Breaking News
हरियाणा के युवाओं ने मुख्यमंत्री धामी से साझा किए उत्तराखण्ड भ्रमण के अनुभव।
हरियाणा के युवाओं ने मुख्यमंत्री धामी से साझा किए उत्तराखण्ड भ्रमण के अनुभव।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सुभाष चंद्र बोस छात्रावास में, छात्रों को शैक्षणिक सामग्री की वितरित, मंत्री गणेश जोशी।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सुभाष चंद्र बोस छात्रावास में, छात्रों को शैक्षणिक सामग्री की वितरित, मंत्री गणेश जोशी।
संस्कारों की झलक, उत्तराखंड की परंपरा को नमन, बांसुरी स्वराज का कुछ ऐसा ही अंदाज देखने को मिला।
संस्कारों की झलक, उत्तराखंड की परंपरा को नमन, बांसुरी स्वराज का कुछ ऐसा ही अंदाज देखने को मिला।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह से, हायर कमांड कोर्स के अधिकारियों ने की मुलाकात।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह से, हायर कमांड कोर्स के अधिकारियों ने की मुलाकात।
नमो क्रिकेट लीग में मुख्यमंत्री धामी ने, खिलाड़ियों के साथ खेला क्रिकेट, बढ़ाया युवा खिलाड़ियों का उत्साह।
नमो क्रिकेट लीग में मुख्यमंत्री धामी ने, खिलाड़ियों के साथ खेला क्रिकेट, बढ़ाया युवा खिलाड़ियों का उत्साह।
नामांतरण मामलों का तय समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करें, आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद।
नामांतरण मामलों का तय समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करें, आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद।
रामपुर तिराहा के अमर बलिदानियों को, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी श्रद्धांजलि।
रामपुर तिराहा के अमर बलिदानियों को, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी श्रद्धांजलि।
गांधी और शास्त्री के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प, सत्य, अहिंसा, सादगी और स्वच्छता के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान।
गांधी और शास्त्री के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प, सत्य, अहिंसा, सादगी और स्वच्छता के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में, फेफड़े की बीमारियों की एडवांस जाॅचों के लिए एडवांस सेवा शुरू।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में, फेफड़े की बीमारियों की एडवांस जाॅचों के लिए एडवांस सेवा शुरू।

इटली की अत्याधुनिक इम्पल्स ऑसिलोमेट्री व बॉडी बॉक्स मशीन से होंगी फेफड़ों की सबसे सटीक जांच।

6 वर्ष से कम आयु के बच्चों की भी होगी बिना कठिनाई फेफड़ों की जांच। 

जटिल श्वास रोगों के निदान में मिलेगी नई तकनीकी ताकत।

देहरादून :- श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। अस्पताल के छाती एवं श्वास रोग विभाग में अत्याधुनिक इम्पल्स ऑसिलोमेट्री तथा बॉडी बॉक्स मशीनों की स्थापना की गई है। इन आधुनिक जांच प्रणालियों के माध्यम से अब फेफड़ों की कार्यक्षमता का अत्यंत सूक्ष्म एवं वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सकेगा। विशेष बात यह है कि इम्पल्स ऑसिलोमेट्री मशीन के माध्यम से 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों, बुजुर्गों तथा ऐसे मरीजों की भी फेफड़ों की जांच संभव होगी, जो सामान्य स्पाइरोमेट्री टेस्ट नहीं करा पाते हैं। इससे अस्थमा, सीओपीडी, एलर्जी, छोटे वायुमार्गों की बीमारी तथा अन्य जटिल श्वास रोगों का शुरुआती चरण में ही सटीक निदान संभव होगा, जिससे मरीजों को समय पर उपचार का लाभ मिल सकेगा। देहरादून में अभी तक यह मशीने उपलब्ध न हो पाने के कारण फेफडे़ के गम्भीर मरीजों की अति सुक्ष्म जाॅच एक बड़ी चुनौती थी। अब इन मशीनों के सटीक परिणाम मरीजों को उपचार में बड़ी राहत देंगे। 

गुरुवार को छाती एवं श्वास रोग विभाग में आयोजित कार्यक्रम में श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के प्राचार्य डाॅ. उत्कर्ष शर्मा, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अनिल मलिक, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. वीरेन्द्र वर्मा तथा विभागाध्यक्ष डाॅ. जगदीश रावत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर इन आधुनिक मशीनों का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर छाती एवं श्वास रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. जगदीश रावत ने कहा, इम्पल्स ऑसिलोमेट्री फेफड़ों की जांच की अत्याधुनिक तकनीक है, जिसमें मरीज को केवल सामान्य रूप से सांस लेनी होती है। यह मशीन फेफड़ों की वायु नलिकाओं में होने वाले अत्यंत सूक्ष्म परिवर्तनों का भी पता लगा लेती है, जिन्हें सामान्य स्पाइरोमेट्री से पहचानना कई बार संभव नहीं होता। यह जांच विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी है। इससे अस्थमा, एलर्जी, सीओपीडी तथा स्मॉल एयरवे डिजीज जैसी बीमारियों का शुरुआती अवस्था में ही सटीक निदान किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि बॉडी बॉक्स फेफड़ों की संपूर्ण क्षमता, अवशिष्ट वायु तथा फेफड़ों में हवा के प्रवाह का विस्तृत विश्लेषण करने वाली अत्याधुनिक जांच प्रणाली है। कई बार ऐसी फेफड़ों की बीमारियां, जो सामान्य स्पाइरोमेट्री में स्पष्ट नहीं हो पातीं, उनका पता बॉडी बॉक्स जांच से लगाया जा सकता है। यह तकनीक फेफड़ों की कार्यप्रणाली का समग्र मूल्यांकन कर उपचार की सही दिशा तय करने में चिकित्सकों की महत्वपूर्ण सहायता करती है। उन्होंने कहा कि दोनों मशीनों के शुरू होने से राज्य के मरीजों को अब उच्चस्तरीय फेफड़ा जांच सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी तथा जटिल श्वास रोगों का अधिक सटीक, वैज्ञानिक और समयबद्ध उपचार संभव हो सकेगा। इस अवसर पर अस्पताल के विभिन्न विभागांे के विभागाध्यक्ष, डाॅक्टर, अस्पताल स्टाफ, छाती एवम् श्वास रोग विभाग के सभी डाॅक्टर व स्टाफ उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top