21 नवंबर को चंबा में आयोजित होगा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 4.0।
निदेशक सुश्री दिव्या ए.बी. 21 नवंबर, 2025 को टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड में डीएलसी अभियान के तहत तीन कैंपों का दौरा करेंगी।
देहरादून :- पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग(DoPPW), कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय 1 से 30 नवंबर, 2025 तक राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) अभियान 4.0 का आयोजन कर रहा है। यह अभियान सरकार के दृष्टिकोण के तहत पेंशनभोगियों के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए एक प्रमुख पहल है, जो डिजिटल इंडिया और जीवन को आसान बनाने के मिशनों के साथ संरेखित है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन प्रक्रिया को आसान बनाने के तहत राष्ट्र-व्यापी डीएलसी अभियान के हिस्से के तौर पर, निदेशक सुश्री दिव्या ए.बी. 21 नवंबर, 2025 को टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड में डीएलसी अभियान के तहत तीन कैंपों का दौरा करेंगी और व्यवस्था देखेंगी और फेस ऑथेंटिकेशन और डोरस्टेप सर्विस के माध्यम से डीएलसी सेवाओं का फ़ायदा उठाने वाले पेंशनभोगियों से बातचीत करेंगी। शिविरों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए चंबा में स्थित मुख्य स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (डीओपी), यूआईडीएआई, एनआईसी और स्थानीय पेंशनभागी कल्याण संघों के बीच समन्वय की समीक्षा करेंगी।
यह अभियान बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, यूआईडीएआई, एमईआईटीवाई, एनआईसी, सीजीडीए, रेलवे और पेंशनभोगी कल्याण संघ समेत सभी प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाएगा ताकि पेंशनभोगियों को डिजिटल रूप से शामिल करने के लिए मिलकर काम किया जा सके। एनआईसी डीएलसी पोर्टल अलग-अलग संस्थाओं द्वारा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करता है। पेंशन विभाग निरंतर सुधारों और डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान जैसी प्रौद्योगिकी-संचालित पहलों के माध्यम से पेंशनभोगियों के जीवन को सुविधापूर्ण बनाने और डिजिटल सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
डीएलसी अभियान 4.0 का उद्देश्य संतृप्ति-आधारित आउटरीच दृष्टिकोण के ज़रिए 2,000 से ज़्यादा शहरों और कस्बों में दो करोड़ पेंशनभोगियों तक पहुंचना है। यह अभियान आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के उपयोग पर ज़ोर देता है, जिससे पेंशनभागी बिना बायोमेट्रिक उपकरणों के आसानी से अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकें। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की डोरस्टेप डीएलसी सेवा के माध्यम से अति-वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनभोगियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम (24 नवंबर, 2024) और संविधान दिवस (26 नवंबर, 2024) के संबोधन में भी इस बात पर बल दिया कि कैसे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जैसे डिजिटल भारत की नई पहलों ने देशभर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है।
