देहरादून :- हाल ही में देहरादून में आई भीषण बारिश और बादल फटने से हुए नुकसान और प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड शासन के देहरादून प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि 15-16 सितंबर को हुई आपदा में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 से अधिक लोग लापता हैं। सहस्रधारा, मालदेवता, मजाडा और विकासनगर क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। कई घर, दुकानें, होटल और पुल बह गए, जिससे सैकड़ों लोग बेघर हो गए और व्यवसायी आर्थिक संकट झेल रहे हैं।
*ज्ञापन में प्रमुख रूप से यह मांगें रखी गईं—*
मृतक एवं लापता व्यक्तियों के परिजनों को तत्काल मुआवजा और पुनर्वास।
प्रभावित परिवारों को भोजन, पानी, वस्त्र और अस्थायी आवास की सुविधा।
दुकानदारों और कारोबारियों के लिए आर्थिक राहत पैकेज।
बाधित सड़क, पुल, बिजली और पानी की आपूर्ति शीघ्र बहाल की जाए।
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर और काउंसलिंग की व्यवस्था।
भविष्य में आपदा प्रबंधन के लिए ठोस योजना बनाई जाए।
लालचंद शर्मा ने कहा कि सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ितों तक राहत और मुआवजा शीघ्र पहुँचाना चाहिए, ताकि प्रभावित लोग अपने जीवन को पुनः व्यवस्थित कर सकें। साथ ही, वार्ड नंबर 32 में बंदरों की बढ़ती समस्या से निजात दिलाने हेतु बंदर बाड़े लगाने की भी मांग उठाई गई।
इसके अतिरिक्त पूर्व विधायक राजकुमार ने एमडीडीए कॉलोनी, चंदन रोड पर सुरक्षा जाल लगाने और मुआवजा तथा सफ़ाई व्यवस्था को लेकर मुद्दा उठाया। ज्ञापन में बिंदल और रिस्पना नदी में सुरक्षा जाल लगाने की भी मांग शामिल है।
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री गोदावरी थपली, प्रदेश प्रवक्ता दीप वोहरा, जिला पंचायत सदस्य गोविंद सिंह पंडित, प्रवीन त्यागी, सोमेन्द्र बोहरा, मुकेश सोनकर, सविता सोनकर, अर्जुन सोनकर, शुभम खरोला, गौरव राय, और अशोक खंडूरी उपस्थित रहे।
