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14 सितंबर को डीएम करेंगे नशा मुक्ति अभियान का शुभांरभ, 30 सितंबर तक चलेगा नशामुक्ति का विशेष शपथ अभियान।
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मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं, निर्माण कार्यों के लिए ₹ 6 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
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पंजाबी समाज की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति, सेवा, साहस और राष्ट्रभक्ति भारत की शक्ति का प्रतीक, मुख्यमंत्री धामी।
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श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में गूंजा, ‘कॉलेज के टशनबाज’ का जोश।
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सैनिक कभी पूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है, मुख्यमंत्री धामी।
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पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर, जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से करें निर्वहन, डीएम।
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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने वात्सल्य योजना के 4812 लाभार्थियों को, 2.87 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि की वितरित।
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मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी स्थित शहीद स्मारक में, शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि।
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मुख्यमंत्री धामी ने श्री महालक्ष्मी अष्टभुजा मंदिर में, पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
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आतंकवाद पर अब सिर्फ कार्रवाई होगी, बातचीत नहीं- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

आतंकवाद पर अब सिर्फ कार्रवाई होगी, बातचीत नहीं- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री ने चेताया – हर साजिश का जवाब मिलेगा, बातचीत अब सीमित मुद्दों पर ही होगी

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान के अधीन जम्मू-कश्मीर का क्षेत्र (पीओके) भविष्य में भारत का हिस्सा अवश्य बनेगा। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान से संवाद केवल दो विषयों—आतंकवाद और पीओके—पर ही सीमित रहेगा। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि पीओके के नागरिक हमारे ही भाई-बहन हैं, और एक दिन वे स्वयं यह कहेंगे कि वे भारत में शामिल होना चाहते हैं। आतंकवाद को लेकर भारत की नीति अब पूरी तरह से सख्त हो चुकी है, और किसी भी साजिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

राजनाथ सिंह नई दिल्ली में आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के वार्षिक व्यापार सम्मेलन 2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में अस्थिरता का माहौल है, जिसका मुख्य कारण है – आपसी विश्वास की कमी।

‘पाकिस्तान को अब समझ आ गया है आतंकवाद की कीमत’

रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद अब पाकिस्तान के लिए फायदे का सौदा नहीं रह गया है। उसे अब इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। भारत ने न सिर्फ अपनी रणनीति बदली है, बल्कि आतंकवाद पर प्रतिक्रिया देने के तरीकों में भी बदलाव किया है। अब जब भी भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत होगी, वह सिर्फ आतंकवाद और पीओके से संबंधित होगी।

‘ऑपरेशन सिंदूर से देश ने आत्मनिर्भरता की ताकत देखी’

उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान ने मेक इन इंडिया पहल की सफलता को देशवासियों के सामने उजागर कर दिया है। अब यह सिद्ध हो चुका है कि देश की सुरक्षा और समृद्धि के लिए घरेलू रक्षा उत्पादन बेहद आवश्यक है। अगर यह आत्मनिर्भरता न होती, तो आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान और पीओके में हमारी सेना इतने प्रभावशाली ढंग से कार्रवाई नहीं कर पाती।

‘पीओके के लोग भी हमारे अपने हैं’

राजनाथ सिंह ने दोहराया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के निवासी हमारे अपने हैं, वे भारत के ही हिस्से हैं। उन्होंने कहा कि भारत ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और विश्वास जताया कि आज जो लोग राजनीतिक या भौगोलिक कारणों से अलग हैं, वे भविष्य में अवश्य भारत की मुख्यधारा में लौटेंगे।

‘पीओके के लोगों की हालत शक्ति सिंह जैसी’

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि पीओके के अधिकतर लोग भारत से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं, केवल कुछ मुट्ठी भर लोगों को भ्रमित किया गया है। उन्होंने पीओके के निवासियों की तुलना महाराणा प्रताप के छोटे भाई शक्ति सिंह से की, जो बाद में अपने भाई के पक्ष में आ खड़े हुए थे। उन्होंने विश्वास जताया कि एक दिन पीओके स्वयं भारत की ओर लौटेगा और कहेगा – “मैं भारत हूं, और मैं वापस आया हूं।”

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