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राजकीय शिक्षक संघ चुनाव में प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लेंगे शिक्षक, डॉ धन सिंह रावत। 
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विजय शंकर पांडेय बने देश के सर्वश्रेष्ठ पासपोर्ट अधिकारी, नई दिल्ली में मिला राष्ट्रीय सम्मान।

विजय शंकर पांडेय बने देश के सर्वश्रेष्ठ पासपोर्ट अधिकारी, नई दिल्ली में मिला राष्ट्रीय सम्मान।

देहरादून/नई दिल्ली :-  नई दिल्ली में 23 से 25 जून तक आयोजित क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान देहरादून के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी विजय शंकर पांडेय को देशभर में सर्वश्रेष्ठ पासपोर्ट अधिकारी के सम्मान से नवाज़ा गया। यह राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार उन्हें 24 जून को पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर प्रदान किया गया। सम्मान समारोह में उन्हें यह पुरस्कार विदेश राज्य मंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा द्वारा प्रदान किया गया। विजय शंकर पांडेय की कार्यकुशलता, समयबद्ध सेवाएं, पारदर्शिता और जनसुविधा केंद्रित कार्यशैली को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया है। यह उपलब्धि न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश के पासपोर्ट सेवा नेटवर्क के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा देशभर से आए क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारियों ने भाग लिया। इस सम्मान के लिए देहरादून आरपीओ के चयन को पासपोर्ट सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में उत्कृष्टता का प्रतीक माना जा रहा है।

देशभर के 37 क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों में से पहली बार देहरादून के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी विजय शंकर पांडेय को “सर्वश्रेष्ठ पासपोर्ट अधिकारी” के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें 24 जून को पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में विदेश राज्य मंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा द्वारा प्रदान किया गया। पांडेय को यह सम्मान उत्कृष्ट प्रशासनिक प्रदर्शन, सेवाओं में नवाचार और उत्तराखंड के दूरदराज के क्षेत्रों तक पासपोर्ट सेवाएं पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए दिया गया है। उनकी अगुवाई में देहरादून आरपीओ ने न केवल सेवाओं को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया, बल्कि आमजन तक उनकी सुलभता और विश्वसनीयता भी बढ़ाई। यह पहला अवसर है जब देहरादून कार्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान प्राप्त हुआ है, जो राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस उपलब्धि को प्रदेश में सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और आम जनता की सुविधा की दिशा में एक उदाहरणीय कदम के रूप में देखा जा रहा है।

पांडेय द्वारा शुरू किए गए ‘पासपोर्ट मोबाइल वैन शिविर’ ने उत्तराखंड के पर्वतीय और दुर्गम इलाकों में रहने वाले नागरिकों को बड़ी राहत दी। इस पहल के माध्यम से हजारों नागरिकों को घर के पास ही पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।उनके नवाचारों और समर्पित नेतृत्व के चलते देहरादून आरपीओ को हर वर्ष करीब 1.5 लाख पासपोर्ट जारी करने वाले कार्यालयों की श्रेणी में देशभर में अलग पहचान मिली है। यह उपलब्धि उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय बन गई है। यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक है, बल्कि यह दिखाता है कि सरकारी सेवाएं तकनीक और संवेदनशीलता के साथ मिलकर जनसामान्य के जीवन को कैसे बेहतर बना सकती हैं।

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