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भाजपा NGO प्रकोष्ठ द्वारा NGO’S समन्वय एवं विकास सम्मेलन का भव्य आयोजन।
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जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ कार्यक्रम के दूसरे चरण में 1.34 लाख लोगों की भागीदारी।
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एमडीडीए की नई पहचान जनता करेगी तय, मैस्कॉट डिज़ाइन पर ₹50 हजार का इनाम।
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दायित्वधारी सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु, जनसमस्याओं के समाधान में निभाएं सक्रिय भूमिका, मुख्यमंत्री धामी।
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फिटनेस का मूल मंत्र है खेल के प्रति जागरूकता, रेखा आर्या।
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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल एवं विधायक किशोर उपाध्याय ने की भेंट।
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अगले तीन सप्ताह सिर्फ SIR पर फोकस करें जिलाधिकारी, सीईओ।
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डीएवी (पीजी) कॉलेज में 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और कैबिनेट मंत्री खजान दास ने किया लोकार्पण।
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प्रकृति और आधुनिकता का अनूठा संगम बनेगा राष्ट्रपति उद्यान, डीएम डॉ. आशीष चौहान।
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श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में, अन्तरर्राष्ट्रीय फेकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम में, विशेषज्ञों ने सांझा किए अनुभव।

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में, अन्तरर्राष्ट्रीय फेकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम में, विशेषज्ञों ने सांझा किए अनुभव।

शोध क्षमताओं का विकास: गुणात्मक और मात्रात्मक परिप्रेक्ष्य‘ विषय पर एक सप्ताह का अंतर्राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम।

देहरादून :- श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स स्टडीज एवम् आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वाधान में अंतरर्राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। 15 जनवरी 2026 से 20 जनवरी 2026 तक आयोजित कार्यक्रम में अनुसंधान दक्षताओं का विकास गुणात्मक और मात्रात्मक परिप्रेक्ष्य विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम (आईएफडीपी) में विषय विशेषज्ञ अपने अनुभव सांझा करेंगे। अन्तरर्राष्ट्रीय फेकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का उद्देश्य संरचित तकनीकी सत्रों, विशेषज्ञ संवादों और व्यावहारिक अंतर्दृष्टियों के माध्यम से संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं की अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाना है।

आईएफडीपी के पहले दिन का शुभारंभ गणमान्य व्यक्तियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद कार्यक्रम संयोजक प्रो. (डॉ.) सोनिया गंभीर, डीन, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स स्टडीज और निदेशक आईक्यूएसी, एसजीआरआरयू ने स्वागत अभिभाषण दिया। उन्होंने गणमान्य व्यक्तियों, संसाधन व्यक्तियों और प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया और एफडीपी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। संरक्षक एवं विशिष्ट अतिथि, माननीय कुलपति, एसजीआरआरयू प्रो. (डॉ.) के. प्रथापन, मुख्य अतिथि डॉ. अंशुल गर्ग, कार्यक्रम निदेशक, टेलर्स यूनिवर्सिटी, मलेशिया और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन समारोह संपन्न हुआ, जो ज्ञान और अकादमिक उत्कृष्टता की खोज का प्रतीक है।

विशिष्ट अतिथि ने अपने संबोधन में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा देने और अकादमिक नवाचार के एक पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने के लिए संस्थान के दृष्टिकोण पर बल दिया और अनुसंधान संस्कृति, वैश्विक प्रकाशन मानकों और अंतः विषय सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर भी बल दिया। इसके बाद मुख्य अतिथि के उद्घाटन भाषण ने अकादमिक प्रकाशन, अनुसंधान नैतिकता और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान के प्रभाव को बढ़ाने के विषय में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की। उद्घाटन सत्र का समापन डाॅ. दीप्ती प्रकाश द्वारा सभी गणमान्य व्यक्तियों, वक्ताओं, आयोजकों और प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। इसके उपरांत तकनीकी सत्र प्रारंभ हुआ। तकनीकी सत्र के संसाधन व्यक्ति, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर (डॉ.) पंकज मदान का औपचारिक परिचय कराया गया।

इस सत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान लेखन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया। सत्र में कृत्रिम बुद्वि (आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स) उपकरणों के उपयोग, शोध पत्र की संरचना, अनुसंधान अंतराल की पहचान, पत्रिका चयन, प्रभाव मापदंड, सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया और नैतिक प्रकाशन प्रथाओं को शामिल किया गया। प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से चर्चा में भाग लिया और धोखाधड़ी करने वाले पत्रिकाओं से बचने और पांडुलिपि की गुणवत्ता में सुधार करने के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।

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