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प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के, 132वें संस्करण को सुना, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।
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मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, डीएम सविन बंसल के धरातलीय निरीक्षण से निकली, चिकित्सालयों की सुविधा की राह। 
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सीएम धामी ने सुना ‘मन की बात’ का, 132वां एपिसोड, जनप्रतिनिधियों संग साझा किए विचार।
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डीएम सविन बंसल की क्यूआरटी अलर्ट, 7 गैस एजेंसियों व 87 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी, 05 घरेलू सिलेंडर जब्त।
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मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री से भेंट कर रेल एवं ‘डिजिटल कुम्भ 2027’ पर की चर्चा।
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चाय उत्पादन तकनीकों के अध्ययन के लिए, विधायकों और अधिकारियों संग असम जाऐंगे कृषि मंत्री गणेश जोशी।
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एसजीआरआर विश्वविद्यालय में, अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन, वैश्विक विशेषज्ञों ने साझा किए विचार।
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मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में अवस्थापना विकास से जुड़ी, विभिन्न योजनाओं को प्रदान की वित्तीय स्वीकृति।
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पीएम मोदी के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत जिला प्रशासन अलर्ट, तैयारियों को लेकर डीएम सविन बंसल ने दिए दिशा निर्देश।
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पीरियड्स से पहले और बाद में क्यों होते हैं फेस पर पिंपल्स? क्या है इसकी वजह

पीरियड्स से पहले और बाद में क्यों होते हैं फेस पर पिंपल्स? क्या है इसकी वजह

पीरियड्स के दौरान हारमोंस चेंज होने लगते हैं. ऐसे में महिलाओं में कई सारे बदलाव देखे जाते हैं। पीरियड्स आने के पहले और बाद में महिलाओं को चिड़चिड़ापन, कमर दर्द, पेट दर्द, घबराहट जैसी दिक्कत होती है. इसके साथ ही बॉडी के अंदर भी कई हार्मोनल बदलाव देखे जाते हैं. पीरियड्स आना एक नेचुरल प्रोसेस है, जो हर महीने आता है. ऐसे में अधिकतर लड़कियों के फेस पर पिंपल्स होने की समस्या देखी गई है. पीरियड शुरू होने के कुछ दिन पहले से ही लड़कियों को चेहरे पर छोटी-छोटी फुंसियां होने लगती है। ऐसा हार्मोनल बदलाव के कारण होता है।

लेकिन इसके और भी कारण हो सकते हैं. पीरियड्स के दौरान शरीर में सूजन बढ़ जाता है. जो स्किन को लाल और चिड़चिड़ी बनता है जिससे पिंपल्स होने की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा एंड्रोजन नाम का हार्मोन बॉडी में बढ़ जाता है, जिससे भी पिंपल्स हो सकते हैं. पीरियड शुरू होने से पहले एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर गिर जाता है इससे स्किन पर लाल फुंसियां होने लगती है। इसके अलावा पीरियड्स के टाइम पर स्ट्रेस बढऩे लगता है, इससे भी फुंसियां हो सकती है।

इन बातों का रखें ध्यान

यही नहीं पीरियड्स आने से महिलाओं की दिनचर्या में भी काफी बदलाव आ जाता है. जिससे वह समय पर ना ठीक से खा पाती है, ना नींद ले पाती है। इसलिए भी पिंपल्स होने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ महिलाएं पीरियड्स के दौरान ऐसा खाना खाती है, जो उन्हें नहीं खाना चाहिए जैसे कि जंक फूड, फास्ट फूड या शराब पीना। इसलिए महिलाओं को पीरियड्स के पहले और थोड़े दिन बाद तक संतुलित आहार ही खाना चाहिए।

पीरियड्स में पेट दर्द एक आम समस्या है. इस दौरान कुछ महिलाएं दर्द की गोलियों का सेवन करती है. इन गोली की वजह से भी पिंपल्स हो सकते हैं। इसके अलावा पीरियड्स में महिलाएं चिड़चिड़ी हो जाती है, जिससे वह समय पर फेस की केयर नहीं कर पाती है। इस वजह से भी उन्हें पिंपल्स हो सकते हैं।

पीरियड्स के दौरान हारमोंस चेंज होने लगते हैं. ऐसे में महिलाओं में कई सारे बदलाव देखे जाते हैं। पीरियड्स आने के पहले और बाद में महिलाओं को चिड़चिड़ापन, कमर दर्द, पेट दर्द, घबराहट जैसी दिक्कत होती है. इसके साथ ही बॉडी के अंदर भी कई हार्मोनल बदलाव देखे जाते हैं. पीरियड्स आना एक नेचुरल प्रोसेस है, जो हर महीने आता है. ऐसे में अधिकतर लड़कियों के फेस पर पिंपल्स होने की समस्या देखी गई है. पीरियड शुरू होने के कुछ दिन पहले से ही लड़कियों को चेहरे पर छोटी-छोटी फुंसियां होने लगती है। ऐसा हार्मोनल बदलाव के कारण होता है।

लेकिन इसके और भी कारण हो सकते हैं. पीरियड्स के दौरान शरीर में सूजन बढ़ जाता है. जो स्किन को लाल और चिड़चिड़ी बनता है जिससे पिंपल्स होने की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा एंड्रोजन नाम का हार्मोन बॉडी में बढ़ जाता है, जिससे भी पिंपल्स हो सकते हैं. पीरियड शुरू होने से पहले एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर गिर जाता है इससे स्किन पर लाल फुंसियां होने लगती है। इसके अलावा पीरियड्स के टाइम पर स्ट्रेस बढऩे लगता है, इससे भी फुंसियां हो सकती है।

इन बातों का रखें ध्यान

यही नहीं पीरियड्स आने से महिलाओं की दिनचर्या में भी काफी बदलाव आ जाता है. जिससे वह समय पर ना ठीक से खा पाती है, ना नींद ले पाती है। इसलिए भी पिंपल्स होने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ महिलाएं पीरियड्स के दौरान ऐसा खाना खाती है, जो उन्हें नहीं खाना चाहिए जैसे कि जंक फूड, फास्ट फूड या शराब पीना। इसलिए महिलाओं को पीरियड्स के पहले और थोड़े दिन बाद तक संतुलित आहार ही खाना चाहिए।

पीरियड्स में पेट दर्द एक आम समस्या है. इस दौरान कुछ महिलाएं दर्द की गोलियों का सेवन करती है. इन गोली की वजह से भी पिंपल्स हो सकते हैं। इसके अलावा पीरियड्स में महिलाएं चिड़चिड़ी हो जाती है, जिससे वह समय पर फेस की केयर नहीं कर पाती है। इस वजह से भी उन्हें पिंपल्स हो सकते हैं।

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