Breaking News
सीएम धामी ने सिंचाई परियोजनाओं के अन्तर्गत, रिवर प्रोटक्शन कार्य एवं डीसिल्टिंग की प्रगति की समीक्षा की।
सीएम धामी ने सिंचाई परियोजनाओं के अन्तर्गत, रिवर प्रोटक्शन कार्य एवं डीसिल्टिंग की प्रगति की समीक्षा की।
निराश्रित, बेसहारा गोवंश संरक्षण के लिए, डीएम सविन बंसल ने स्वीकृत किए नए आश्रय। 
निराश्रित, बेसहारा गोवंश संरक्षण के लिए, डीएम सविन बंसल ने स्वीकृत किए नए आश्रय। 
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से शिष्टाचार भेंट कर जाना कुशलक्षेम।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से शिष्टाचार भेंट कर जाना कुशलक्षेम।
सीएम पुष्कर धामी ने पद्म भूषण सम्मान हेतु चयनित होने पर, भगत सिंह कोश्यारी को उनके आवास पर पहुंच कर दी बधाई।
सीएम पुष्कर धामी ने पद्म भूषण सम्मान हेतु चयनित होने पर, भगत सिंह कोश्यारी को उनके आवास पर पहुंच कर दी बधाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को, ज़मीन पर उतारने में जुटा आवास विभाग।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को, ज़मीन पर उतारने में जुटा आवास विभाग।
रूद्रपुर व पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का शीघ्र शुरू होगा संचालन, डॉ. धन सिंह रावत। 
रूद्रपुर व पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का शीघ्र शुरू होगा संचालन, डॉ. धन सिंह रावत। 
रंग ला रही डीएम सविन बंसल की पहल, प्रथम राजकीय नशा मुक्ति केंद्र से 7 व्यक्ति हुए नशामुक्त।
रंग ला रही डीएम सविन बंसल की पहल, प्रथम राजकीय नशा मुक्ति केंद्र से 7 व्यक्ति हुए नशामुक्त।
सेवा सप्ताह के तहत मंत्री गणेश जोशी ने, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को, श्रम-न्यूनीकरण उपकरण एवं पशु सखियों को स्मार्टफोन किए वितरित।
सेवा सप्ताह के तहत मंत्री गणेश जोशी ने, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को, श्रम-न्यूनीकरण उपकरण एवं पशु सखियों को स्मार्टफोन किए वितरित।
मुख्यमंत्री द्वारा अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए, रु. 195 करोड़ की धनराशि की मंजूरी।
मुख्यमंत्री द्वारा अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए, रु. 195 करोड़ की धनराशि की मंजूरी।

इस साल समय पर बर्फबारी होने से, फूलों की घाटी में अच्छे फूल खिलने की उम्मीद।

इस साल समय पर बर्फबारी होने से, फूलों की घाटी में अच्छे फूल खिलने की उम्मीद।

दिसंबर में ही जमी चार फीट तक की बर्फ।

फूलों की घाटी में अच्छे फूलों के खिलने के लिए होती है अच्छी बर्फबारी की जरूरत।

देहरादून/चमोली :- इस वर्ष दिसंबर माह में अच्छी बर्फबारी हुई, जिसका सीधा असर फूलों की घाटी में खिलने वाले फूलों पर देखा जाएगा। विश्व धरोहर फूलों की घाटी में फूलों को खिलने के लिए दिसंबर और जनवरी माह में अच्छी बर्फबारी की जरूरत होती है। इस साल घाटी बर्फ से ढकी हुई है। समय पर बर्फबारी होने से इस साल फूलों की घाटी में अच्छे फूल खिलने की उम्मीद है। पिछले साल जनवरी माह में भी घाटी में बर्फ नहीं थी, मगर इस साल दिसंबर में ही बर्फबारी से यहां तीन से चार फीट तक बर्फ जमा है।

घाटी का निरीक्षण कर लौटी वन विभाग की टीम ने वहां की स्थिति बताई है। भारतीय वन्य जीव के पूर्व निदेशक व फूलों की घाटी के विशेषज्ञ जीएस रावत का कहना है कि घाटी में कई ऐसी प्रजाति के फूल खिलते हैं, जिनके लिए बर्फबारी अत्यंत जरूरी है। साथ ही कहा कि बर्फबारी कम होने से कई दुर्लभ प्रजाति के फूल खिल नहीं पाते हैं। इस साल समय पर बर्फबारी हुई, ऐसे में घाटी में अच्छी फ्लावरिंग की उम्मीद है। आने वाले दिनों में भी बर्फबारी की उम्मीद है जो फूलों और वनस्पति के लिए बहुत लाभदायक होगी।

फूलों की घाटी की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल का कहना है कि हाल ही में विभाग की टीम घाटी का निरीक्षण कर लौटी है। टीम ने बताया, घाटी में इस समय तीन से चार फीट तक बर्फ है। घाटी के लिए बर्फबारी बहुत लाभदायक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top