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MDDA बोर्ड बैठक में 25 विकास प्रस्तावों को मिली मंजूरी, देहरादून-मसूरी के नियोजित विकास को मिलेगी रफ्तार।
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सीएम धामी के दिशा-निर्देशों में, पीएम आवास योजना को, 30 सितंबर तक सभी लंबित आवास पूरे करने के दिए निर्देश, डॉ. आर. राजेश कुमार।
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सीएम धामी ने भारी वर्षा को देखते हुए, दिए हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश, कहा सभी एजेंसियां रहें पूरी तरह सतर्क।
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ग्रामीण विकास मंत्री भारत सिंह चौधरी ने, PMGSY के कार्यों की प्रगति एवं वन स्वीकृति की समीक्षा की।
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डॉ. पंकज गर्ग एसोसिएशन ऑफ ब्रेस्ट सर्जन्स ऑफ इंडिया के निदेशक (शिक्षा), उत्तर क्षेत्र निर्वाचित।
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देहरादून में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी के बीच, जिला प्रशासन अलर्ट, डीएम ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश।
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देहरादून में 11 अगस्त को लगेगा रोजगार मेला, 559 पदों पर होगा चयन, प्रतिष्ठित कंपनियां लेंगी साक्षात्कार।
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विश्व संस्कृत दिवस से पूर्व, उत्तराखण्ड ने वैश्विक स्तर पर संस्कृत के प्रसार को दिया नया आयाम।
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सहकारिता में हरियाणा व उत्तराखंड मिलकर करेंगे काम, डाॅ. धन सिंह रावत।
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पीरियड्स से पहले और बाद में क्यों होते हैं फेस पर पिंपल्स? क्या है इसकी वजह

पीरियड्स से पहले और बाद में क्यों होते हैं फेस पर पिंपल्स? क्या है इसकी वजह

पीरियड्स के दौरान हारमोंस चेंज होने लगते हैं. ऐसे में महिलाओं में कई सारे बदलाव देखे जाते हैं। पीरियड्स आने के पहले और बाद में महिलाओं को चिड़चिड़ापन, कमर दर्द, पेट दर्द, घबराहट जैसी दिक्कत होती है. इसके साथ ही बॉडी के अंदर भी कई हार्मोनल बदलाव देखे जाते हैं. पीरियड्स आना एक नेचुरल प्रोसेस है, जो हर महीने आता है. ऐसे में अधिकतर लड़कियों के फेस पर पिंपल्स होने की समस्या देखी गई है. पीरियड शुरू होने के कुछ दिन पहले से ही लड़कियों को चेहरे पर छोटी-छोटी फुंसियां होने लगती है। ऐसा हार्मोनल बदलाव के कारण होता है।

लेकिन इसके और भी कारण हो सकते हैं. पीरियड्स के दौरान शरीर में सूजन बढ़ जाता है. जो स्किन को लाल और चिड़चिड़ी बनता है जिससे पिंपल्स होने की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा एंड्रोजन नाम का हार्मोन बॉडी में बढ़ जाता है, जिससे भी पिंपल्स हो सकते हैं. पीरियड शुरू होने से पहले एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर गिर जाता है इससे स्किन पर लाल फुंसियां होने लगती है। इसके अलावा पीरियड्स के टाइम पर स्ट्रेस बढऩे लगता है, इससे भी फुंसियां हो सकती है।

इन बातों का रखें ध्यान

यही नहीं पीरियड्स आने से महिलाओं की दिनचर्या में भी काफी बदलाव आ जाता है. जिससे वह समय पर ना ठीक से खा पाती है, ना नींद ले पाती है। इसलिए भी पिंपल्स होने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ महिलाएं पीरियड्स के दौरान ऐसा खाना खाती है, जो उन्हें नहीं खाना चाहिए जैसे कि जंक फूड, फास्ट फूड या शराब पीना। इसलिए महिलाओं को पीरियड्स के पहले और थोड़े दिन बाद तक संतुलित आहार ही खाना चाहिए।

पीरियड्स में पेट दर्द एक आम समस्या है. इस दौरान कुछ महिलाएं दर्द की गोलियों का सेवन करती है. इन गोली की वजह से भी पिंपल्स हो सकते हैं। इसके अलावा पीरियड्स में महिलाएं चिड़चिड़ी हो जाती है, जिससे वह समय पर फेस की केयर नहीं कर पाती है। इस वजह से भी उन्हें पिंपल्स हो सकते हैं।

पीरियड्स के दौरान हारमोंस चेंज होने लगते हैं. ऐसे में महिलाओं में कई सारे बदलाव देखे जाते हैं। पीरियड्स आने के पहले और बाद में महिलाओं को चिड़चिड़ापन, कमर दर्द, पेट दर्द, घबराहट जैसी दिक्कत होती है. इसके साथ ही बॉडी के अंदर भी कई हार्मोनल बदलाव देखे जाते हैं. पीरियड्स आना एक नेचुरल प्रोसेस है, जो हर महीने आता है. ऐसे में अधिकतर लड़कियों के फेस पर पिंपल्स होने की समस्या देखी गई है. पीरियड शुरू होने के कुछ दिन पहले से ही लड़कियों को चेहरे पर छोटी-छोटी फुंसियां होने लगती है। ऐसा हार्मोनल बदलाव के कारण होता है।

लेकिन इसके और भी कारण हो सकते हैं. पीरियड्स के दौरान शरीर में सूजन बढ़ जाता है. जो स्किन को लाल और चिड़चिड़ी बनता है जिससे पिंपल्स होने की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा एंड्रोजन नाम का हार्मोन बॉडी में बढ़ जाता है, जिससे भी पिंपल्स हो सकते हैं. पीरियड शुरू होने से पहले एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर गिर जाता है इससे स्किन पर लाल फुंसियां होने लगती है। इसके अलावा पीरियड्स के टाइम पर स्ट्रेस बढऩे लगता है, इससे भी फुंसियां हो सकती है।

इन बातों का रखें ध्यान

यही नहीं पीरियड्स आने से महिलाओं की दिनचर्या में भी काफी बदलाव आ जाता है. जिससे वह समय पर ना ठीक से खा पाती है, ना नींद ले पाती है। इसलिए भी पिंपल्स होने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ महिलाएं पीरियड्स के दौरान ऐसा खाना खाती है, जो उन्हें नहीं खाना चाहिए जैसे कि जंक फूड, फास्ट फूड या शराब पीना। इसलिए महिलाओं को पीरियड्स के पहले और थोड़े दिन बाद तक संतुलित आहार ही खाना चाहिए।

पीरियड्स में पेट दर्द एक आम समस्या है. इस दौरान कुछ महिलाएं दर्द की गोलियों का सेवन करती है. इन गोली की वजह से भी पिंपल्स हो सकते हैं। इसके अलावा पीरियड्स में महिलाएं चिड़चिड़ी हो जाती है, जिससे वह समय पर फेस की केयर नहीं कर पाती है। इस वजह से भी उन्हें पिंपल्स हो सकते हैं।

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