Breaking News
फ्लड का अलर्ट किया जारी, आठ जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड पर।
फ्लड का अलर्ट किया जारी, आठ जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड पर।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर, चाय की ब्रांडिंग और किसानों के लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने के दिए निर्देश।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर, चाय की ब्रांडिंग और किसानों के लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने के दिए निर्देश।
भगवानपुर से समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ, संत रविदास के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान, सीएम धामी।
भगवानपुर से समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ, संत रविदास के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान, सीएम धामी।
देहरादून में मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज, 5.47 लाख मतदाताओं को नोटिस, डीएम डॉ..आशीष चौहान।
देहरादून में मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज, 5.47 लाख मतदाताओं को नोटिस, डीएम डॉ..आशीष चौहान।
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं, निर्माण कार्यों के लिए ₹ 676 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं, निर्माण कार्यों के लिए ₹ 676 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
SIR के दूसरे चरण में जारी नोटिसों की सुनावाई शुरु, मतदाताओं के नजदीकी बूथ स्तर पर लगाएं जाएंगे कैंप। 
SIR के दूसरे चरण में जारी नोटिसों की सुनावाई शुरु, मतदाताओं के नजदीकी बूथ स्तर पर लगाएं जाएंगे कैंप। 
आजादी के जश्न में रंगेगा देहरादून, परेड ग्राउंड में गूंजेगा राष्ट्रगान, डीएम डॉ. आशीष चौहान।
आजादी के जश्न में रंगेगा देहरादून, परेड ग्राउंड में गूंजेगा राष्ट्रगान, डीएम डॉ. आशीष चौहान।
मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन-1905 पर, जन शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए सख्त निर्देश।
मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन-1905 पर, जन शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए सख्त निर्देश।
राज्य में शत-प्रतिशत लागू होंगे एनईपी-2020 के प्रावधान, डाॅ. धन सिंह रावत।
राज्य में शत-प्रतिशत लागू होंगे एनईपी-2020 के प्रावधान, डाॅ. धन सिंह रावत।

उत्तराखंड में पंचायत चुनाव का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने हटाई रोक – राज्य निर्वाचन आयोग जल्द जारी करेगा नई तारीखें।

उत्तराखंड में पंचायत चुनाव का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने हटाई रोक – राज्य निर्वाचन आयोग जल्द जारी करेगा नई तारीखें।

देहरादून/नैनीताल :-  उत्तराखंड में लंबे समय से अटके त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है।लगभग एक सप्ताह की कशमकश के बाद उत्तराखण्ड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। नौकरशाही की लापरवाही से संकट में फंसी धामी सरकार को आज हाईकोर्ट ने बहुत भारी राहत दे दी है।

शुक्रवार को नैनीताल हाईकोर्ट में सरकार की ओर से पेश किये गए आरक्षण रोस्टर समेत अन्य दस्तावेजों पर चली सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस जी. नरेंद्र व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति दे दी।

गौरतलब है कि 21 जून को पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद 23 जून को हाईकोर्ट ने रोक लगाते हुए सरकार से आरक्षण समेत कई बिंदुओं पर जवाब तलब कर तगड़ा झटका दे दिया था। बहरहाल, उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आज उत्तराखंड उच्च न्यायालय में अहम सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने राज्य सरकार को अंतरिम राहत देते हुए पंचायत चुनाव संपन्न कराने की अनुमति प्रदान की है।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ताओं ने कोर्ट को अवगत कराया कि पंचायत चुनाव की पूरी तैयारी की जा चुकी है और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है। वहीं, याचिकाकर्ताओं ने कुछ तकनीकी एवं संवैधानिक मुद्दों को उठाया।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने फिलहाल चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। हाईकोर्ट के इस फैसले से सरकार को जहां बड़ी राहत मिली है, वहीं राज्य निर्वाचन आयोग को अब चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। यह फैसला राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती व्यवस्था को समयबद्ध रूप से लागू करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उच्च न्यायालय ने पंचायत चुनावों पर स्थगन आदेश किया था

23 जून 2025 को हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जी. नरेंद्र व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाई, क्योंकि सरकार ने आरक्षण की नई रोटेशन प्रणाली के लिए चाहिए गज़ट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया था।अदालत ने सरकार से जवाब तलब किया, और कहा कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है तब कैसे चुनाव की तिथियाँ घोषित की गईं?

आरक्षण को लेकर विवाद – रोटेशन सिस्टम बदलने का मुद्दा

याचिकाकर्ता गणेश दत्त कांडपाल ने तर्क दिया कि पुरानी रोटेशन नीति तीन कार्यकालों के बाद सीटें बदलती थी, लेकिन सरकार ने इसे रद्द करके कुछ सीटों को चौथे कार्यकाल के लिए भी आरक्षित कर दिया—यह ‘रोटेशन के मूल सिद्धांत’ के खिलाफ है।

सरकार ने गज़ट नोटिफिकेशन हाई कोर्ट में पेश किया

राज्य सरकार द्वारा कहा गया कि गज़ट नोटिफिकेशन 14 जून 2025 को हुआ था, लेकिन “कम्युनिकेशन गैप” के कारण अदालत को समय पर सूचना नहीं मिली। गज़ट की प्रतिलिपि अदालत को सौंपी गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top