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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, फिल्म “जलमभूमि” के पोस्टर का किया विधिवत विमोचन।
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हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन से निपटने पर मंथन, देश-विदेश के वैज्ञानिक और विशेषज्ञ देहरादून में जुटे।
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पुलिस मुख्यालय गंभीर मामलों की करे मानीटरिंग, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन।
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जनसेवाओं का संगम, प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में, 05 फरवरी को ग्राम द्वारा में बहुउद्देशीय का आयोजन शिविर।
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सीएम धामी के सख्त निर्देश, कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं, पुलिस का वर्क कल्चर सुधरे, आम आदमी को न सताया जाए।
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जिला प्रशासन का एक्शन, रोड़ कटिंग शर्तों का उल्लंघन, यूपीसीएल की अनुमति निरस्त।
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उत्तराखंड को रेल बजट में 4 हजार 769 करोड़ का हुआ आवंटन।
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मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय बजट 2026–27 को बताया, विकसित भारत @2047 और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का रोडमैप।
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हाउस आफ हिमालयाज बिक्री का आंकड़ा, 3.7 करोड़ के पार पहुंचा।
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IPC और CRPC की होगी छुट्टी, 1 जुलाई से देश में लागू होंगे 3 नए क्रिमिनल कानून

IPC और CRPC की होगी छुट्टी, 1 जुलाई से देश में लागू होंगे 3 नए क्रिमिनल कानून

नई दिल्ली। देश में 1 जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू होने जा रहे हैं. इस नए कानून के लागू होने के बाद देश में आईपीसी और सीपीआरपीसी की छुट्टी हो जाएगी.इसके अलावा अब किसी भी अपराध की एफआईआर किसी भी थाने में दर्ज कराई जा सकेगी. इसके अलावा औपनिवेशिक काल से चल रहे तीन कानून भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह नए क्रिमिनल कानून देश में लागू होंगे- भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 1 जुलाई से लागू होने जा रहे हैं.

ये तीनों कानून पिछले साल 2023 में संसद के मानसून सत्र के दौरान पेश किए गए थे. जो कि देश में अब लागू किए जाएंगे. नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS), 163 साल पुराने IPC की जगह लेगा. इसके अलावा आतंकवाद और राष्‍ट्रीय सुरक्षा जैसे खतरनाक अपराधों के मामले में सजा को और सख्‍त बनाया जाएगा.

राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले अपराधों को आतंकवाद के अपराध में परिभाषित किया गया है. मॉब लिंचिंग मामले को आतंक के रूप में गिना जाएगा. इस मामले की सजा आतंकवाद के अपराध के रूप में की जाएगी.

1 जूलाई से होंगे ये बदलाव
1. FIR से लेकर कोर्ट के निर्णय तक की सुनवाई पूरी तरह से ऑनलाइन होगी.
2.ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के तीन के अंदर करनी होगी FIR दर्ज, वरना होगी कड़ी कार्रवाई.
3. सात साल से ज्यादा सजा वाले सभी अपराधों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य की जाएगी.
4. यौन उत्पीड़न के मामले में 7 दिनों के अंदर जमा करनी होगी रिपोर्ट.
5. कोर्ट में पहली सुनवाई से पहले 60 दिनों के अंदर आरोप तय किया जाने का प्रावधान
6. आपराधिक मामलों में सुनवाई पूरी होने के 45 दिनों के अंदर करना होगा फैसला
7. भगोड़े अपराधियों को लेकर 90 दिनों के अंदर करना होगा केस दायर करने का प्रावधान
8. आतंकवाद, मॉब लींच‍िंग और राष्‍ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले अपराधों के ल‍िए सजा को और सख्‍त बनाया गया.
9. नए कानून में अपराधी को दस साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान होगा, जो बिना किसी इरादे के शादी का वादा करके धोखे से यौन संबंध बनाते हैं.

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