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श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में गोल्डन कार्ड पर मिल रहीं अनुमन्य चिकित्सा सुविधाएं।
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मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए, ₹22.15 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृति का किया अनुमोदन।
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मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन मंत्री से की भेंट, हल्द्वानी में उच्च न्यायालय के स्थायी परिसर निर्माण के प्रस्ताव पर की चर्चा।
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त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, मिठाई की दुकानों पर छापेमारी तेज।
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गृह मंत्री अमित शाह 6 नवंबर को उत्तराखंड स्थापना दिवस समारोह के मुख्य होंगे अतिथि, मुख्य सचिव ने लिया तैयारियों का जायजा।
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कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत बने, भारत स्काउट गाइड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष।
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गृहमंत्री अमित शाह का आगामी 6 नवंबर को देहरादून प्रस्तावित दौरे को लेकर, बीजेपी ने संगठनात्मक तैयारियां की तेज।
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कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सेब की अति सघन बागवानी का, प्रशिक्षण लेने 28 किसानों के दल को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।
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मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के माध्यम से, राज्य सरकार कर रही जरूरतमंद व प्रभावित बच्चों को आर्थिक संबल प्रदान, मंत्री रेखा आर्या।
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स्वाद के साथ-साथ फायदों से भी भरपूर होता है शहतूत का फल, डाइट में करें शामिल

स्वाद के साथ-साथ फायदों से भी भरपूर होता है शहतूत का फल, डाइट में करें शामिल

जब बेरी खाने की बात आती है तो आमतौर पर लोग स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और चेरी आदि पसंद करते हैं, लेकिन भारत में मिलने वाली एक बेरी के बारे में कम ही लोग जानते हैं।हम शहतूत की बात कर रहे हैं, जो पोषक तत्वों और मीठे स्वाद से लैस होती है। इनका स्वाद काफी हद तक अंगूर और ब्लैकबेरी जैसा होता है। इसे मलबेरी भी कहते हैं, जिसे डाइट का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए।

पाचन स्वास्थ्य में सुधार
शहतूत में पर्याप्त मात्रा में आहार फाइबर होता है, जिसकी हमारे शरीर को उचित पाचन के लिए जरूरत होती है। इसके सेवन से पेट में गया खाना आसानी से पच जाता है।अगर आपको कब्जियत की परेशानी है तो शहतूत खाने से उसे सुधारा जा सकता है। इन्हें खाने से हमें सूजन और पेट में ऐंठन की समस्या से राहत मिल सकती है।इस बेरी को खान-पान का हिस्सा बनाने से वजन घटाने में भी सहायता मिलती है।

नियंत्रित रहता है रक्त शर्करा का स्तर
आप अपने शरीर में शक्कर के स्तर को संतुलित रखना चाहते हैं तो सफेद शहतूत आपको सबसे अच्छे परिणाम देगा।अध्ययनों से पता चलता है कि सफेद शहतूत में मौजूद कुछ रसायन टाइप-2 मधुमेह के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं से मेल खाते हैं।अगर आप भी इस बीमारी से जूझ रहे हैं तो डॉक्टरों की सलाह के बाद इन्हें डाइट में जोड़ें। यह शरीर के रक्त में चीनी की मात्रा को नियंत्रण में रख सकता है।

कम हो सकते हैं कैंसर के लक्षण
शहतूत एंथोसायनिन से भरपूर होता है, जो कैंसर कोशिकाओं से लडऩे में मददगार होता है। इसमें रेसवेराट्रॉल भी मौजूद होता है, जो कैंसर-रोधी गुणों के लिए जाना जाता है।इसके सेवन से कोलन कैंसर, त्वचा कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और थायरॉयड से लडऩे में सहायता मिल सकती है। कैंसर के लक्षणों को कम करने के लिए डॉक्टरी सलाह के बाद न सिर्फ यह फल, बल्कि इसकी पत्तियां और पेड़ की छाल भी खान-पान में जोड़ी जा सकती है।

हड्डियां होती हैं मजबूत
हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए विटामिन- के, कैल्शियम और आयरन जैसे पोषक तत्वों का सही मात्रा में मिलना जरूरी होता है। इन सभी तत्वों को आप शहतूत के सेवन से पा सकते हैं।ये पोषक तत्व कमजोर हड्डियों की परेशानी को दूर करने के लिए जाने जाते हैं। रोजाना शहतूत खाने से आप ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया जैसी हड्डियों की दिक्कत को प्राकृतिक रूप से कम कर सकते हैं।ब्लूबेरी के सेवन से भी शरीर को कई लाभ मिलते हैं।

सर्दी-जुकाम से मिलती है निजात
अगर आप अकसर सर्दी-जुकाम से परेशान रहते हैं तो इस समस्या को शहतूत खाने से दूर किया जा सकता है। सफेद शहतूत शरीर के जहरीले और नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया को मारने के लिए जाने जाते हैं।इसे डाइट में शामिल करने से बंद नाक को खोला जा सकता है और बहती नाक को भी कुछ हद तक ठीक किया जा सकता है। शहतूत में फ्लेवोनोइड्स भी होते हैं, जो जुकाम से आराम दिलाते हैं।

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