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धामी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में, 28 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी।
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डीएम सविन बंसल की संवेदनशील पहल, नारी निकेतन की संवासिनियों को मिला आत्मीयता व स्नेह का अनुभव।
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‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में सभी विद्यालयों की भागीदारी अनिवार्य, डाॅ. धन सिंह रावत।
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केन्द्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत-2047 और, आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सशक्त रोडमैप, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। 
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गढ़वाल और कुमाऊँ में एक-एक, स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने, जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के अंतर्गत चल रहे, निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण। 
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जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में, भिक्षावृत्ति के विरुद्ध कार्रवाई दो बालकों का रेस्क्यू।
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गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में, कांग्रेस नेताओं की अहम बैठक, 16 फरवरी को लोक भवन घेराव को लेकर हुई चर्चा। 
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मनसा देवी की भूस्खलन प्रभावित पहाड़ियों का अध्ययन, देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनीता केजरीवाल को लगाई फटकार, जारी किया नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनीता केजरीवाल को लगाई फटकार, जारी किया नोटिस

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनीता केजरीवाल को फेसबुक और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से 28 मार्च को हुई अदालती कार्यवाही के वीडियो पोस्ट और रीपोस्ट हटाने को लेकर नोटिस जारी किया है. हाई कोर्ट ने कोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करते हुए ये आदेश सख्ती के साथ दिया है. सुनीता केजरीवाल के खिलाफ ये मामला तब दर्ज हुआ जब सीएम केजरीवाल को पहली बार शराब नीति घोटाले के मामले में गिरफ्तारी होकर पुलिस की हिरासत में रहे थे.

सुनीता केजरीवाल ने जैसे ही इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर किया था. उसके बाद से ही विपक्ष की तरफ से उन पर सवाल उठने लगे थे. जिसके बाद विपक्षी दलों की तरफ से कोर्ट में सीएम केजरीवाल की पत्नी के खिलाफ याचिका दर्ज की गई. इस याचिका में बताया गया कि सुनीता केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल में कोर्ट की अदालती कार्यवाही की वीडियो को पोस्ट किया था. इस वीडियो में मुख्यमंत्री केजरीवाल अदालत में सबके सामने अपनी दलीले दे रहे थे. दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ईडी पर उनकी पार्टी को कुचलने का आरोप लगा रहे थे.

कोर्ट की सुनवाई के दौरान सीएम केजरीवाल ने ईडी पर आरोप लगाए कि ईडी का सिर्फ एक ही मकसद था. इसके आगे उन्होंने कहा कि कोर्ट में केवल उन लोगों को दिखाया गया, जो केवल उनके खिलाफ थे.
दिल्ली की अदालती में कार्रवाई की रिकॉर्डिंग करने वालों और उसे सोशल मीडिया पर फैलाने वालों के खिलाफ BJP ने FIR दर्ज करने की अपील की थी. इसके आगे कोर्ट में कहा गया इस तरह के एक्शन से ट्रायल कोर्ट के जजों की जान को खतरा हो सकता है. सुनीता केजरीवाल के खिलाफ याचिका में उनकी ,अक्षय मल्होत्रा, सोशल मीडिया यूजर नागरिक-इंडिया जीतेगा, प्रोमिला गुप्ता, विनीता जैन और डॉ. अरुणेश जैसे लोगो कार्रवाई की मांग की गई है.

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