, प्रशिक्षकों और एन0सी0सी0 के मार्गदर्शकों का पूरा सहयोग प्राप्त था। इसके अलावा, उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड, भारतीय सेना की पर्वतारोहण टीम और स्थानीय संगठनों ने इस अभियान की सफलता में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। मेजर जनरल रोहन आनन्द, सेना मेडल, अपर महानिदेशक ने कहा, ‘यह सफलता सिर्फ इन कैडेटस की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की है। उनकी यात्रा हमारे युवा शक्ति, एकता की ताकत और असंभव को संभव बनाने की अदम्य इच्छा का प्रतीक है।

अब जब ये कैडेट्स उत्तराखण्ड लौटेंग तो उनका एक सच्चे नायक के रूप में स्वागत किया जाएगा। उनका यह साहसिक सफर आने वाली पीढियों के लिए एक प्रेरणा बनेगा और यह सिद्ध करेगा कि जब आप ठान लें, तो कोई भी सपना बहुत बड़ा नहीं होता।

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