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पीडीएनए की प्रक्रिया बुधवार से होगी प्रारंभ, विनोद कुमार सुमन।

पीडीएनए की प्रक्रिया बुधवार से होगी प्रारंभ, विनोद कुमार सुमन।

मुख्यमंत्री द्वारा जल्द प्रक्रिया संपन्न करने के दिए गए हैं निर्देश।

पीडीएनए के बाद भारत सरकार को भेजा जाएगा विस्तृत प्रस्ताव।

देहरादून :- माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में मानसून सीजन 2025 में राज्य को हुए नुकसान की प्रतिपूर्ति के लिए भारत सरकार से स्पेशल पैकेज प्राप्त किए जाने को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा कवायद तेज कर दी गई है। बुधवार से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की ओर से मानसून सीजन 2025 में राज्य को हुई क्षति के वास्तविक आकलन के लिए *पीडीएनए (पोस्ट डिजास्टर नीड्स एसेसमेंट)* की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।

शनिवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में जिलाधिकारियों तथा विभिन्न विभागाध्यक्षों के साथ पीडीएनए तथा एसडीआरएफ मद में आच्छादित तथा अनाच्छादित क्षति का विवरण उपलब्ध कराने के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में एसडीआरएफ के लेटेस्ट मानकों के बारे में अवगत कराया गया तथा सूचनाएं प्रेषित करने के लिए प्रारूप की भी जानकारी दी गई।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जल्द से जल्द पीडीएनए की प्रक्रिया कराते हुए भारत सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। माननीय मुख्यमंत्री स्वयं भी नियमित तौर पर अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी विभागों को यह बताना अनिवार्य है क्षतिग्रस्त योजना के लिए एसडीआरएफ मद में कितनी धनाराशि की प्रतिपूर्ति की जा सकती है और कितनी नहीं। जिस धनराशि की प्रतिपूर्ति एसडीआरएफ मद में नहीं की जा सकेगी, उसके लिए भारत सरकार से स्पेशल पैकेज के तहत अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य को इस मानसून सीजन में भारी नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई अकेले एसडीआरएफ मद से किया जाना संभव नहीं है, इसके लिए भारत सरकार से स्पेशल पैकेज की दरकार है।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोला जाए। इसमें किसी भी प्रकार का विलम्ब न हो। उन्होंने सड़कों के पैचवर्क का कार्य भी बारिश बंद होने के तत्काल बाद प्रारंभ करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। साथ ही बिजली तथा पानी की क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत भी शीघ्र करने को कहा है। माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार सुबह सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिए कि जनपदों तथा विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए। स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की दैनिक जरूरतों की आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी विभागों की आपदा के दौरान किए गए कार्यों को लेकर सराहना की। इस अवसर पर अपर सचिव/अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक अभिषेक कुमार आनंद, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, ज्योतिर्मय त्रिपाठी, विभिन्न विभागों के अधिकारीगण आदि मौजूद रहे।

*मुख्य सचिव के निर्देश-अगले हफ्ते से फील्ड विजिट करेंगे एचओडी*

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा निर्देश दिए हैं कि आपदाओं से हुए नुकसान का आकलन तथा पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करने के लिए सभी विभागाध्यक्ष अगले सप्ताह से फील्ड विजिट करेंगे। पहले हफ्ते विभागाध्यक्ष स्वयं जाएंगे और दो दिन जनपद में ही रुकेंगे। दूसरे हफ्ते एचओडी के बाद द्वितीय वरिष्ठ अधिकारी तथा तीसरे हफ्ते तृतीय वरिष्ठ अधिकारी फील्ड विजिट करेंगे। सभी विभागाध्यक्ष जनपदों में जिलाधिकारियों से भी मुलाकात कर विभागीय कार्यों को गति देने के लिए समन्वय स्थापित करेंगे। जिन कार्यों में समस्याएं आ रही हैं, जिलाधिकारी से वार्ता कर उनका तत्काल ही निराकरण करेंगे। जिलाधिकारी द्वारा भी विभागीय स्तर पर आ रही समस्याओं को एचओडी को अवगत कराया जाएगा तथा समाधान करते हुए कार्यों को गति दी जाएगी।

*जनपदों में जिलाधिकारी लीड करेंगे पीडीएनए टीम को* 

आपदाओं के बाद आवश्यकताओं के आकलन के लिए बुधवार से पीडीएनए की प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि बुधवार से पीडीएनए के लिए भारत सरकार की टीम उत्तराखण्ड पहुंच रही है। पीडीएनए के लिए चार टीमें बनाई गई हैं, जो सभी जनपदों में जाकर क्षति का वास्तविक आकलन करेंगी। जनपद स्तर पर टीम को जिलाधिकारी लीड करेंगे। एचओडी नोडल अधिकारी के रूप में योगदान करेंगे। इस टीम में जनपद स्तर पर कुछ अधिकारियों को जिलाधिकारी तथा कुछ को एचओडी द्वारा नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्कीम का पीडीएनए किया जाएगा और उसके अनुरूप ही प्रस्ताव भारत सरकार को दिया जाएगा। टीम में सभी विभागों के लोगों को शामिल किया गया है।

*आपदा से प्रभावित हुए लोगों की आजीविका का रखा जाएगा ध्यान*

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि आपदा के कारण सिर्फ परिसंपत्तियों को ही नहीं बल्कि लोगों की आजीविका को भी व्यापक नुकसान हुआ है। माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि लोगों की आजीविका को दोबारा से पटरी पर लाने तथा पुनः बहाल करने के लिए हर संभव मदद सरकार की तरफ से दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आपदा के कारण तीर्थाटन व पर्यटन से जुड़े लोगों के रोजगार व आजीविका को गहरा आघात लगा है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालक, ड्राईवर, क्लीनर, टैक्सी संचालक, तीर्थ पुरोहित, किसान, फल-फूल विक्रेता, टूरिस्ट गाइड आदि अनेक व्यवसायों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष व्यापक नुकसान हुआ है। सभी जनपदों को निर्देश दिए गए हैं कि इसका भी आकलन कर पीडीएनए में शामिल किया जाए।

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