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धामी सरकार की झीलों को नई पहचान देने की तैयारी।
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विकसित भारत 2047 सरकार का सपना ही नहीं बल्कि, 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है, नितिन नबीन।
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पूरे क्षेत्र की तस्वीर तकदीर बदललेगी सतपुली झील, महाराज।
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संघर्ष और समर्पण के सीख देता है खेल, रेखा आर्या।
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टपकेश्वर महादेव मंदिर में, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ की पूजा अर्चना, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।
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गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, प्रजेंटेशन में ही न ही बल्कि धरातल पर दिखें सकरात्मक परिणाम, डीएम।
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पार्टी विचार बढ़ाने के लिए सांसद और विधायक निभाए अहम योगदान, नवीन।
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सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी को बताया ईडी की साजिश, कहा- मनगढ़ंत कहानी

सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी को बताया ईडी की साजिश, कहा- मनगढ़ंत कहानी

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) चीफ और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी गिरफ्तारी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक साजिश करार दिया. उन्होंने कोर्ट में दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में जमानत को चुनौती देने वाली ईडी की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि ईडी की काल्पनिक कहानी और साजिश के आधार पर जमानत को रद्द नहीं किया जा सकता है. मालूम हो कि पिछली महीने दिल्ली की एक निचली अदालत ने सीएम केजरीवाल को एक्साइज पॉलिसी केस से जुड़े ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत दे दी थी, लेकिन बाद में जांच एजेंसी ने दिल्ली हाई कोर्ट में आदेश को चुनौती दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीएम केजरीवाल की जमानत पर रोक लगाते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

निचली अदालत के फैसले को बताया सही
अरविंद केजरीवाल ने ईडी की याचिका पर अपने जवाब में कहा कि निचली अदालत के आदेश को रद्द करना न्याय की हत्या के समान होगा. केजरीवाल ने कहा, ‘जमानत देने का आदेश न केवल तर्कसंगत था, बल्कि प्रथम दृष्टया यह भी दर्शाता है कि ‘दोनों पक्षों के प्रासंगिक तर्कों और मंशाओं’ पर विचार करने, उन्हें ईमानदारी से दर्ज करने और उनसे निपटने में उचित विवेक का प्रयोग किया गया था.’ अरविंद केजरीवाल ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें परेशान करने और अपमानित करने के लिए गिरफ्तार किया गया था.

‘ईडी की ‘प्रताड़ना’ का शिकार हैं केजरीवाल’
सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष दलील दी है कि वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ‘प्रताड़ना’ का शिकार हैं और आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में निचली अदालत द्वारा उन्हें दी गई जमानत को रद्द करना ‘न्याय की गंभीर विफलता’ के समान होगा. उन्होंने कहा कि एजेंसी द्वारा दी गई सभी दलीलें कानून की नजर में अस्थिर हैं. केजरीवाल ने अपने जवाब में कहा, ‘इस बात का कोई सबूत या सामग्री मौजूद नहीं है कि AAP को दक्षिण समूह से धन या उन्नत रिश्वत मिली, गोवा चुनाव अभियान में उनका उपयोग करना तो दूर की बात है. AAP के पास एक भी रुपया वापस नहीं आया, और इस संबंध में आरोप लगाए गए हैं किसी भी ठोस सबूत से रहित हैं, जो उन्हें बिना किसी पुष्टि के अस्पष्ट, आधारहीन बना रहा है.’

ED ने दी ये दलील
इस बीच, ईडी ने अपने आरोप पत्र में कहा है कि केजरीवाल ने गोवा के एक लक्जरी होटल में रहकर दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति ‘घोटाले’ की ‘किकबैक’ से मिले कथित 100 करोड़ रुपये के हिस्से का ‘सीधे इस्तेमाल’ किया. ईडी की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने हालांकि दलील दी कि जांच एजेंसी को मंगलवार देर रात को ही केजरीवाल के जवाब की प्रति मिली है और उन्हें जवाब पढ़ने तथा प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए कुछ समय की जरूरत है. राजू ने कहा कि दस्तावेज मामले में पैरवी कर रहे वकील को सौंपे जाने चाहिए, न कि जांच अधिकारी को.

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