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श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में गोल्डन कार्ड पर मिल रहीं अनुमन्य चिकित्सा सुविधाएं।
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मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए, ₹22.15 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृति का किया अनुमोदन।
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मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन मंत्री से की भेंट, हल्द्वानी में उच्च न्यायालय के स्थायी परिसर निर्माण के प्रस्ताव पर की चर्चा।
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त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, मिठाई की दुकानों पर छापेमारी तेज।
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गृह मंत्री अमित शाह 6 नवंबर को उत्तराखंड स्थापना दिवस समारोह के मुख्य होंगे अतिथि, मुख्य सचिव ने लिया तैयारियों का जायजा।
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कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत बने, भारत स्काउट गाइड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष।
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गृहमंत्री अमित शाह का आगामी 6 नवंबर को देहरादून प्रस्तावित दौरे को लेकर, बीजेपी ने संगठनात्मक तैयारियां की तेज।
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कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सेब की अति सघन बागवानी का, प्रशिक्षण लेने 28 किसानों के दल को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।
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मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के माध्यम से, राज्य सरकार कर रही जरूरतमंद व प्रभावित बच्चों को आर्थिक संबल प्रदान, मंत्री रेखा आर्या।
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एआई को सदैव मानवता की सेवा में प्रयोग करना होगा, लोकसभा अध्यक्ष।

एआई को सदैव मानवता की सेवा में प्रयोग करना होगा, लोकसभा अध्यक्ष।

लोकसभा अध्यक्ष ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में “फेथ एंड फ्यूचर : इंटेग्रटिंग एआई विद स्पिरिचुअलिटी” विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का किया उद्घाटन।

भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा को विश्व तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है एआई, लोकसभा अध्यक्ष।

प्रौद्योगिकी का सच्चा उद्देश्य मानव जीवन को समृद्ध और उन्नत बनाना है, लोकसभा अध्यक्ष।

देहरादून/हरिद्वार :- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को सदैव मानवता की सेवा करनी चाहिए और इसे मनुष्य पर नियंत्रण का साधन नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई को आध्यात्मिक ज्ञान और नैतिक जिम्मेदारी से जोड़ा जाना आवश्यक है, तभी यह समाज के लिए कल्याणकारी शक्ति बन सकता है।

ओम बिरला ने यह उद्गार हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में “फेथ एंड फ्यूचर : इंटेग्रटिंग एआई विद स्पिरिचुअलिटी” अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए। यह सम्मेलन फ्यूचर ऑफ लाइफ इंस्टीट्यूट (अमेरिका) के सहयोग से आयोजित किया गया है।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि प्रौद्योगिकी का वास्तविक उद्देश्य मानव जीवन को समृद्ध और उन्नत करना है, उसे प्रतिस्थापित करना नहीं। उन्होंने कहा कि यद्यपि एआई अनेक चुनौतियाँ प्रस्तुत करता है, किन्तु इसमें नवाचारपूर्ण समाधानों के बीज भी निहित हैं। भारत की नैतिकता और सत्य की मूलभूत शक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को विश्व स्तर पर साझा किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि एआई भारत की प्राचीन ज्ञान और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने का सशक्त माध्यम बन सकता है।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि एआई जैसी शक्तिशाली तकनीक को विवेक और धैर्य के साथ संतुलित किया जाना चाहिए ताकि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि करुणा, सहानुभूति और मानवीय मूल्यों के आधार पर ही एआई और आध्यात्मिकता का संगम सही दिशा में आगे बढ़ेगा और एक न्यायसंगत एवं समानतामूलक भविष्य की नींव रखेगा। श्री बिरला ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और लोककल्याण जैसे क्षेत्रों में एआई की परिवर्तनकारी क्षमता का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे करोड़ों लोगों के जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है।

भारत के प्राचीन आदर्श “वसुधैव कुटुम्बकम्” (सम्पूर्ण विश्व एक परिवार है) और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” (सभी सुखी हों) का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि एआई का विकास समावेशी और समानतामूलक होना चाहिए, ताकि इसके लाभ सम्पूर्ण मानवता तक पहुँच सकें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह सम्मेलन आध्यात्मिकता और आधुनिक प्रौद्योगिकी के बीच सार्थक वैश्विक संवाद की शुरुआत करेगा और मानवता को अधिक करुणामय एवं नैतिक भविष्य की ओर अग्रसर करेगा।

इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।

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