Breaking News
डीएम सविन बंसल की क्यूआरटी सक्रिय, तहसील सदर व विकासनगर में 32 सिलेंडर जब्त।
डीएम सविन बंसल की क्यूआरटी सक्रिय, तहसील सदर व विकासनगर में 32 सिलेंडर जब्त।
उत्तराखण्ड लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड ने कहा, डेटा एंट्री ऑपरेटर के 253 पदों को लेकर प्रसारित की भ्रामक जानकारी।
उत्तराखण्ड लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड ने कहा, डेटा एंट्री ऑपरेटर के 253 पदों को लेकर प्रसारित की भ्रामक जानकारी।
खटीमा के थारू होली महामहोत्सव को, मुख्यमंत्री धामी ने वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित।
खटीमा के थारू होली महामहोत्सव को, मुख्यमंत्री धामी ने वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने दी प्रदेशवासियों को, नव संवत्सर तथा चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने दी प्रदेशवासियों को, नव संवत्सर तथा चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं।
डीएम सविन बंसल ने कहा, राज्य सरकार के 4 साल पूरे होने पर देहरादून में होगा मेगा इवेंट, तैयारियों में जुटा प्रशासन।
डीएम सविन बंसल ने कहा, राज्य सरकार के 4 साल पूरे होने पर देहरादून में होगा मेगा इवेंट, तैयारियों में जुटा प्रशासन।
मंत्री रेखा आर्या ने किया, 110 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण।
मंत्री रेखा आर्या ने किया, 110 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण।
दिवारीखौल जोखणी मोटर मार्ग की वित्तीय स्वीकृति के लिये, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार।
दिवारीखौल जोखणी मोटर मार्ग की वित्तीय स्वीकृति के लिये, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित हुई, राज्य ब्रॉडबैंड समिति की बैठक।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित हुई, राज्य ब्रॉडबैंड समिति की बैठक।
मुख्यमंत्री धामी ने श्री श्री रविशंकर जी से की शिष्टाचार भेंट, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा। 
मुख्यमंत्री धामी ने श्री श्री रविशंकर जी से की शिष्टाचार भेंट, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा। 

स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने पर मंथन।

स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने पर मंथन।

देहरादून :- मुख्य सचिव आनंद बर्धन तथा राज्य के छठे वित्त आयोग के अध्यक्ष एन रविशंकर एवं आयोग के सदस्यों द्वारा नगर निकायों (नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत) तथा जिला पंचायतों की वित्तीय आत्मनिर्भरता, प्रशासनिक सक्षमता तथा उन्हें अधिक सक्षम बनाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में प्रभावी योगदानकर्ता के रूप में उन्नत किए जाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में स्थानीय निकायों—नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं जिला पंचायत द्वारा वर्तमान में फेस की जा रही चुनौतियों पर विचार करते हुए कहा गया कि वित्तीय आत्मनिर्भरता के अनेक अवसर उपलब्ध होने के बावजूद ये निकाय अपेक्षित स्तर तक आत्मनिर्भर नहीं हो पा रहे हैं। इसके पीछे प्रशासनिक एवं नीतिगत प्रवृत्तियों में आवश्यक बदलाव की जरूरत बताई। सीमित स्थानीय राजस्व स्रोत, पारंपरिक सुस्त कार्यशैली, प्रभावी एवं स्पष्ट बायलॉज का अभाव, प्रभावी भूमि प्रबंधन का अभाव तथा अत्यधिक राजनीतिक सेंट्रिक जैसे कारणों के चलते अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं।

मुख्य सचिव ने राज्य वित्त आयोग से अपेक्षा की कि स्थानीय शहरी निकायों और जिला पंचायतों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने हेतु उनके स्वयं के संसाधनों, संभावनाओं और क्षमताओं में वृद्धि के लिए व्यावहारिक, समयोचित तथा क्रियान्वयन योग्य सुझाव प्रस्तुत किए जाएं। आयोग ने अवगत कराया कि शहरी निकायों के लिए भूमि प्रबंधन, राजस्व सृजन से संबंधित बायलॉज, कार्य संस्कृति में विशेषज्ञता, नवाचारों का अनुकूलन (एडॉप्टेशन) एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक सक्षम इंटरवेंशन की आवश्यकता है। साथ ही यह भी बताया गया कि वर्तमान में जिला योजना का आवंटन एलोकेशन आधारित है, जिसे आवश्यकता एवं परिणाम (नीड एवं आउटकम) आधारित बनाए जाने की जरूरत है।

बैठक में आयोग के सदस्य पी. एस. जंगपांगी व एम. सी. जोशी, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर एवं डॉ. आर. राजेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top