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धामी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में, 28 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी।
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डीएम सविन बंसल की संवेदनशील पहल, नारी निकेतन की संवासिनियों को मिला आत्मीयता व स्नेह का अनुभव।
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‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में सभी विद्यालयों की भागीदारी अनिवार्य, डाॅ. धन सिंह रावत।
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केन्द्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत-2047 और, आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सशक्त रोडमैप, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। 
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गढ़वाल और कुमाऊँ में एक-एक, स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने, जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के अंतर्गत चल रहे, निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण। 
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जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में, भिक्षावृत्ति के विरुद्ध कार्रवाई दो बालकों का रेस्क्यू।
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गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में, कांग्रेस नेताओं की अहम बैठक, 16 फरवरी को लोक भवन घेराव को लेकर हुई चर्चा। 
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मनसा देवी की भूस्खलन प्रभावित पहाड़ियों का अध्ययन, देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण।
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पेरिस पैरालंपिक 2024 शॉटपुट एफ57 स्पर्धा में, होकाटो होतोजी सीमा ने कांस्य पदक किया अपने नाम। 

पेरिस पैरालंपिक 2024 शॉटपुट एफ57 स्पर्धा में, होकाटो होतोजी सीमा ने कांस्य पदक किया अपने नाम। 

नई दिल्ली।  पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत को पूर्व सैनिक ने गौरवान्वित किया है। पुरुषों की शॉटपुट एफ57 स्पर्धा में होकाटो होतोजी सीमा ने अपने जीवन का सबसे शानदार प्रदर्शन किया। होकाटो ने 14.65 मीटर गोला फेंकने के साथ ही कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। उनके अलावा इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक ईरान के खिलाड़ी यासिन खोसारवी ने जीता, जबकि ब्राजील के खिलाड़ी टीपी दोस संतोष ने रजत पदक अपने नाम करने में सफलता पाई।

भारत ने अब तक कितने पदक जीते, किस पायदान पर है देश
पदक तालिका में 6 स्वर्ण, नौ रजत और 12 कांस्य पदक समेत भारत के कुल 27 पदक हो चुके हैं। भारत 17वें नंबर पर है। ईरान के यूं तो कुल 22 पदक हैं, स्वर्ण भी भारत की तरह 6 हैं, लेकिन 10 रजत के कारण ईरान भारत से आगे 16वें पायदान पर पहुंच गया है।

शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात कांटे की टक्कर वाले फाइनल मुकाबले में ईरानी खिलाड़ी ने 15.96 मीटर गोला फेंक कर पैरालंपिक खेलों का नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। सिल्वर मेडल जीतने वाले ब्राजील के खिलाड़ी ने 15.06 मीटर गोला फेंका। इसी स्पर्धा में भारत के एक अन्य भारतीय खिलाड़ी भी शीर्ष पांच में जगह बनाने में सफल रहा। पैरा एथलीट सोमन राणा 14.07 मीटर गोला फेंकने के साथ पांचवें नंबर पर रहे।

40 साल के पैरा एथलीट होकाटो होतोजी सीमा ने अपने प्रदर्शन से न केवल देश को गौरवान्वित किया है, बल्कि अपने जीवन से देश के तमाम युवाओं को भी प्रेरित किया है। उन्होंने 40 साल की आयु में जीवन का सबसे बेहतरीन खेल दिखाया और उम्र को केवल आंकड़ा भर सिद्ध कर दिखाया। इससे पहले शुक्रवार को खेले गए दूसरे मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ियों का दिन शानदार रहा। शुक्रवार को भारत ने ऊंची कूद में एक स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया।

शॉटपुट एफ57 का फाइनल मुकाबला कितना चुनौतीभरा रहा इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भाग ले रहे कुल 12 खिलाड़ियों में फ्रांस, यमन, हैती और सोमालिया के खिलाड़ियों ने इस सीजन का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन दर्ज कराया, जबकि उज्बेकिस्तान के एथलीट वाई ओडिलोव ने अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

इनके अलावा अर्जेंटीना और फिनलैंड के खिलाड़ियों ने भी चुनौती पेश की। पदक विजेताओं के अलावा दो और खिलाड़ी ऐसे रहे जिन्होंने 14 मीटर की लाइन पार करने में सफलता पाई। कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय एथलीट होकाटो दशमलव के बाद चंद अंकों (महज 0.41) के अंतर से रजत जीतने से चूक गए।

मीलों दूर से पेरिस की सरजमीं पर आकर देश को पदक दिलाने वाले एथलीट अपने प्रदर्शन से बेहद उत्साहित दिखे। ब्राजीली खिलाड़ी ने जहां रजत पदक जीत देश का नाम बढ़ाया तो दूसरी तरफ ईरानी खिलाड़ी यासिन खोसारवी ने पैरालंपिक के इतिहास में अभूतपूर्व प्रदर्शन कर इन खेलों का नया रिकॉर्ड कायम कर दिखाया।

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