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सीएम धामी ने सिंचाई परियोजनाओं के अन्तर्गत, रिवर प्रोटक्शन कार्य एवं डीसिल्टिंग की प्रगति की समीक्षा की।
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निराश्रित, बेसहारा गोवंश संरक्षण के लिए, डीएम सविन बंसल ने स्वीकृत किए नए आश्रय। 
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से शिष्टाचार भेंट कर जाना कुशलक्षेम।
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सीएम पुष्कर धामी ने पद्म भूषण सम्मान हेतु चयनित होने पर, भगत सिंह कोश्यारी को उनके आवास पर पहुंच कर दी बधाई।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को, ज़मीन पर उतारने में जुटा आवास विभाग।
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रूद्रपुर व पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का शीघ्र शुरू होगा संचालन, डॉ. धन सिंह रावत। 
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रंग ला रही डीएम सविन बंसल की पहल, प्रथम राजकीय नशा मुक्ति केंद्र से 7 व्यक्ति हुए नशामुक्त।
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सेवा सप्ताह के तहत मंत्री गणेश जोशी ने, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को, श्रम-न्यूनीकरण उपकरण एवं पशु सखियों को स्मार्टफोन किए वितरित।
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मुख्यमंत्री द्वारा अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए, रु. 195 करोड़ की धनराशि की मंजूरी।
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आखिरकार जिला प्रशाासन ने, जिले के थानेें चौकियों में स्थापित कर ही दिए, आधुनिक लांग रेंज इमरजेंसी सायरन।

आखिरकार जिला प्रशाासन ने, जिले के थानेें चौकियों में स्थापित कर ही दिए, आधुनिक लांग रेंज इमरजेंसी सायरन।

राज्य में प्रथमबार आधुनिक लांग रेंज इमरजेंसी सायरन दून में स्थापित; ट्रायल सम्पन्न; COMMISSIONING कार्य जारी।

आपदा, आपातकाल जैसे हालातों में नागरिकों को अलर्ट व सुरक्षित करने हेतु; 08 व 16 किमी आधुनिक लांग रेंज इमरजेंसी सायरन स्थापित।

शुरूआती चरण में घनी आबादी वाले 13 स्थानों में स्थापित किये जा रहे हैं आधुनिक लांग रेज सायरन।

द्वितीय चरण में जिले के ऋषिकेश, विकासनगर, चकराता में भी लगेंगे आधुनिक लांग रेंज सायरन।

देहरादून :- जिलाधिकारी सविन बंसल की पहल से आपदा एवं बाहरी आक्रमण के दृष्टिगत जनमानस को अलर्ट करने हेतु राज्य में प्रथमबार जनपद देहरादून में आधुनिक लांग रेंज इमरजेंसी सायरन स्थापित किए जा रहें, जिनका सफल ट्रायल पूर्ण हो चुका है तथा फाइनल कमिशिनिंग चल रही है।

आपदा एवं आपातकाल स्थिति से जनमानस की सुरक्षा एवं अलर्ट करने के लिए जिला प्रशासन की तैयारी एडवांस स्टेज पर हैं अब देहरादून जिले को आधुनिक लांग रेंज इमरजेंसी सायरन से लेस किया जा रहा है। शुरूआती चरण में जिले में 16 किमी एवं 08 किमी रेंज तक सुनाई देने वाले एडवांस टैक्नॉलाजी वाले 13 सायरन सभी प्रमुख स्थानों पर लगाए गए हैं। जिनके परीक्षण के उपरान्त स्थापित किए गए है। प्रथम चरण में थाना पटेलनगर, राजपुर, डालनवाला, कैंट, कोतवाली, बसंत विहार, बिंदाल चौकी, लक्खीबाग चौकी/पुलिस लाईन, नेहरू कालोनी में 8 किमी रेंज तथा ऋषिकेश, प्रेमनगर, क्लेमेंटाउन, रायपुर में 16 किमी रेंज के आधुनिक लांग रेंज के सायरन स्थापित किए गए हैं। इनका ट्रिगर संबंधित थाना-चौकियों सहित जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में भी रहेगा। शुरूआती चरण में 16 किमी रेंज के 04 तथा 08 किमी रेंज के 09 आधुनिक सायरन स्थापित किये जा रहे हैं, जिससे पूरी देहरादून सिटी में एक साथ सायरन की आवाज सुनाई दे सकेगी।

युद्व एवं हवाई हमले जैसी हालात में आम नागरिकों को खतरे की चेतावनी देने और सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए शुरूआती चरण में राजधानी देहरादून के 13 प्रमुख स्थानों पर सायरन स्थापित किए गए है। जिलाधिकारी की पहल पर जिलें में पहली बार आर्मी, पैरामिलट्री, एयरपोर्ट, बड़े अस्पताल आदि वायटल इन्सटॉलेशन यूनिट रेपिड कम्यूनिकेशन सिस्टम भी लगाये जा रहे हैं, इससे बाहरी आक्रमण एवं अन्य अपातकालीन स्थिति में एक ही समय पर सभी संस्थानों से एक साथ कम्प्यूनिकेशन हो सकेगा। कई वर्षों बाद डीएम के आह्वान पर जिले मेें इमरजेंसी कम्यूनिकेशनस; पब्लिक वार्निंग अलर्ट सिस्टम उच्चीकृत किये जा रहे हैं।

आधुनिक लांग रेज सायरन लगाने का मकसद आपात स्थिति में आम नागरिकों से तुंरत जुडकर उनको खतरे का चेतावनी संदेश पहुंचाना है। ताकि सायरन की आवाज सुनते ही लोग खुले स्थानों से हटकर सुरक्षित स्थानों पर जा सके। दूसरे चरण में जनपद के ऋषिकेश, विकासनगर, चकराता एवं अन्य प्रमुख शहरों में भी चेतावनी सायरन स्थापित किए जाने की योजना है। ।

जिलें में 1970 दशक के में उस समय की आबादी के हिसाब से सायरन लगाए गए थे। वर्तमान में देहरादून की घनी आबादी में सभी स्थानों तक सायरन की आवाज पहुंचाने के लिए नए आधुनिक सायरनों की खरीद कर इनका परीक्षण कर लिया गया है। चन्हित पुलिस थाना-चौकियों में इनकों स्थापित किए जा रहे हैं। नए आधुनिक सायरन से सिविल डिफेंस सिस्टम को सुदृढ़ एवं सशक्त बनाने में मदद मिलेगी और आपात स्थिति में सिविल डिफेंस सिस्टम एक मजबूत स्तंभ की तरह नागरिक सुरक्षा मुहैया करने में कामयाब होगी।

 

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