Breaking News
विकसित भारत की ओर निर्णायक कदम, दूरदर्शी व जनकल्याणकारी बजट, माला राज्य लक्ष्मी शाह।
विकसित भारत की ओर निर्णायक कदम, दूरदर्शी व जनकल्याणकारी बजट, माला राज्य लक्ष्मी शाह।
गुरु रविदास जयंती की पूर्वसंध्या पर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश।
गुरु रविदास जयंती की पूर्वसंध्या पर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश।
जन सुरक्षा व सुविधा सर्वोपरि, मानकों की अनदेखी हुई तो एजेंसियों के विरुद्ध जब्ती व विधिक कार्रवाई तय, डीएम सविन बंसल।
जन सुरक्षा व सुविधा सर्वोपरि, मानकों की अनदेखी हुई तो एजेंसियों के विरुद्ध जब्ती व विधिक कार्रवाई तय, डीएम सविन बंसल।
शिक्षा ही एक ऐसा टूल, हथियार जिससे निकलते हैं सशक्तिकरण, सफलता के रास्ते, डीएम सविन बसंल।
शिक्षा ही एक ऐसा टूल, हथियार जिससे निकलते हैं सशक्तिकरण, सफलता के रास्ते, डीएम सविन बसंल।
कोटद्वार में मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात, 326 करोड़ से अधिक की 61 योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास।
कोटद्वार में मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात, 326 करोड़ से अधिक की 61 योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास।
सीएम धामी के विकास विजन को, धरातल पर उतारने में जुटे आवास सचिव, हरिद्वार में हुई एचआरडीए के कार्यों की अहम समीक्षा बैठक।
सीएम धामी के विकास विजन को, धरातल पर उतारने में जुटे आवास सचिव, हरिद्वार में हुई एचआरडीए के कार्यों की अहम समीक्षा बैठक।
लोक संस्कृति को विकास से जोड़ने की दिशा में सरकार निरंतर कार्यरत, मुख्यमंत्री धामी। 
लोक संस्कृति को विकास से जोड़ने की दिशा में सरकार निरंतर कार्यरत, मुख्यमंत्री धामी। 
शीतकालीन यात्राः आस्था के पथ पर नया अध्याय।
शीतकालीन यात्राः आस्था के पथ पर नया अध्याय।
मार्शल आर्ट में उत्तराखंड का भविष्य उज्जवल, रेखा आर्या।
मार्शल आर्ट में उत्तराखंड का भविष्य उज्जवल, रेखा आर्या।

गरीब और पिछड़े वर्गों के हितों का ध्यान रखें

गरीब और पिछड़े वर्गों के हितों का ध्यान रखें

कार्यस्थल पर कोई भी निर्णय लेते समय देश के गरीब और पिछड़े वर्गों के हितों का ध्यान रखें। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के अधिकारियों के समूह से मुलाकात के दौरान कहा। आर्थिक संकेतक प्रगति के उपयोगी मापदंड माने जाते हैं, इसलिए सरकारी नीतियों को प्रभावी और उपयोगी बनाने में अर्थशास्त्रियों की भूमिका को उन्होंने बहुत उपयोगी बताया।

राष्ट्रपति ने अधिकारियों से कहा, भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, ऐसे में उन्हें आने वाले समय में अपनी क्षमताओं को पूरी तरह विकसित कर उनका उपयोग करने के असंख्य अवसर मिलेंगे। कार्यस्थल पर नीतिगत सुझाव देते समय या निर्णय लेते हुए देश के गरीब और पिछड़े वर्गों के हितों का ध्यान रखें। आर्थिक विश्लेषण और विकास कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के साथ ही संसाधन वितरण प्रणाली और योजनाओं के मूल्यांकन के लिए उचित सलाह प्रदान करने की बात भी उन्होंने की।

2022-2023 के बैच के आईईएस अधिकारियों में 60त्न महिलाओं के होने की बात की और इससे महिलाओं के सर्वागीण विकास के लिए काम करने का आग्रह भी किया। ऐसे दौर में जब आर्थिक विसंगतियां बढ़ती जा रही हैं, राष्ट्रपति द्वारा अधिकारियों को यह सलाह देना देशवासियों के प्रति उनके मानवतावादी रवैये का द्योतक है। गरीबों और जरूरतमंदों के लिए बनाई गई सरकारी नीतियां जब तक प्रभावी नहीं होंगी, तब तक उनका लाभ लक्षित वर्ग तक पहुंचना मुश्किल है।

देखने में आता है कि सरकारें योजनाएं बना कर उन्हें बिसरा देती हैं। उच्चाधिकारियों के हाथ में है कि वे इनका क्रियान्वयन सुबीते से करें। नि:संदेह इस तरह की नौकरियों में देश के हर वर्ग और हर प्रांत के अधिकारियों का चयन होता है, इसलिए उन्हें बुनियादी समस्याओं और संकटों का भान होता है। स्वयं राष्ट्रपति ऐसे समुदाय और वर्ग से निकल कर सबसे बड़े पद तक पहुंची हैं कि उन्हें देशवासियों की समस्याओं का न केवल अहसास है, बल्कि गरीबों और  महिलाओं के समक्ष आने वाली चुनौतियों को भी उन्होंने करीब से देखा है।
किसी भी समाज की प्रगति तभी नजर आती है, जब उसका सर्वागीण विकास हो रहा हो। कहना न होगा कि आर्थिक असंतुलन ने हमारे संकटों को बढ़ाया है। यह चुनौती है, जिससे निपटना बेहद जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top