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14 सितंबर को डीएम करेंगे नशा मुक्ति अभियान का शुभांरभ, 30 सितंबर तक चलेगा नशामुक्ति का विशेष शपथ अभियान।
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मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं, निर्माण कार्यों के लिए ₹ 6 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
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पंजाबी समाज की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति, सेवा, साहस और राष्ट्रभक्ति भारत की शक्ति का प्रतीक, मुख्यमंत्री धामी।
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श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में गूंजा, ‘कॉलेज के टशनबाज’ का जोश।
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सैनिक कभी पूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है, मुख्यमंत्री धामी।
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पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर, जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से करें निर्वहन, डीएम।
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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने वात्सल्य योजना के 4812 लाभार्थियों को, 2.87 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि की वितरित।
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मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी स्थित शहीद स्मारक में, शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि।
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मुख्यमंत्री धामी ने श्री महालक्ष्मी अष्टभुजा मंदिर में, पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
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ऋषिपर्णा नदी के पुनर्जीवन का श्रीगणेश, उद्गम से होगा जीर्णोद्धार, डीएम डॉ. आशीष चौहान।

ऋषिपर्णा नदी के पुनर्जीवन का श्रीगणेश, उद्गम से होगा जीर्णोद्धार, डीएम डॉ. आशीष चौहान।

बार्लोगंज से काठबंगला तक 10 किमी क्षेत्र का प्लान तैयार, डीएम ने सभी विभागों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश।

नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, हमारी संस्कृति और सांसों की डोरी, डीएम।

देहरादून :- जिला प्रशासन ने देहरादून की जीवनरेखा मानी जाने वाली ऋषिपर्णा (रिस्पना) नदी के पुनर्जीवन की दिशा में बड़ी पहल करते हुए उद्गम स्थल से इसके जीर्णाेद्धार की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। प्रथम चरण में बार्लोगंज से काठबंगला तक लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण पूरा कर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आयोजित जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में संबंधित विभागों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप अभियान को गति देने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ एवं निर्मल नदियाँ केवल पर्यावरण संरक्षण का ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का भी आधार हैं। उन्होंने कहा कि नदियों को प्रदूषणमुक्त रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है और इसके लिए प्रशासन तथा समाज को मिलकर कार्य करना होगा।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रथम चरण में ऋषिपर्णा नदी बेसिन के ऊपरी क्षेत्र में भू-जल पुनर्भरण के लिए छोटे-छोटे चेकडैमों का निर्माण, व्यापक पौधरोपण, सौंदर्यीकरण तथा ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के माध्यम से स्रोत क्षेत्र को स्वच्छ एवं संरक्षित बनाया जाए। उन्होंने कहा कि साबरमती नदी के पुनर्जीवन में कार्य कर चुकी विशेषज्ञ टीम से तकनीकी सहयोग लिया जाए तथा पर्यावरण मित्रों और स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए इस अभियान को जनभागीदारी आधारित ‘ग्रैंड अभियान’ के रूप में संचालित किया जाए।

जिलाधिकारी ने नगर पालिका मसूरी को लालटिब्बा से शिखर फॉल तक तथा नगर निगम देहरादून को काठबंगला से डाउनस्ट्रीम क्षेत्र तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सिंचाई विभाग को चेकडैम निर्माण एवं तटों के सुदृढ़ीकरण के लिए शीघ्र कंसल्टेंसी फर्म के साथ अनुबंध करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि मैदानी क्षेत्रों में ऋषिपर्णा नदी में मिलने वाले सभी छोटे-बड़े नालों और सीवर के दूषित जल का उपचार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही नालों के माध्यम से नदी में पहुंचने वाले ठोस अपशिष्ट और सिंगल यूज प्लास्टिक को रोकने के लिए जालियां लगाकर पृथक्करण (सेग्रीगेशन) की व्यवस्था की जाए। उन्होंने आमजन को जागरूक करने के साथ ही नदी में कूड़ा-करकट डालने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए चालान करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में नगर निगम, नगर पालिका, सिंचाई एवं वन विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि नदी में गिरने वाले सभी छोटे-बड़े नालों तथा गारबेज प्वाइंट्स का चिन्हांकन पूरा कर लिया गया है। डम्पिंग साइट के चयन के बाद बजट तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं नदी बेसिन के ऊपरी क्षेत्र में चेकडैम निर्माण एवं उनके सुदृढ़ीकरण के लिए डीपीआर तैयार करने और विशेषज्ञ फर्म के चयन की कार्रवाई भी प्रगति पर है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, अधीक्षण अभियंता संजय राय सहित वन, सिंचाई, नगर निगम एवं नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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